दिल्ली में आज प्रदूषण का स्तर बेहद खराब, अगले दो दिन में कुछ बेहतर होगी हवा

दिल्ली और एनसीआर की हवा लगातार जहरीली हो रही है.

दिल्ली में आज प्रदूषण का स्तर बेहद खराब, अगले दो दिन में कुछ बेहतर होगी हवा
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाके में आज प्रदूषण का बेहद खराब है. दिल्ली और एनसीआर की हवा लगातार जहरीली हो रही है. कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है. शुक्रवार (22 नवंबर) सुबह दिल्ली में प्रदूषण स्तर 355 दर्ज किया गया. वहीं, नोएडा में AQI 414 तक पहुंच गया है जबकि गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली के सभी 10 मॉनीटरिंग स्टेशनों पर AQI गंभीर स्थिति से बाहर है.

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा की बात करें तो यहां पर वायु की गुणवत्ता का स्तर 414 दर्ज किया गया. यह गंभीर श्रेणी में आता है. हरियाणा के गुरुग्राम की हवा दिल्ली और नोएडा से साफ, लेकिन AQI अब भी बहुत खराब है. यहां शुक्रवार को एक्यूआई 327 दर्ज किया गया.

मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिन भर में हल्का कोहरा देखने को मिलेगा जिसके चलते प्रदूषण का स्तर बहुत खराब स्तर पर बना रहेगा. कल से दो दिन तेज सतही हवाओं का अनुमान है जिससे प्रदूषण का स्तर और कम होने की उम्मीद है.

725 ऑटो पर कार्रवाई
गाजियाबाद प्रदूषण को लेकर शासन प्रशासन ने आज सख्त कार्रवाई की है .इसी के चलते प्रदूषण फैला रहे 725 ऑटो पर कार्रवाई करते हुए उनमें 475 ऑटो को सीज किया गया है, वही 275 से अधिक ऑटो के चालान भी काटे गए हैं. इस मामले में एसपी सिटी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि नवंबर माह यातायात माह होने की वजह से एवं प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से ऑटो चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था जिसमें ऐसे ऑटो को के खिलाफ कार्रवाई की गई है जो नियम विरुद्ध चल रहे थे .वह प्रदूषण भी फैला रहे थे .725 ऑटो पर कार्रवाई की गई है. जिनमें 475 ऑटो को सीज करने की कार्रवाई भी की गई है. इसके अलावा नियम विरुद्ध चल रहे 275 से अधिक ऑटो के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की गई है. और यह अभियान लगातार जारी रहेगा.

राष्ट्रपति ने जताई चिंता
दिल्ली में पलूशन को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी चिंता जता चुके हैं. उन्होंने मंगलवार को कहा कि ऐसे हालात में भविष्य की चिंता होती है और अस्तित्व खतरे में लगता है. राष्ट्रपति भावन में देश के आईआईटी, एनआईटी और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग साइंस ऐंड टेक्नॉलजी के निदेशकों से बातचीत में यह बात कही. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि आप लोग अपनी विशेषज्ञता से एयर पलूशन की समस्या का समाधान ढूंढ लेंगे और साथ ही छात्रों तथा शोधकर्ताओं में संवेदनशीलता जगाएंगे.