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दिल्ली सरकार और केंद्र के अधिकारों पर 18 सितंबर को होगी सुप्रीम सुनवाई

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने याचिका दायर कर दिल्ली में अधिकारियों के तबादले का अधिकार केंद्र सरकार की बजाय दिल्ली सरकार के पास होने की मांग की थी.

दिल्ली सरकार और केंद्र के अधिकारों पर 18 सितंबर को होगी सुप्रीम सुनवाई

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच अधिकारों की लड़ाई अभी जारी है. यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट इस पर मंगलवार को सुनवाई करेगा. पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने याचिका दायर कर दिल्ली में अधिकारियों के तबादले का अधिकार केंद्र सरकार की बजाय दिल्ली सरकार के पास होने की मांग की थी. दिल्ली सरकार ने एक और याचिका दायर कर दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच के अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर इसमें केंद्र सरकार से जुड़े मसलों पर भी कार्रवाई करने के अधिकार की मांग की थी. 

इन याचिकाओं पर यानी अधिकारों की जंग को लेकर दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी. ये सभी याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसलों के ख़िलाफ दायर की गई थीं जिनमें हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की इन मांगों को ठुकराते हुए फैसला केंद्र सरकर के हक़ में सुनाया था. 

दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने अनुच्छेद-239 एए पर व्याख्या की है, लेकिन दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच अधिकारों को लेकर कई और मुद्दे सुप्रीम कोर्ट के सामने आए थे जिस पर अभी सुनवाई होनी बाक़ी रह गई थी. 

केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच ये विवाद हैं, जो कोर्ट में चल रहे हैं-

केंद्र सरकार का 21 मई, 2015 का नोटिफिकेशन
गृह मंत्रालय ने 21 मई को नोटिफिकेशन जारी किया था. नोटिफिकेशन के तहत एलजी के ज्यूरिडिक्शन के तहत सर्विस मैटर, पब्लिक ऑर्डर, पुलिस और लैंड से संबंधित मामले को रखा गया है. इसमें ब्यूरोक्रेट्स के सर्विस से संबंधित मामले भी शामिल हैं.

केंद्र सरकार का 23 जुलाई, 2015 का नोटिफिकेशन
केंद्र सरकार ने 23 जुलाई, 2014 को नोटिफिकेशन जारी किया था. इस नोटिफिकेशन के तहत दिल्ली सरकार की एग्जीक्यूटिव पावर को कम कर दिया था और दिल्ली सरकार के एंटी करप्शन ब्रांच का अधिकार क्षेत्र दिल्ली सरकार के अधिकारियों तक सीमित किया गया था. इस जांच के दायरे से केंद्र सरकार के अधिकारियों को बाहर कर दिया गया था.