नोएडा में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले हो जाएं अलर्ट! सोशल मीडिया पर आ जाएंगी तस्वीरें

नोएडा में अगर आपने ट्रेफिक नियमों का उल्लंघन किया तो आपकी गाड़ी के साथ आपकी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाएगा. इसके लिए परिवाहन विभाग ने ट्रेंड फोटोग्राफर नियुक्त किए हैं, जो नियम तोड़ने वालों की फोटो परिवहन विभाग को भेजते हैं.

नोएडा में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले हो जाएं अलर्ट! सोशल मीडिया पर आ जाएंगी तस्वीरें
नोएडा में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर है कैमरामैन की नजर.

नोएडा: ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को सबक सिखाने के लिए नोएडा प्रशासन ने अनोखा अभियान शुरू कर दिया है. नोएडा में अगर आपने ट्रेफिक नियमों का उल्लंघन किया तो आपकी गाड़ी के साथ आपकी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाएगा. इसके लिए परिवाहन विभाग ने ट्रेंड फोटोग्राफर नियुक्त किए हैं, जो नियम तोड़ने वालों की फोटो परिवहन विभाग को भेजते हैं. अगर आप नोएडा या ग्रेटर नोएडा में गाड़ी चला रहे हैं और ट्रैफिक निमयों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो हो सकता है आपके घर चालान आने से पहले आपके व्हाट्सएप या फेसबुक पर आपकी फोटो आ जाए. आप भले ही ट्रैफिक पुलिस और ऑटोमैटिक कैमरे की नजरों से बच जाएं, लेकिन आपको ये फोटोग्राफर रंगे हाथों पकड़ सकते हैं. इस बार न सिर्फ आपका चालान होगा बल्कि आपकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की जा सकती है. ये तस्वीरें ARTO Gautam Buddha Nagar नाम के फेसबुक पेज पर पोस्ट की जाएंगी. इस पेज से से करीब 50,000 लोग जुड़े हुए हैं.

व्हाट्सएप पर दिखने वाली ये तस्वीरें उन लोगों की हैं, जिन्हें ट्रैफिक नियम तोड़ते पकड़ज्ञ गया है. एक ही दिन में करीब 95 फोटो व्हाट्सएप और फेसबुक पर पोस्ट की जा चुकी हैं. किसी ने हेलमेट नहीं लगा रखा तो कोई सीट बेल्ट लगाना भूल गए थे. इन तस्वीरों में लोगों की गाड़ी का नंबर भी दर्ज हो जाता है, जिससे कानून तोड़ने वाले अपनी गलती मानने से इनकार भी नहीं कर सकते हैं. 

ये तस्वीरें आम कैमरे पर नहीं बल्कि, GPS enabled ऐप में ली जाती हैं, फोटो के साथ तारीख, जगह का नाम और समय भी दर्ज हो जाता है. इसके बाद इन तस्वीरों को परिवहन विभाग में भेजा जाता है. यहां पहले इन गाड़ियों का चालान होता है, उसके बाद इनकी तस्वीरें व्हाट्सएप और फेसबुक पर शेयर की जाती है.  

इस अभियान के लिए फोटोग्राफरों को खास ट्रेनिंग दी गई है. इन्हें ट्रैफिक नियमों से लेकर लोगों से बातचीत करने की भी विशेष ट्रेनिंग दी गई है. साथ ही सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी का पुलिस वेरिफिकेशन किया गया है. इतना ही नहीं निर्धारित फोटोग्राफरों को अथॉरिटी की तरफ से साइन किया हुआ आईडी कार्ड भी दिया गया है. इसके मिलने के बाद लोग निश्चिंत हो सकें कि उनकी फोटो प्रशासन की तरफ से खींची गई है. इस पूरे अभियान में जहां कुछ लोग प्रशासन का साथ देते हैं, वहीं कुछ लोगों को इन फोटोग्राफरों से झगड़ा भी करते हैं. ऐसे में लोगों को सही तरह से इस अभियान के बारे में समझाया जाता है और यातायात नियमों का पालन करने के लिए बताया जाता है.

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इस तरह से लोगों की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से प्रशासन नियम कानून सख्त कर रहा है या फिर इन नियमों के चलते लोगों की निजता का अधिकार छीन रहा है? ये फैसला कितना सही है ये जब हमने लोगों से पूछा तो कुछ ने इसका विरोध किया, वहीं कुछ ने माना की ये सही कदम है.

इस तरह के अभियान के चलते लोगों की निजता में दखल देना कितना सही है. इस पर गौतम बुद्ध नगर के सीनियर एआरटीओ हिमेश तिवारी ने कहा कि ये सभी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर ली गई हैं. इसका मुख्य उद्धेश्य है उन जगहों तक पहुंचना जहां आम तौर पर ट्रैफिक पुलिस नहीं है, या कैमरे नहीं लगे हैं.

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