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प्रदूषण का प्रकोप, नोएडा में स्‍कूलों में बच्‍चों की आउटडोर एक्‍ट‍िव‍िटी पर लगी रोक

हवा की गुणवत्ता रविवार को बहुत खराब और गंभीर श्रेणियों के बीच रही, क्योंकि पटाखा फोड़ने से निकलने वाले प्रदूषक तत्व धीमी सतही हवाओं के चलते वातावरण में फंसे रहे.

प्रदूषण का प्रकोप, नोएडा में स्‍कूलों में बच्‍चों की आउटडोर एक्‍ट‍िव‍िटी पर लगी रोक
प्रदूषण की सबसे ज्‍यादा मार बच्‍चों पर पड़ रही है. फोटो : पीटीआई

नई दिल्ली : दिल्ली और नोएडा समेत पूरे एनसीआर में प्रदूषण का प्रकोप जस का तस बना हुआ है. हवा की गुणवत्ता रविवार को बहुत खराब और गंभीर श्रेणियों के बीच रही, क्योंकि पटाखा फोड़ने से निकलने वाले प्रदूषक तत्व धीमी सतही हवाओं के चलते वातावरण में फंसे रहे. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के अनुसार समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 397 दर्ज किया गया जो कि बहुत खराब श्रेणी में पड़ता है.

नोएडा प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में एसेंबली एवं आउटडोर एक्टिविटी पर आगामी आदेशों तक जिलाधिकारी बीएन सिंह के द्वारा रोक लगा दी गई है. इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त स्कूल कॉलेजों के प्रधानाचार्य एवं संचालकों के लिए पत्र प्रेषित किया गया है.

दिल्ली में वायु गुणवत्ता बहुत खराब और गंभीर श्रेणी के बीच रही : प्राधिकारी
केंद्र संचालित सिस्टम आफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग (एसएएफएआर) ने एक्यूआई 419 दर्ज किया जो कि गंभीर श्रेणी में पड़ता है. सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को पीएम2.5 (हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोमीटर से कम के व्यास के प्रदूषक कण) का स्तर 271 जबकि पीएम10 (हवा में मौजूद 10 माइक्रोमीटर से कम के व्यास के प्रदूषक कण) का स्तर 440 दर्ज किया गया.

सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली के 17 क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता गंभीर जबकि 18 क्षेत्रों में बहुत खराब दर्ज की गई. सीपीसीबी के अनुसार गाजियाबाद, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा और नोएडा में वायु की गणुवत्ता गंभीर जबकि गुड़़गांव में बहुत खराब दर्ज की गई.
वायु गुणवत्ता सूचकांक पर 301 से 400 के स्तर को बहुत खराब और 401 से 500 के स्तर को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है. एसएएफएआर ने अनुमान जताया है कि वायु गुणवत्ता में सोमवार तक ‘‘उल्लेखनीय सुधार’’ होगा. input : Bhasha