आधार को मोबाइल से लिंक कराने वाले सावधान...आप भी हो सकते हैं इस धोखाधड़ी का शिकार

पुलिस ने ऐसे 3 लोगों को गिरफ्तार किया है जो आधार लिंक करने के वक्त फर्ज़ी सिम निकलवा कर 200 रुपये में बेचते थे.

आधार को मोबाइल से लिंक कराने वाले सावधान...आप भी हो सकते हैं इस धोखाधड़ी का शिकार
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया.
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नई दिल्‍ली: सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ऐसे 3 लोगों को गिरफ्तार किया है जो लोगों के आधार लिंक करने के वक्त नाम और पते से फर्ज़ी सिम निकलवा कर 200 रुपये में बेचते थे. वे इन सिमों को साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों को बेच देते थे. वे अपराधी इनका इस्तेमाल कर लोगों को फोन करते और कोई भी लुभावना ऑफर देकर लोगों से लाखों रकम ठग लेते थे. चांदनी महल थाने की पुलिस ने एक एक ऐसे ही गैंग को गिरफ्तार किया है. जो कस्ट्मर आधार लिंक करवाने आता ये उससे दो बार लिंक करवाते. पहले थम्ब लगाने के बाद बोलते की ठीक से नहीं हुआ और फिर दोबारा लिंक करवाते.

पहले लिंक से उसका नम्बर लिंक करते करते थे. दूसरी बार कराए गए लिंक से अपने पास रखा दूसरा नम्बर लिंक कर लिया करते थे. ऐसा करके वह फेक सिम तैयार हो जाता था...इसी गैंग के मास्टरमाइंड मनीष बंसल, जो बंसल टेलीकॉम के नाम से शोरूम चलता है. इसके साथ हेमंत और रवि अधिकारी को भी गिरफ्तार किया है. रवि अधिकारी ग्रांड होली डे Bacasions Pvt Ltd का डायरेक्टर है जो जालसाजी में अपनी कम्पनी का अकाउंट मुहैया करवाता था.

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बीमा पॉलिसी पर बेनिफिट का दिया था झांसा
चांदनी महल पुलिस को एक शख्स ने शिकायत की थी. उसके पास एक मोबाइल नंबर से फ़ोन आया है जिसमें कहा गया है की आपकी इश्‍योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट दिया जा रहा है जिसमें आपको 68000 रुपये मिलेंगे, इसके लिए आपको जो अकाउंट नंबर दिया जा रहा है, उसमें 28000 रुपये जमा करवाने होंगे. यह अकाउंट नंबर एक कंंपनी के नाम पर था. शिकायत मिलने के बाद दरियागंज की एसपी गीतांजली खण्डेवाल ने एक टीम बनाई. SHO राजीव गुणवन्ता, सब इंस्पेक्टर ठाकुर सिंह, ASI दिनेश, ASI सुरेंदर पाल कौशिक, कांस्टेबल मनोज, रजनीश और लव कुश की टीम में शामिल थे. पुलिस ने जांच के दौरान दो ऐसे शख्स ढूंढ़ निकले जो इनसे ठगे जा चुके थे. कानपुर के महावीर प्रसाद और राकेश शर्मा. महावीर प्रसाद और राकेश शर्मा को भी इस्श्योरेंस पॉलिसी पर बेनिफिट का झांसा देकर रकम अकाउंट में डलवा ली गई थी.

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दो बार अंगूठा लगाकर निकाल लेते थे दो सिम
पुलिस ने सबसे पहले जिस सिम से फ़ोन किए गए थे, उसका कस्टमर एप्लीकेशन फार्म (CAF) निकलवाया. यह सिम दिल्ली के शास्त्री नगर के बंसल टेलीकॉम द्वारा उपलब्ध करवाए गए थे. यह सिम जिसके नाम पर था जब उससे पूछताछ हुई तो उसने बताया की उसके पास ऐसा कोई सिम नहीं है. वह बंसल टेलीकॉम पर मोबाइल नंबर से अपने आधार नंबर को लिंक करवाने आया था, और उससे दो बार लिंक अंगूठा लगवाया था यह कहकर की पहला अंगूठा सही नहीं लगा, दोबारा लगाओ. पुलिस ने मनीष बंसल से जब पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया. मनीष ने बताया की किस तरह वह लोगों के आधार कार्ड को लिंक करवाने के बहाने उनके आधार से दूसरी सिम निकलवा लेता था और उस सिम को हेमंत को 200 रुपये में बेच देता था. इस तरह वह दिन भर में 40 सिम बेच देता था. इसके बाद हेमंत उस सिम को दिल्ली और NCR में अपराधियों को 400 से 500 रुपये में बेचता था. पुलिस ने मनीष के खुलासे के बाद हेमंत को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद नोएडा के सेक्टर 15 से रवि अधिकारी, कंंपनी केे डायरेक्टर, को गिफ्तार किया गया.

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