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भारत में पहली बार रोबोट ने की सर्जरी, स्पाइन का ऑपरेशन कर बनाया इतिहास

दिल्ली के इंडियन स्पाइनल इंजुरीज़ सेंटर में मौजूद इस एडवांस्ड रोबोट ने अब तक 5 सफल सर्जरी कर मेडिकल फील्ड में खुद को साबित कर दिया है.

भारत में पहली बार रोबोट ने की सर्जरी, स्पाइन का ऑपरेशन कर बनाया इतिहास
रोबोट की मदद से स्पाइन कैंसर की सर्जरी भी आसानी से हो सकेगी. इसमें रोबोट को हड्डी में 1.6 मिमी का गड्ढा करना है तो भी डॉक्टर के आदेश पर रोबोट उसे आसानी से कर देगा.

नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रोज़ नए मुकाम छू रहा भारत अब अमेरिका के बाद ऐसा पहला देश बन गया जहां पहली बार एक रोबोट ने सफल स्पाइन सर्जरी की है. भारत में अपने आप में पहला ऐसा रोबोट जो अब मुश्किल से मुश्किल सर्जरी आसान कर देगा. फिलहाल ये स्पाइनल इंजरी से जुड़ी सर्जरी करेगा. इस रोबोट से की जाने वाली सर्जरी एक बार में जल्द और समय से होगी. बोन कैंसर, ज्वाइंट रिप्लसेमेंट, हड्डियों के अंदरुनी हिस्सों तक पहुंचने में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा.  

दिल्ली के इंडियन स्पाइनल इंजुरीज़ सेंटर में मौजूद इस एडवांस्ड रोबोट ने अब तक 5 सफल सर्जरी कर मेडिकल फील्ड में खुद को साबित कर दिया है. दिल्ली की रहने वाली प्रीति पांडेय (33) रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन और पैरों में गंभीर कमजोरी के साथ कमर की विकलांगता की समस्‍या से परेशान थी. इनका 8 जुलाई को एडवांस रोबोटिक सिस्टम के मदद से ऑपरेशन किया गया है. उन्होंने कहा कि मैं रोबोट का नाम सुनकर घबरा गई थी. 

रोबोट की मदद से स्पाइन कैंसर की सर्जरी भी आसानी से हो सकेगी. इसमें रोबोट को हड्डी में 1.6 मिमी का गड्ढा करना है तो भी डॉक्टर के आदेश पर रोबोट उसे आसानी से कर देगा. जानकारों का मानना है कि रोबोट आने से ऑपरेशन सटीक, सुरक्षित होंगे. साथ ही इससे सर्जरी का समय भी कम हो जाएगा. ऑपरेशन के दौरान बहने वाले खून की क्षति भी कम होगी.

मेडिकल डायरेक्टर कम चीफ ऑफ स्पाइन सर्विसेज डॉ. एचएस छाबड़ा ने बताया कि इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर यूएस के बाहर स्थित दुनिया का पहला ऐसा अस्पताल है जहां एडवांस स्पाइन रोबोटिक सिस्टम उपलब्ध है. रोबोटिक्स के जरिये की जाने वाली सर्जरी में इम्प्लांट की अनुपयुक्तता, रिवीजन सर्जरी, रेडिएशन एक्सपोजर, अस्पताल में ठहरने की अवधि और इंफेक्शन आदि का खतरा बेहद कम हो जाता है. 

अमेरिका के बाद सिर्फ भारत के पास ये रोबोट
इस रोबोटिक सिस्टम को आधुनिक सॉफ्टवेयर, रोबोटिक तकनीक, नेविगेशन और इंस्ट्रूमेंटेशन के साथ कम्बाइन किया गया है. एडवांस सॉफ्टवेयर में बेहतरीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफेस्टिकेटेड 3डी एनालिटिक्स कम्पोनेंट है. इस नई पीढ़ी के रोबोटिक्स में एक इंफ्रारेड कैमरा भी है जो लगातार इंस्ट्रुमेंट को ट्रैक करता है और उसे नेविगेट भी करता है. साथ ही मरीज की शारीरिक संरचना एवम सर्जिकल योजना के हिसाब से इम्प्लांट को सफल बनाता है.