इसी महीने फंदे पर लटकाए जा सकते हैं निर्भया कांड के दरिंदे, तिहाड़ में हो रही तैयारी

अब राष्ट्पति जैसे ही मर्सी खारिज करने का आदेश देते हैं, उसके बाद 14 दिनों के बाद उसे फांसी दे दी जाएगी. राष्ट्पति का आदेश आने के 15वें दिन उसे फांसी पर लटकाया जा सकता है. इसी बीच कोर्ट से ब्लैक वारंट यानि डेथ वारंट जारी कराया जाएगा. 

इसी महीने फंदे पर लटकाए जा सकते हैं निर्भया कांड के दरिंदे, तिहाड़ में हो रही तैयारी
राष्ट्रपति की ओर से याचिका खारिज होते ही दोषियों को फांसी दे दी जाएगी.

नई दिल्ली: निर्भया केस के एक दोषी पवन जो मंडोली जेल में बंद था इसे रविवार (8 दिसंबर) को तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. अब राष्ट्पति जैसे ही मर्सी खारिज करने का आदेश देते हैं, उसके बाद 14 दिनों के बाद उसे फांसी दे दी जाएगी. राष्ट्पति का आदेश आने के 15वें दिन उसे फांसी पर लटकाया जा सकता है. इसी बीच कोर्ट से ब्लैक वारंट यानि डेथ वारंट जारी कराया जाएगा. 

विनय के अलावा किसी और दोषी ने मर्सी अर्जी नहीं लगाई है. उनके वकील अगर अब मर्सी लगाने के लिए कोर्ट को कहेंगे तो कोर्ट पर निर्भर करता है पर उम्मीद नहीं है, क्योंकि पहले ही समय दिया जा चूका है. 

राष्ट्पति ने हरी झंडी दी उसके तुरन्त बाद 15वें दिन फांसी दे दिए जाने की पूरी उम्मीद है. एक बात साफ है सभी चारों दोषियों अक्षय पवन मुकेश विनय सबका डेथ वारन्ट एक साथ दिया जाएगा. सूत्रों का कहना है रिव्यू पिटिशन डालने का अक्षय का कोई फायदा अब नहीं है.

एक महत्वपूर्ण प्वाइंट वैसे राष्ट्पति से खारिज होने के 14 दिन बाद फांसी दी जाती है, लेकिन अगर केंद्र सरकार और स्टेट को लॉ एन्ड ऑर्डर के हिसाब से फांसी पहले भी दी जा सकती है जरूरी नहीं 14 दिन का इंतजार हो.