ऑड एंड ईवन योजना के तहत सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं व दो पहिया चालकों को दी राहत

राजधानी में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एनजीटी की ओर से जारी किए गए ऑड एंड इवन सहित सभी निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह का बदलाव करने से इनकार कर दिया है.

ऑड एंड ईवन योजना के तहत सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं व दो पहिया चालकों को दी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने ऑड एंड ईवन योजना में दी राहत (फाइल फोटो)
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नई दिल्ली : राजधानी में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एनजीटी की ओर से जारी किए गए ऑड एंड इवन सहित सभी निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह का बदलाव करने से इनकार कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों के लिए ऑड एंड ईवन स्कीम लागू होने के दौरान महिलाओं व दो पहिया वाहनों को छूट दी है. दिल्ली सरकार की ओर से न्यायालय में अपना पक्ष रखते हुए कहा गया था कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें ऑड एंड ईवन योजना लागू होने के दौरान छूट मिलनी चाहिए. वहीं 62 लाख दो पहिया वाहन चालकों को राजधानी में चल रही 2000 बसों में आने जाने की सुविधा उपलब्ध करा पाना आसान नहीं होगा. दिल्ली सरकार के पक्ष को सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं व दो पहिया वाहन चालकों को राहत देने का निर्णय लिया.

एनजीटी ने ऑड ईवन शुरू करने के लिए लगाईं थीं ये शर्तें
दिल्ली सरकार की मांग पर नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने ऑड-ईवन स्कीम को हरी झंडी दे दी थी लेकिन इस स्कीम में टू-वीलर्स, महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को छूट नहीं देने की बात कही थी.  वहीं एनजीटी ने इस योजना के तहत ऐंबुलेंस और इमरजेंसी सर्विसेज के लिए छूट दी थी. ट्राइब्यूनल ने फैसले में कहा था कि भविष्य में 48 घंटे के की अवधि के दौरान यदि पीएम-10 500 और पीएम-2.5 300 से ऊपर जाएगा तो यह स्कीम अपने आप लागू हो जाएगी.

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दिल्ली सरकार पहले लगा चुकी है ऑड ईवन
दिल्ली सरकार ने दिल्ली व आसपास के इलामों में प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक बढ़ने पर वर्ष 2016 में दो बार ऑड एंड ईवन योजना को दिल्ली में लागू किया था. इस योजना के तहत जो नीयम लागू किए गए थे उसके तहत जिस कार का अंतिम नंबर सम से समाप्त होगा वह सम तारीखों को जबकि जिस वाहन का अंतिम नंबर विषम नंबर को समाप्त होगा वह विषम तारीखों को सड़कों पर चल सकेंगी.