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दक्षिण दिल्ली की सात कॉलोनियों में अगले आदेश तक एक पेड़ भी नहीं काटा जाए : NGT

एनजीटी ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को इस मामले में पक्षकार बनाया और सुनवाई की अगली तारीख से पहले उसका जवाब मांगा. 

दक्षिण दिल्ली की सात कॉलोनियों में अगले आदेश तक एक पेड़ भी नहीं काटा जाए : NGT
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सोमवार को निर्देश दिया कि आवासीय एवं शहरी मामलों के मंत्रालय और नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) द्वारा दक्षिण दिल्ली की सात कॉलोनियों में अगले आदेश तक एक भी पेड़ नहीं काटा जाए और पेड़ काटने के संबंध में यथास्थिति कायम रखी जाए. 

एनजीटी के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति जवाद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय , एनबीसीसी , केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), दक्षिण दिल्ली नगर निगम और अन्य को नोटिस जारी किये और उनसे सुनवाई की अगली तारीख 19 जुलाई से पहले अपने जवाब दाखिल करने को कहा. 

अधिकरण ने परियोजना प्रस्तावकों से एक स्पष्ट विवरण देने और पेड़ों की सटीक संख्या के बारे में सूचित करने को कहा जिन्हें पुन : विकास परियोजना के लिए काटने का प्रस्ताव है. 

एनजीटी ने कहा कि वैसे उच्च न्यायालय के सामने मामले की सुनवाई शुरू हुई है लेकिन परास्थितिकी को खतरे की आशंका और करीब 17 हजार पेड़ गिराने के लिये परियोजना प्रस्तावकों के प्रस्ताव को ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि अगर उचित प्रभाव आकलन नहीं किया गया तो इसका पर्यावरण पर गंभीर असर हो सकता है.

एनजीटी ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को इस मामले में पक्षकार बनाया और सुनवाई की अगली तारीख से पहले उसका जवाब मांगा. 

अधिकरण , गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) सोसाइटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ कल्चर , हेरिटेज , इन्वायरमेंट , ट्रेडिशन्स एंड प्रमोशन ऑफ नेशनल अवेयरनेस की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसने कॉलोनियों के पुन : विकास के लिए 16,000 से ज्यादा पेड़ों की प्रस्तावित कटाई पर रोक लगाने की मांग की है.