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दिल्ली: आनंद विहार में हवा की क्वालिटी आठ गुना खराब, इंदिरापुरम-वैशाली के लोगों के लिए खतरा

सबसे खराब हालत आनंद विहार के इलाके में है. यहां पर हवा में PM10 की मात्रा 732 माइक्रोग्राम प्रति क्यूविक मीटर दर्ज की गई. यह मानकों से सात गुना से अधिक है. 

 दिल्ली: आनंद विहार में हवा की क्वालिटी आठ गुना खराब, इंदिरापुरम-वैशाली के लोगों के लिए खतरा
आनंद विहार से सटे इंदिरापुरम रिहायशी इलाका है.

नई दिल्ली: दिवाली के पहले दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा बेहद खराब हो चुकी है. सोमवार तड़के जहां दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग का कहर दिखा वहीं कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर जानलेवा स्तर पर पहुंच गया. सबसे खराब हालत आनंद विहार के इलाके में है. यहां पर हवा में PM10 की मात्रा 732 माइक्रोग्राम प्रति क्यूविक मीटर दर्ज की गई. यह मानकों से सात गुना से अधिक है. वहीं आनंद विहार में PM 2.5 की हवा में मात्रा 517 माइक्रोग्राम प्रति क्यूविक मीटर रही. यह मानक से आठ गुणा अधिक है. आनंद विहार के इलाके में हवा का स्तर बेहद खराब होने से बड़ी आबादी इसकी चपेट में आते हैं. आनंद विहार से सटे इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा का इलाका पड़ता है. इन इलाकों में एनसीआर की बड़ी आबादी रहती है.

सोमवार सुबह दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 707 दर्ज किया गया, मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में हवा की गुणवत्ता 676 रही और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम की 681 दर्ज किया गया. दिल्लीवालों ने रविवार को चैन की सांस ली जब हवा की रफ्तार बढ़ने से और सरकार की ओर से लागू नियंत्रण उपायों के कारण वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आया. हालांकि अधिकारियों ने सोमवार से हवा की स्थिति बहुत खराब होने की चेतावनी दी थी.

रविवार को संपूर्ण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 169 पर दर्ज किया गया था जो ‘सामान्य श्रेणी’ में आता है. सुबह यह आंकड़ा 231 पर दर्ज किया गया था जो कि ‘खराब’ श्रेणी के तहत आता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ये डेटा जारी किये.

केन्द्र की ओर से संचालित ‘सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फारकास्टिंग एंड रिसर्च’ के एक अधिकारी ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार का कारण सतह पर वायु की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटे तक बढना है. यह प्रदूषण करने वाले तत्वों को बहा ले गया. इसके अलावा अधिकारियों द्वारा उठाए गए नियंत्रण उपायों ने भी इसमें योगदान दिया. शुक्रवार को एक्यूआई 370 पर था जो शनिवार को घटकर 336 हो गया था. अधिकारी ने कहा कि यह पाया गया कि पीएम 2.5 उत्सर्जन 432 टन प्रति दिन से घटकर 370 टन प्रति दिन हो गया.

संगठन ने कहा कि सोमवार शाम से नमी बढने की बहुत संभावना है जो प्रदूषण स्तर को बढ़ा सकता है. अधिकारी ने कहा, ‘एक्यूआई सोमवार को ‘बहुत खराब’ के निचले स्तर पर पहुंचने की आशंका है, क्योंकि वायुमंडल कुल मिलाकर साफ है.’ यह बात सोमवार को सही साबित हुई है.

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने यातायात विभाग और यातायात पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 1-10 नवंबर के बीच प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच करें और यातायात की भीड़ को नियंत्रित करें. प्रदूषण गतिविधियों की निगरानी रखने, तत्काल कार्रवाई करने के लिए 1-10 नवंबर तक ‘क्लीन एयर कैंपेन’ चलाया जा रहा है. रविवार को टीमों ने कुल 83,55,000 रुपये का कुल जुर्माना वसूला.

दिल्ली-एनसीआर में इस अभियान के तहत शुक्रवार और शनिवार को नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 80 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया. टीमें दिल्ली के अलावा फरीदाबाद, गुरूग्राम, गाजियाबाद और नोएडा के विभिन्न भागों का दौरा कर रही हैं.

दिल्ली वालों ने बीते तीन सप्ताह से ‘गंभीर’ श्रेणी में चल रही हवा के स्तर में सुधार का स्वागत किया. मयूर विहार की निवासी सरिता माथुर ने कहा, ‘मैंने हफ्तों बाद अपने बच्चों को खेलने के लिए बाहर भेजा. मुझे आशा है कि वायु गुणवत्ता अंतत: सुधरेगी और हम साफ सुथरी दिवाली मना पाएंगे.'