मैसूर के राजा की हड़पी थी संपत्ति, अब ED ने की बड़ी कार्रवाई

आरोप है कि Michel Floyd ने Edwin को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मरा हुआ दिखाया और उसकी संपति को धोखे से अपने नाम करा लिया. जब Edwin Joubert को इस बात की जानकारी मिली तो 2013 में मैसूर के नजराबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया.

मैसूर के राजा की हड़पी थी संपत्ति, अब ED ने की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली: ED ने ब्रिटिश नागरिक और मैसूर के महाराजा के Taxidermist Edwin joubert Veningen की धोखे से संपति हड़पने के आरोप में Michel Floyd Eshwer की PMLA के तहत 117.87 करोड़ की संपति अटैच की है. अटैच की गयी संपति में 220.19 एकड़ का घर, केरल के वायनाड़ में कॉफी प्लांट और 70 जानवरों से बनी ट्राफी है. 

आरोप है कि Michel Floyd ने Edwin को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मरा हुआ दिखाया और उसकी संपति को धोखे से अपने नाम करा लिया. जब Edwin Joubert को इस बात की जानकारी मिली तो 2013 में मैसूर के नजराबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने जांच के बाद Michel Floyed के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, साज़िश उगाही जैसी संगीन धाराओ में चार्जशीट दाखिल की थी. इसी चार्जशीट के आधार पर ED ने मनी लॉ़ड्रिंग के तहत मामला दर्ज कर धोखे से ली गयी संपति को अटैच कर लिया है. 

दरअसल, Edwin Joubert मैसूर के महाराजा के लिये Taxidermist, (मृत जानवरों की खाल को सजा कर रखने का काम करने वाला) का काम करते थे और महाराजा ने Edwin से खुश होकर मैसूर में संपति दे रखी थी. Michel Floyed घोड़ों को ट्रेंड करने का काम करता था और Edwin को जानता था. Michle Floyed को पता था कि Edwin Joubert की उम्र काफी ज्यादा है और उसने शादी नहीं की, इसी का फायदा उठा कर Floyed ने फर्जी दस्तावेज बनाये और खुद को Edwin का वारिस दिखाया और फिर Edwin को दस्तावेजों में मरा दिखा सारी संपति को अपने नाम करा दिया. 

Edwin को जब इस बात का पता चला तो 2013 में मैसूर के पुलिस स्टेशन में Michel Floyed के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया. हालांकि मामला दर्ज होने के कुछ दिनों बाद ही Edwin Joubert की मौत हो गयी. इसके बात Edwin के भतीजे ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले कि जांच के लिये याचिका लगाई जिसके बाद अदालत ने बैंगलुरू CID से इसकी जांच करवायी थी.