नाबालिग मुस्लिम लड़की की शादी मामले में SC नाराज, यूपी सरकार के गृह सचिव को पेशी पर बुलाया
Advertisement
trendingNow1575466

नाबालिग मुस्लिम लड़की की शादी मामले में SC नाराज, यूपी सरकार के गृह सचिव को पेशी पर बुलाया

Supreme Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 साल की लड़की के निकाह को अवैध ठहराते हुए उसे नारी निकेतन में रखने का आदेश दिया था. इस्लामिक कायदे से 16 साल की उम्र में लड़की को शादी के लायक माना जाता है. लड़की ने विवाह को वैध घोषित करने की गुहार सुप्रीम कोर्ट से लगाई है. 

फाइल फोटो

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की नाबालिग मुस्लिम लड़की की शादी को शून्य करार देने और उसे नारी निकेतन भेजने को दी चुनौती देने का मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यूपी के सचिव (गृह) को सोमवार (23 सितंबर) को तलब किया है. पति के पास भेजने की मांग कर रही नाबालिग मुस्लिम लड़की की याचिका पर यूपी सरकार का जवाब न आने से सुप्रीम कोर्ट नाराज है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राज्य के गृह सचिव को सोमवार (23 सितंबर) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है.

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 साल की लड़की के निकाह को अवैध ठहराते हुए उसे नारी निकेतन में रखने का आदेश दिया था. इस्लामिक कायदे से 16 साल की उम्र में लड़की को शादी के लायक माना जाता है. लिहाजा उसे विवाह का अधिकार है. नाबालिग मुस्लिम लड़की ने इसी आधार पर शादी की तय संवैधानिक उम्र 18 साल होने से पहले किए गए अपने विवाह को वैध घोषित करने की गुहार सुप्रीम कोर्ट से लगाई है.

लाइव टीवी देखें

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के लिए सहमति दे दी थी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमणा, जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने मामले में दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. बेंच ने यूपी सरकार से पूछा कि याचिकाकर्ता लड़की को दांपत्य जीवन जीने की इजाजत क्यों न दी जाए, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी को शून्य करार दे दिया था.

Trending news