कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के दिन 'जश्न-ए-शाहीन', सुब्रमण्यम स्वामी बोले- ये जले पर नमक छिड़कने जैसा

दिल्ली के शाहीन बाग में आयोजित 'जश्न-ए-शाहीन' में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी शिरकत करने पहुंचे.

कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के दिन 'जश्न-ए-शाहीन', सुब्रमण्यम स्वामी बोले- ये जले पर नमक छिड़कने जैसा

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध की भावना का जश्न मनाने के लिए प्रदर्शनकारी आज 'जश्न-ए-शाहीन' मना रहे हैं. इसमें शायरी और संगीत के नाम एक शाम का आयोजन किया जा रहा है. दिल्ली के शाहीन बाग में आयोजित इस कार्यक्रम में शिरकत करने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी शिरकत करने पहुंच गए.

दरअसल, कश्मीरी पंडितों और ट्विटर के एक वर्ग ने इस आयोजन को 'कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार' के तहत मनाने की बात कही है.

फिल्म एक्ट्रेस और एक्टिविस्ट स्वरा भास्कर ने 'जश्न-ए-शाहीन' का एक पोस्टर ट्वीट करते हुए लिखा है, '' दिल्लीवालों शाहीन बाग पहुंचो! 19 जनवरी''

इस पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि यह  जले पर नमक छिड़कना नहीं तो और क्या है?

एक कश्मीरी कार्यकर्ता सतीश महालदार ने कहा, "शाहीन बाग में सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने 'जश्न-ए-शाहीन' कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा की है. इसी दिन 30 साल पहले कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने पर मजबूर किया गया था. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह कार्यक्रम न हो. हम शाम में प्रदर्शन स्थल पर पलायन दिवस मनाने के लिए पहुंचेंगे."

कश्मीरी पंडित शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करेंगे कि वह उनके भले के लिए भी अपनी आवाज उठाएं. शाहीन बाग एक महीने से अधिक समय से सीएए को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीएए एक विशेष समुदाय के खिलाफ भेदभाव करता है, इसलिए इसे निरस्त किया जाना चाहिए.