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राष्ट्र सेविका समिति ने सुषमा स्वराज के निधन पर कहा, 'हमारे लिए अपूरणीय क्षति'

राष्ट्र सेविका समिति ने कहा कि हम पुनः ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे. 

राष्ट्र सेविका समिति ने सुषमा स्वराज के निधन पर कहा, 'हमारे लिए अपूरणीय क्षति'
राष्ट्र सेविका समिति परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सुषमा ने जीवन पर्यंत भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अलख जगाए रखी.

नई दिल्ली: राष्ट्र सेविका समिति ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर शोक जताया है. राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय प्रमुख संचालिका वी शांता कुमारी ने कहा कि भारत की महान नेत्री सुषमा स्वराज के असामयिक निधन पर पूरा देश स्तब्ध और शोकाकुल है. दुख की इस घड़ी में हम उनके परिवार और प्रशसंकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो दिवंगत की आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे. 

उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज का राष्ट्र सेविका समिति से गहरा नाता था. वो समिति के हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित रहती थीं और हमारा उत्साहवर्धन करती थीं. अचानक आए इस आघात से राष्ट्र सेविका समिति परिवार व्यथित है. उनका अवसान हमारे लिए अपूरणीय क्षति है. 

राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यवाहिका सीता अन्नदानम ने कहा कि सुषमा स्वराज के निधन से मां भारती ने अपनी सुयोग्य, हीरे जैसी बेटी को खो दिया. महान जननेता, प्रभावशाली सांसद, कुशल एवं सफल प्रशासक, मंत्री, अद्वितीय वक्ता, बहुभाषी सुषमा का अवसान उनके परिवार के लिए ही नहीं, भारतीय जनता पार्टी और संपूर्ण भारत के लिए अपूरणीय क्षति है.

 

राष्ट्र सेविका समिति परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सुषमा ने जीवन पर्यंत भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अलख जगाए रखी. बड़े से बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वो पूरे भारतीय साज-सिंगार, माथे पर बिंदी और मांग में सिंदूर के साथ सुशोभित होती थीं. उन्हें रावण रचित अत्यंत कठिन तांडव स्त्रोत मुंहजबानी याद था. वो अत्यंत शालीन, निर्मल और वात्सल्य से परिपूर्ण थीं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर हिमालय समान दृढ़ भी थीं. वो कोटि-कोटि भारतीय महिलाओं की आदर्श और प्रेरणास्रोत थीं.  

राष्ट्र सेविका समिति ने कहा कि हम पुनः ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे. विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान, विचारधारा के प्रति उनका समर्पण, उनका वात्सल्यपूर्ण व्यवहार भारतवासियों को सदा याद रहेगा. वो सदा भारतीय महिलाओं की आदर्श और प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी.