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दिल्ली में मिनी टैक्सी चालक पर हमले के आरोप में 3 पुलिसकर्मी हुए निलंबित

दिल्ली विश्वविद्यालय के पास मुखर्जी नगर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की. इसके अलावा उन्होंने परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया.

दिल्ली में मिनी टैक्सी चालक पर हमले के आरोप में 3 पुलिसकर्मी हुए निलंबित
घटना के बाद कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं.

नई दिल्ली: दिल्ली में गैर-जिम्मेदाराना आचरण के लिए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. इन पर एक मिनी टैक्सी के चालक और उसके बेटे को पीटने का आरोप है. यह जानकारी पुलिस ने दी. घटना के बाद कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई. सोमवार को भी थाने के बाहर प्रदर्शन जारी रहा.

दिल्ली विश्वविद्यालय के पास मुखर्जी नगर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की. इसके अलावा उन्होंने परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया. रविवार को दो सहायक उप-निरीक्षक और एक कांस्टेबल पुलिस वाहन में थे, तभी एक ग्रामीण सेवा टैक्सी ने उनके वाहन को टक्कर मार दी.

पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने मिनी टैक्सी चालक और उसके बेटे को पीटा. साथ ही उन्होंने जिस तरह से वहां स्थिति को संभाला, उसके तहत उन पर कार्रवाई की गई. पुलिस उपायुक्त विजयंत आर्य ने कहा कि मामले की जांच शुरू की गई है. घटना के बाद कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं.

चालक 45 वर्षीय सबरजीत सिंह और उसके 16 वर्षीय बेटे बलवंत सिंह से मीडिया ने सोमवार को गांधीनगर में बात की. दोनों यह बताते हुए रो पड़े कि किस तरह उन्हें थाने में पीटा गया. घटना के वक्त अपने पिता के साथ मौजूद रहे बलवंत सिंह ने कहा, 'वे हमें थाने के अंदर ले गए. उनमें से एक ने अपने सहकर्मी को निर्देश दिया की वह सीसीटीवी कैमरा बंद कर दे. इसके बाद उन्होंने हमें बेरहमी से पीटा'.

बलवंत सिंह ने कहा कि एक पुलिसकर्मी ने उसे सिर पर बंदूक से मारा. उसने कहा, 'पहले उन्होंने मेरे चहरे पर कई बार मुक्का मारा और बाद में उनमें से एक ने बंदूक के हत्थे से मुझे सिर पर मारा. मुझे ऐसा लगा जैसे में कोई आतंकवादी हूं, जिससे पूछताछ की जा रही है'.

आर्य ने कहा कि एक अतिरिक्त उपायुक्त के साथ एक सहायक पुलिस आयुक्त घटना में पुलिसकर्मियों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच करेंगे जो कि एक कैमरे में कैद हुई है. पुलिस का कहना है कि चालक और उसके किशोर बेटे ने पहले पुलिसवालों पर तलवार से हमला किया. पुलिस पर हमला करते समय उनमें से एक के पास तलवार थी.

जबकि, चालक के दोस्तों ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों द्वारा पिता-पुत्र को वाहन से खींच कर बाहर निकाला गया और थाने में ले जाकर भी पीटा गया. आर्य ने कहा, 'पुलिस जांच के परिणाम आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी'.

एक राहगीर ने अपने मोबाइल पर सड़क पर हो रहे हिंसक दृश्यों को रिकॉर्ड किया और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि पिता-पुत्र मुखर्जीनगर थाने के बाहर पुलिसवाले से बहस कर रहे हैं, इतने में और पुलिसकर्मी घटना स्थल पर आते हैं। इसके बाद चालक तलवार निकालता है और पुलिसकर्मियों की तरफ दौड़ता है जो इधर-उधर भागते हैं.

थोड़ी देर बाद पुलिसकर्मी उसे पकड़ लेते हैं और उस पर लाठी बरसाना शुरू कर देते हैं. पिता-पुत्र के अनुसार इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया और फिर पीटा गया. इसके बाद भाजपा व आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों के साथ-साथ निवासियों और सिख समुदाय के सदस्यों ने थाने के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।