SC के वकील की चैंबर में मौत, कोरोना के डर से मदद को नहीं आए लोग

सुप्रीम कोर्ट में 80 वर्षीय वकील की हार्ट अटैक से अपने चैंबर में मौत हो गई.

SC के वकील की चैंबर में मौत, कोरोना के डर से मदद को नहीं आए लोग

नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट में 80 वर्षीय वकील की हार्ट अटैक से अपने चैंबर में मौत हो गई. 50 साल से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे वरिष्ठ वकील एसके ढींगरा की मदद के लिए आस-पास के लोग शुरू में आगे नहीं आए. कोरोना के डर से लोग मदद के लिए आगे आने से घबरा रहे थे. बाद में एक वकील ने मदद की.

सुप्रीम कोर्ट के बाहरी परिसर में ढींगरा अपने चैंबर में काम के सिलसिले में पहुंचे थे. इस दौरान अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई. उनके क्लर्क ने सुप्रीम कोर्ट में स्थिति डिस्पेंसरी से मदद के लिए संदेश भेजा लेकिन वहां कोई डॉक्‍टर मौजूद नहीं था. इस वजह से उन्हें कोई मेडिकल मदद नहीं मिल सकी.

वकील की बेटी को इसकी सूचना मिली तो वह अपनी कार में सुप्रीम कोर्ट के गेट तक पहुंच गईं लेकिन उनकी कार को गेट बी से पुलिस स्टाफ़ ने अंदर नहीं जाने दिया क्योंकि वह निकास द्वार है और प्रवेश निषेध है.

इसके बाद बेटी कोर्ट परिसर के बाहर कार छोड़कर पैदल ही पिता के चैंबर पहुंची वकील ढींगरा का दिल का दौरा पड़ने से तबीयत काफी खराब हो गई. बेटी ने वकीलों और क्लर्कों से मदद मांगी तो सिर्फ एक ही वकील मदद को आगे आए.

बाद में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन ने प्रस्ताव पारित कर चीफ़ जस्टिस से मांग की है कि वकील धींगरा की बेटी की कार को आउट गेट से अंदर जाने से रोकने वाले पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो और सुप्रीम कोर्ट परिसर में बनी डिस्पेंसरी में उस दौरान डॉक्‍टर मौजूद न होने की जांच हो और कोर्ट परिसर में वकीलों के लिए मेडिकल सुविधा उपलब्ध हो.