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NGT ने डीयू की दीवारों पर पोस्टर चिपकाते पाए जाने वाले छात्रों को निकाले जाने की चेतावनी दी

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को डीयू के छात्रों को चेतावनी दी कि 'डुसू' चुनाव से पहले यदि वे कैम्पस की दीवारों पर पोस्टर चिपकाते या पर्चे बांटते पाए गए तो उन्हें विश्वविद्यालय से निकाल दिया जाएगा. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसू) चुनाव 12 सितंबर को होने का कार्यक्रम है. एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने डीयू प्रशासन को वे सभी पोस्टर 24 घंटे के अंदर हटाने का निर्देश दिया है जो विश्वविद्यालय की दीवारों पर चिपकाए गए हैं.

NGT ने डीयू की दीवारों पर पोस्टर चिपकाते पाए जाने वाले छात्रों को निकाले जाने की चेतावनी दी
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसू) चुनाव 12 सितंबर को होने का कार्यक्रम है. (FILE)

नई दिल्ली : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को डीयू के छात्रों को चेतावनी दी कि 'डुसू' चुनाव से पहले यदि वे कैम्पस की दीवारों पर पोस्टर चिपकाते या पर्चे बांटते पाए गए तो उन्हें विश्वविद्यालय से निकाल दिया जाएगा. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसू) चुनाव 12 सितंबर को होने का कार्यक्रम है. एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने डीयू प्रशासन को वे सभी पोस्टर 24 घंटे के अंदर हटाने का निर्देश दिया है जो विश्वविद्यालय की दीवारों पर चिपकाए गए हैं.

और क्या कहा कोर्ट ने?
पीठ ने यह भी कहा कि इसके आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 5,000 रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा. एनजीटी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि छात्र दोबारा इसके निर्देशों का उल्लंघन करते पाए गए तो विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें निष्कासित कर सकता है.

लॉ छात्र ने दायर की याचिका
गौरतलब है कि इस सिलसिले में डीयू के एक लॉ छात्र नितिन चंद्रन ने अधिवक्ता आदित्य परोलिया के मार्फत एक याचिका दायर की थी. डुसू चुनाव के दौरान कागज की अंधाधुंध बर्बादी के खिलाफ यह याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ता ने उच्चतम न्यायालय के 2006 के आदेश का जिक्र किया था जिसमें विश्वविद्यालयों को छात्र संघ चुनावों में जेएम लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू करने का निर्देश दिया गया था.

मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को
बहरहाल, अधिकरण ने इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर के लिए तय की है जब वह इस बात की जांच करेगी कि उसके निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं. एनजीटी ने डुसू चुनाव में कागज के अंधाधुंध इस्तेमाल पर कल सख्त ऐतराज जताया था. इसने डीयू को नोटिस जारी किया और डुसू तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से अपने समक्ष उपस्थित होने को कहा था. एनजीटी ने कहा कि हर चुनाव में उम्मीदवार और उनके समर्थक कई टन कागज बर्बाद करते हैं.