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राम रहीम पर जेल में हो चुके हैं 3 बार हमले, डेरा के डॉक्टर ने दायर की याचिका

याचिका में आरोप लगाया गया है कि जेल प्रशासन राम रहीम से उनको मिलने भी नहीं दे रहा है. जेल नियमों के तहत उनको फोन करने की सुविधा भी नहीं दी जा रही है. इस बाबत उन्होंने सुचना के अधिकार के तहत जेल नियमों की जानकारी मांगी थी कि एक कैदी के क्या अधिकार है, लेकिन उनको यह जानकारी भी नहीं दी गई.

राम रहीम पर जेल में हो चुके हैं 3 बार हमले, डेरा के डॉक्टर ने दायर की याचिका
गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर आने के लिए हर तिकड़म अपना रहा है.

चंडीगढ़: डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल के एक डॉक्टर मोहित गुप्ता ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि सुनारिया जेल में राम रहीम (Ram Rahim) की जान को खतरा है. याचिका में राम रहीम (Ram Rahim) को कोर्ट में पेश करने की मांग करते हुए उनकी सुरक्षा की मांग की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि जेल प्रशासन राम रहीम (Ram Rahim) से उनको मिलने भी नहीं दे रहा है. जेल नियमों के तहत उनको फोन करने की सुविधा भी नहीं दी जा रही है. इस बाबत उन्होंने सुचना के अधिकार के तहत जेल नियमों की जानकारी मांगी थी कि एक कैदी के क्या अधिकार है, लेकिन उनको यह जानकारी भी नहीं दी गई.

याचिका में जेल सुपरिटेंडेंट के चालक के पिता जो जेल के बाहर चाय की दुकान चलाते हैं, का हवाला देकर बताया कि जेल में राम रहीम (Ram Rahim) का शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. याचिका में बताया गया कि यह जेल कहने को तो सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन पिछले एक साल में इस जेल में दर्जनों गैंगवार, फोन मिलने की घटनाओं समेत बड़े अपराधियों को जेल में रखा जा रहा है, जो राम रहीम (Ram Rahim) के लिए एक खतरे से कम नहीं है. 

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि लोकसभा चुनाव में एक पार्टी के नेता ने उन पर उनकी पार्टी को समर्थन देने का भी दवाब बनाया था. याचिकाकर्ता ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया कि वह इस याचिका पर तुरंत सुनवाई के आदेश दें.

दुष्कर्म के दोषी राम रहीम (Ram Rahim) की पैरोल याचिका खारिज
मालूम हो कि इसी साल 27 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय के प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Ram Rahim) सिंह की पैरोल याचिका को खारिज कर दिया था. अपनी ही दो अनुयायी महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में बाबा को 20 साल की सजा हुई है.

दोषी बाबा की पत्नी हरजीत कौर ने बाबा की 85 वर्षीय बीमार मां नसीब कौर की देखभाल के लिए उसे तीन सप्ताह की पैरोल मांग की थी. अदालत का मत था कि राम रहीम (Ram Rahim) अपनी पैरोल के लिए खुद ही याचिका दायर कर सकता है. अच्छे आचरण की रिपोर्ट के आधार पर पैरोल देने की मांग की गई थी.

हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि राम रहीम (Ram Rahim) की मां का इलाज उसके संप्रदाय द्वारा चल रहे अस्पताल में करवाया जाना चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि उसका पूरा परिवार पहले से ही उसकी मां के साथ रह रहा है और उनके द्वारा बीमार की सेवा की जा सकती है. राम रहीम (Ram Rahim) रोहतक की जेल में अपनी सजा काट रहा है. इससे पहले जेल प्रशासन ने बीमार मां से पैरोल पर मिलने की इजाजत देने से उसे मना कर दिया था.