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'मौत का हाईवे' बना यमुना एक्‍सप्रेस-वे, जून से अब तक करीब 50 लोगों की गई जान

165 किमी लंबे इस एक्‍सप्रेस वे की लागत थी 128.39 अरब रुपये. इसे बनाने का मकसद था दिल्‍ली और आगरा के बीच की दूरी घटाकर कम समय में लोगों को आनंददायक सफर मुहैया कराना.

'मौत का हाईवे' बना यमुना एक्‍सप्रेस-वे, जून से अब तक करीब 50 लोगों की गई जान
यमुना एक्‍सप्रेस वे पर बढ़ रहे हैं हादसे. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : यूपी के यमुना एक्‍सप्रेस वे पर सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे लखनऊ से दिल्‍ली आ रही यूपी रोडवेज की बस नाले में गिर गई. इस हादसे में 29 लोगों की मौत हुई है. यूपी में आगरा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए 2012 में तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा यमुना एक्‍सप्रेस वे का उद्घाटन किया गया था.

165 किमी लंबे इस एक्‍सप्रेस वे की लागत थी 128.39 अरब रुपये. इसे बनाने का मकसद था दिल्‍ली और आगरा के बीच की दूरी घटाकर कम समय में लोगों को आनंददायक सफर मुहैया कराना. लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, यह एक्‍सप्रेस वे मौत का हाईवे बनता चला गया.

हालात यह हो गए हैं कि लगभग हर दिन ही इस हाईवे पर कोई न कोई अपनी जान गंवा रहा है. अब तक सामने आई सड़क हादसों की घटनाओं पर गौर करें तो सिर्फ 1 जून, 2019 से 8 जुलाई, 2019 के बीच ही इस हाईवे पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं. इनमें करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है.

1. 1 जून को मथुरा जिले में नौहझील क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर आगरा से ताजमहल घूमकर दिल्ली लौटते समय सड़क दुर्घटना में ब्राजील के दो पर्यटक सहित तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

2. 3 जून को मथुरा में बलदेव क्षेत्र के गांव बुर्ज सुखदेव के पास नोएडा से भिंड जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पटल गई थी. इस दुर्घटना में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 2 दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

 

3. 10 जून को मथुरा के पास 84 किमी माइलस्‍टोन के पास वैन और मोटरसाइकिल की टक्‍कर हुई थी. इसमें 4 लोगों की मौत हुई थी और 4 लोग घायल हुए थे.

4. 11 जून को यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो पॉइंट पर रात को आगे चल रहे टैंकर से तेज गति से जा रही कार टकरा गई थी. इससे उसमें सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. 

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5. 16 जून को आगरा से ताजमहल घूमकर ग्रेटर नोएडा लौट रहे परिवार के 8 लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई थी. उनकी कार मथुरा के पास ट्रक से टकरा गई थी.

6. 21 जून को लखनऊ-आगरा एक्‍सप्रेस वे पर खड़े ट्रक में एक कार घुस गई थी. इसमें 3 लोगों की मौत हुई थी.

7. 27 जून को लखनऊ-आगरा एक्‍सप्रेस वे पर फिरोजाबाद के पास सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत हुई थी.

8. 28 जून को लखनऊ-आगरा एक्‍सप्रेस वे पर फतेहाबाद के पास बस और ट्रक की टक्‍कर में 7 लोगों की मौत हुई थी. 

9. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जनवरी 2019 से 17 जून 2019 के बीच यमुना एक्‍सप्रेस वे पर करीब 96 लोगों की मौत हुई.

10. YEIDA के आंकड़ों के मुताबिक यमुना एक्‍सप्रेस वे पर 2012 से 2018 के बीच 4,900 सड़क हादसे हुए. इन सड़क हादसों में 8,205 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 7,500 लोग घायल हुए और 705 लोगों ने अपनी जान गंवाई.


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हादसों का प्रमुख कारण तेज रफ्तार
YEIDA के मुताबिक यमुना एक्‍सप्रेस वे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों की प्रमुख वजह तेज रफ्तार वाहन चलाना है. उनके अनुसार यमुना एक्‍सप्रेस वे पर हादसों का शिकार हुए वाहनों की पड़ताल में हादसे के वक्‍त उनके तेज रफ्तार में होने के सुबूत मिले हैं. सभी वाहनों के स्‍पीडोमीटर की सुइयां 160 से 180 किमी/घंटा पर अटकी मिलीं. हाईवे पर रात के समय सर्वाधिक सड़क हादसे हुए. रात एक बजे से तीन बजे के बीच तक करीब 82% सड़क हादसे दर्ज किए गए.

नींद भी है कारण
यमुना एक्‍सप्रेस वे का निर्माण करने वाली कंपनी जेपी इंफ्राटेक के एजीएम (ऑपरेशन) संतोष पवार ने सड़क हादसों के कुछ कारण गिनाए. पहला तो स्‍पीड लिमिट से अधिक रफ्तार में वाहन चलाना है. अधिकांश वाहन चालक ऐसा ही करते हैं. उनके मुताबिक दूसरा कारण चालक की नींद लग जाना भी है. संतोष का कहना है कि अगर लोग पेट भर खाना खाने के बाद यमुना एक्‍सप्रेस वे पर वाहन चलाते हैं तो उन्‍हें रास्‍ते में नींद लग जाना आम बात है. इससे वाहन अनियंत्रित होते हैं और सड़क हादसे का शिकार बनते हैं.