दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सख्ती का असर, कम कट रहे चालान; हैरान करने वाले हैं आंकड़े

नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद सड़कों पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सख्ती के चलते लोगों में मोटे चालान का डर है. 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सख्ती का असर, कम कट रहे चालान; हैरान करने वाले हैं आंकड़े
दिल्ली में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के चालान भी कम हुए हैं.
नई दिल्ली: नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद सड़कों पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सख्ती के चलते लोगों में मोटे चालान का डर है. नतीजा लोग मुख्य मार्गों पर आते ही नियमों का पालन करते नजर आते हैं. यही वजह है कि दिल्ली में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के चालान भी कम हुए हैं. ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2018 में एक सितंबर से 30 सितंबर तक कुल 5,24,819 चालान हुए थे.. वहीं नया व्हीकल एक्ट (2019) लागू होने के बाद सितंबर महीने में कुल 1,73,921 चालान हुए हैं. आंकड़ों से साफ है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल 3,50,898 चालान कम हुए हैं
 
सितंबर 2018 और सितंबर 2019 एक महीने का आंकड़े का फर्क देखें: 
 
                                       2018         2019
बिना ड्राइविंग लाइसेंस    5120      11529
ओवर स्पीडिंग            13281     3366
ट्रिपल राइडिंग            15261     1853
नो हेलमेट                        104522    21154
ड्रिंग एंड ड्राइविंग        3682      1475
नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट 3279      13659
नो सीट बेल्ट                   40065    6445
 

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नया व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से लोगों में डर है. पहले जहां महिलाएं भी दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने से परहेज करती थीं..वह भी हेलमेट पहनने लगी हैं..जहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होते थे, वहां भी लोग अब ट्रैफिक सिग्नल फोलो करते हैं. अभिभावकों ने भी बच्चों को गाड़ी की चाबी देना बंद कर दिया है. दिन ही नहीं रात में भी लोग ट्रैफिक सिग्नल को फोलो करते हैं.. यह सब ट्रैफिक पुलिस की सख्ती और सख्त कानून की वजह से है.
 

नया व्हीकल एक्ट लागू होने पर दिल्ली में हेलमेट लगाने वाले पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बढ़ गए हैं. रेड लाइट जंप करने वालों की भी संख्या कम हो गई है. इतना ही नहीं, भारी जुर्माने से बचने के लिए अब सड़कों पर दुपहिया वाहन पर ट्रिपल राइडिंग भी कम हुई है और लोग कार में चलते हुए पहले की बजाए अधिक संख्या में सीट बेल्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं. शरब पीकर गाड़ी चलाने के मामले भी कम हुए हैं. यह तथ्य सड़क सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था सेव लाइफ फाउंडेशन के सर्वें में सामने आई हैं. नए नियम लागू होने पर फाउंडेशन ने दिल्ली के बुराड़ी चौक, भलस्वा चौक और मुकुंदपुर चौक पर सर्वे किया. 
 
यातायात नियमों का पालन करने वालों में बस चालक अव्वल नम्बर पर हैं. पहले जहां 7.5 फीसद चालक ही सीट बेल्ट लगाते थे, वहीं अब चालक 88 फीसद सीट बेल्ट लगा रहें हैं. कार चालते हुए सीट बेल्ट लगाने वालों में भी 17.8 फीसद बढ़ोत्तरी हुई है. दुपहिया वाहनों पर ट्रिपल राइडिंग के मामलों में 13.4 फीसद की कमी आई है.
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