एनजीटी ने दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी पर लगाया 25 हजार का जुर्माना

पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिये पर्याप्त उपाय नहीं करने के कारण लगाया गया जुर्माना 

एनजीटी ने दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी पर लगाया 25 हजार का जुर्माना
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) पर उसके द्वारा बड़ी मात्रा में पैदा किये जा रहे कूड़े के शोधन के लिये कोई तंत्र विकसित न करने और पर्यावरण कानूनों का अनुपालन करने में विफल रहने पर जुर्माना लगाया है. एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने डीटीयू को पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिये पर्याप्त उपाय नहीं करने के लिए 25,000 रूपये का पर्यावरण मुआवजा देने को कहा है.

पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस लेने वालों ने कहा कि उन्हें कारण बताओ नोटिस मिला और उन्होंने जरूरत के मुताबिक कदम उठाये. हालांकि, यह एक सतत प्रक्रिया है और नोटिस प्राप्त करने वाले के वकील द्वारा संस्थान की तरफ से यह आश्वस्त किया गया है कि भविष्य में भी वे उन सभी कदमों का पालन करते रहेंगे और आवश्यक प्रदूषण रोधी उपकरण लगायेंगे.’’

पीठ ने कहा, ‘‘हम अधिकरण के समक्ष दिये गये बयान को स्वीकार करते हैं, बशर्ते 25,000 रूपये पर्यावरण मुआवजे के तौर पर अदा किये जायें. यह रकम दो हफ्ते के भीतर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को दी जाये, और इसमें विफल रहने पर संबंधितों से भूमि राजस्व के बकाये के तौर पर प्राप्त की जाये.’’