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मोबाइल टूटे चाहे फूटे, दिल्ली पुलिस की यह यूनिट साइबर अपराधियों को पहुंचाएगी हवालात

विश्व के दूसरे देशों की तरह दिल्ली साइबर अपराधियों से निटपने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है.

मोबाइल टूटे चाहे फूटे, दिल्ली पुलिस की यह यूनिट साइबर अपराधियों को पहुंचाएगी हवालात

नई दिल्ली: विश्व के दूसरे देशों की तरह दिल्ली साइबर अपराधियों से निटपने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है. हाईटेक तरीके से किये जा रहे अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए एक विशेष यूनिट(Unit) का गठन किया गया है. इस यूनिट(Unit) में स्पेशल सेल के अफसरों को तैनात किया गया है. जहां विश्व के दूसरे देशों की तर्ज पर अत्याधुनिक और बहुत महंगे सॉफ्टवेयर और तकनीकी उपकरणों को लगाया गया है. जो देश भर के किसी भी साइबर अपराधी को पकड़ने में पूरी तरह कारगर है. महज कुछ महीनों पहले शुरू हुई यह यूनिट(Unit) अब तक सैकड़ो साइबर अपराधियों को गिरफ्तारी कर चुकी है. क्योंकि देश में हर साल लाखों लोग साइबर क्राइम का शिकार होते हैं.

जिन्हें इस यूनिट(Unit) के खुलने से काफी राहत की उम्मीद है. इस यूनिट(Unit) को बकायदा साइपेड नाम दिया गया है. हार्ड डिस्क जो चाहे किसी लेपटॉप में हो या किसी डेस्कटॉप में की हो उन तमाम हार्ड हार्ड डिस्क के पड़ताल के लिए यह लैब बनाई गई है. आपको बता दें कि इस समय अपराधी किसी भी क्राइम में मोबाइल फोन का बहुत इस्तेमाल कर रहे हैं तो मोबाइल फोन फॉरेंसिक बहुत अहम है.

आज के दौर में साइबर और हीनयस क्राइम रोकने में, मोबाइल फोरेंसिक यूनिट(Unit) में जो तीन मेजर टूल्स है.

1 यूफेड
2 आक्सीजन
3 XRY

इस लैब में मोबाइल फोन के अंदर इंटर्नल चाहे कोई भी कितनी भी पुरानी मेमोरी है या डाटा है किसी भी तरह का चैट है मेल्स है. व्हाट्सएप चैट इमेज वीडियो हो, भले अपराधी ने उसे डिलीट कर दिया हो तो उसे वापस स्टोर किया जा सकता है. जो लॉक हो भले WIFI के हो या IP लॉक हो क्लाउड पर डाटा वापस ले सकते है और क्रिमिनल तक पहुँच सकते है उसे पकड़ सकते है.

जानिए,  क्या है डेमेज हार्ड डिस्क लैब
डेमेज हार्ड डिस्क लैब में इलेक्ट्रॉनिक बरामद गैजेट्स को जिंदा रखा जाता है. उनमें से सबूत निकाले जाते है. एक्सपर्ट इंस्पेक्टर के अनुसार हमारे पास कोई भी डेमेज मेमोरी स्टोरेज डिवाइस आता है तो जो नॉर्मल कम्प्यूटर में नही डिडक्ट हो पा रहा है तो हम उसे इस लैब में खोलकर जहां एकदम अंदर मुख्य डाटा स्टोर रहता है वहां मौजूद डाटा को रीड कर लेते हैं.

उसके बाद हम अपराध या अपराधी या केस से जो भी जुड़ा अहम डाटा है उसे वापस सुरक्षित कर लेते है जो सबूत के तौर पर काम आता है. आजकल जो लेटेस्ट डिवाइस आ रही है उनमें अब चिप औऱ मेमोरी कार्ड होते है. एकदम न दिखने वाले डाटा को भी इस लैब में पकड़ा जा सकता है.

किसी भी हार्ड डिस्क को तोड़ने की सूरत में भी टूटे हुए हार्ड डिस्क को इस ऑपरेटर थिएटर में लाकर उससे महत्त्वपूर्ण केस से जुड़ा डाटा सबूत निकाले जाते है. आग में जलाने की नीयत में भी हम इस सबूत इकट्ठा कर लेते है.

लैब में जाने से पहले पहनना होता है एंटी वायरस ड्रेस 
लैब में एंटी वायरस ड्रेस की क्यों पहनना जरूरी है इस बात की जानकारी देते हुए लैब एक्सपर्ट इंस्पेक्टर बताते हैं कि हमारा जो स्टोरेज मीडिया होता है वो मैग्नेटिक मीडिया होता है. वो काफी संवेदनशील होता है. उसमे धूल का एक कण भी लगेगा चला गया तो वह सबूत खराब कर सकता है. डाटा फिर कभी नहीं मिलेगा इस लिए इस लैब में यह ड्रेस पहनना बहुत जरूरी है.

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