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नीतू सोलंकी हत्याकांड: 9 साल से फरार था आरोपी, मौत से पहले दिया पुलिस को सुराग

नीतू सोलंकी पिछले एक साल से लिव-इन रिलेशनशिप में राजू गहलोत नाम के लड़के के साथ आश्रम के पास के हरि नगर में किराये के मकान में रह रही थी. 

नीतू सोलंकी हत्याकांड: 9 साल से फरार था आरोपी, मौत से पहले दिया पुलिस को सुराग
राजू ने पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए इस दौरान 15 से 20 मोबाइल बदल डाले.

नई दिल्ली: वर्ष 2011 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक बैग में लड़की का शव मिला था. हत्यारा उसका ब्वॉयफ्रेंड ही था. वहीं, अब नीतू सोलंकी हत्याकांड के आरोपी राजू गहलोत की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि बीमारी के कारण उसकी गुरुग्राम के हॉस्पिटल में मौत हुई. बता दें कि साल 2011 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक काले रंग के बैग में बंद टुकड़ों में कटी लड़की की लाश मिली थी. उसके शरीर पर मोर का टैटू बना हुआ था. शुरुआत में लड़की की पहचान न हो पाने की वजह से कुछ दिन बाद पुलिस ने लाश का अंतिम संस्कार कर दिया था.

वहीं, कुछ दिन बाद मीडिया में टैटू गर्ल के बारे में खबर पढ़कर एक शख्स आया और उसने मरी हुई लड़की की पहचान अपनी बेटी नीतू सोलंकी के तौर पर की. उसने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की थी. नीतू सोलंकी उस वक़्त मल्टीनेशनल कॉल सेंटर में काम करती थी और वो सिंगापुर जा रही है, ये बताकर वो घर से गई थी. लेकिन पिछले कुछ दिनों से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. नीतू सोलंकी की फोटो देखकर पुलिस ने लाश की पहचान नीतू सोलंकी के तौर पर कर ली.

केस को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया था. क्राइम ब्रांच को अपनी जांच में पता चला कि नीतू सोलंकी पिछले एक साल से लिव-इन रिलेशनशिप में राजू गहलोत नाम के लड़के के साथ आश्रम के पास के हरि नगर में किराये के मकान में रह रही थी. दोनों जाट समुदाय से होने की वजह से भी घरवालों को झूठ बोलकर अलग किराये पर रह रहे थे. राजू गहलोत इंडियन एयरलाइन्स में केबिन क्रू के तौर पर काम करता था. एक साथ रहने के दौरान कुछ समय बाद ही नीतू सोलंकी और राजू गहलोत में अक्सर झगड़े होने लगे थे. उसी झगड़े के दौरान 11 फरवरी 2011 को राजू ने नीतू की हत्या कर दी थी.

पहचान छुपाने के लिए उसकी लाश के कई टुकड़े कर के एक काले बैग में भरकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था. क्राइम ब्रांच ने पहली गिरफ्तारी के तौर पर राजू गहलोत के एक दोस्त नवीन शौकीन को गिरफ्तार किया था जिसने लाश को ठिकाने लगाने में राजू की मदद की थी. उसके बाद से ही क्राइम ब्रांच को राजू गहलोत की तलाश थी. उसको गिरफ्तार करने के लिए 150 से ज्यादा जगह रेड की थी. लेकिन राजू का कुछ भी पता नहीं चल पाया था. कई बार खबरें आई कि राजू गहलोत नेपाल के रास्ते विदेश भाग गया है. जबकि राजू गहलोत नाम बदलकर रोहन दहिया के नाम से गुरुग्राम की एक कंपनी में रिपोर्टिंग ऑफिसर के पद पर नौकरी कर रहा था. 

राजू ने पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए इस दौरान 15 से 20 मोबाइल बदल डाले. पुलिस को शिद्दत से जिस क़ातिल की तलाश थी वो जीते जी पुलिस के हाथ नही आया. ज़िंदगी के आखिरी पलों में उसने गंभीर बीमारी की हालत में अपनी मां को फोन किया और हालात ज्यादा खराब होने की खबर दी. राजू गहलोत की तलाश में पुलिस ने परिवार के नंबर को सर्विलांस पर लगाया हुआ था जिसको क्राइम ब्रांच ने सुन लिया और जब वो गुरुग्राम के हॉस्पिटल पर पहुंचे तो उसने राजू गहलोत को मरा हुआ देखा. 

आठ साल से जिस क़ातिल की तलाश में क्राइम ब्रांच लगी थी उसने अपनी ज़िंदगी के आखिरी पलों में खुद फोन करके पुलिस को अपना पता बता दिया. क्राइम ब्रांच के लिए राजू गहलोत की मौत के बाद टैटू गर्ल मर्डर मिस्ट्री की फाइल अब हमेशा के लिए बंद हो जाएगी.