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पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन शोषण का केस चले या नहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल

पिछली सुनवाई में ही सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल के वकील पूछा था कि अगर उनके खिलाफ यौन शौषण का आरोप झूठा है, तो उन्होंने सहकर्मी से माफी क्यों मांगी? 

पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन शोषण का केस चले या नहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल
फाइल फोटो

नई दिल्लीः यौन शौषण मामले में घिरे पत्रकार तरुण तेजपाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को फैसला सुनाएगा.जस्टिस अरूण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार सुबह 10:30 बजे यह तय करेगी कि तेजपाल के खिलाफ यौन शोषण का केस चले या नहीं.दरअसल, तेजपाल ने याचिका में यौन उत्पीड़न और बंधक बनाने के आरोप निरस्त करने की मांग की है.पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.पिछली सुनवाई में ही सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल के वकील पूछा था कि अगर उनके खिलाफ यौन शौषण का आरोप झूठा है, तो उन्होंने सहकर्मी से माफी क्यों मांगी? 

वकील ने कहा था कि तेजपाल पर लगे आरोप में कोई सच्चाई नहीं है.इसपर कोर्ट ने पूछा था कि यदि आरोप झूठे थे, तो उन्होंने उस घटना के बाद पत्र लिखकर अपने सहकर्मी से माफी क्यों मांगी थी. कुछ नहीं हुआ तो माफी नहीं मांगनी चाहिए थी. कुछ तो हुआ होगा.तेजपाल के वकील विकास सिंह ने कहा था कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार शिकायतकर्ता ने तेजपाल का पीछा किया था.उन्होंने कहा था कि पुलिस कुछ व्हाट्सएप मैसेज छिपा रही है, जिससे साबित हो जाएगा कि आरोप गलत है.

वहीं, गोवा पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तेजपाल के वकील की दलील को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि उनके खिलाफ यौन शौषण का केस चलना चाहिए.उन्होंने कहा था कि आरोपी के खिलाफ कई ईमेल हैं.आपको बता दें कि तेजपाल पर साल 2013 में एक फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में महिला सहकर्मी के साथ यौन शोषण का आरोप लगा था.फिलहाल वह जमानत पर हैं.