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तीस हजारी की घटना को लेकर दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील आज हड़ताल पर

तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) परिसर में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिंसा को लेकर दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील आज हड़ताल पर रहेंगे.

तीस हजारी की घटना को लेकर दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील आज हड़ताल पर
फाइल फोटो

नई दिल्ली : तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) परिसर में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिंसा को लेकर दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील आज हड़ताल पर रहेंगे. राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के वकीलों ने दिल्ली के वकीलों के समर्थन में सोमवार को हड़ताल करने और कामकाज ठप रखने का भी ऐलान किया है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना का संज्ञान लेते हुए हिंसा की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने एडिशनल डीसीपी हरेंद्र सिंह और स्पेशल सीपी संजय सिंह का ट्रांसफर किया है, 2 ASI सस्पेंड किए गए हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि तीस हजारी कोर्ट हिंसा मामले की न्यायिक जांच 6 सप्ताह में होगी. रिटायर जज एसपी गर्ग के नेतृत्व में जांच होगी. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को घायल वकीलों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया है और तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. 

बता दें कि दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर, जजों की प्रशासनिक कमेटी और तीस हजारी के जिला जज के साथ क्‍लोज डोर मीटिंग के बाद दिल्‍ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल ने इस केस में स्‍वत: संज्ञान लिया था. केस की सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, दिल्‍ली सरकार के स्‍टैंडिंग काउंसिल, दिल्‍ली बार काउंसिल के अध्‍यक्ष एवं अन्‍य को मौजूद रहने को कहा था. दोपहर 1 बजे हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्‍ली, दिल्‍ली सरकार, दिल्‍ली की सभी बार एसोसिएशन, दिल्‍ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया था. हाईकोर्ट ने सभी पार्टियों को पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा था. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि हम कल लगभग 4 घंटे बैठे. हम आज भी बैठे हैं. हम मामले को खत्‍म करना चाहते हैं. यह एक सामूहिक प्रयास होना चाहिए. 

वहीं, इस केस में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें पूरी घटना को लेकर एक डिस्ट्रिक्ट जज की शिकायत पर, दूसरी वकीलों की तरफ से एफआईआर, तीसरी एक महिला वकील की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है. महिला वकील का आरोप है कि उसे मोलेस्ट किया गया. वहीं चौथी एफआईआर पुलिस की शिकायत पर की गई है.

इससे पहले मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के आवास पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली और वकीलों के अन्य संगठनों की एक बैठक हुई. वहीं, तीस हजारी कोर्ट में समन्वय समिति की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें निचली अदालतों के सभी प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

इस केस में पुलिस और वकीलों की शिकायत के आधार पर क्रॉस FIR दर्ज की गई हैं. ये एफआईआर आईपीसी की धारा 307, 186, 353 और 427 के तहत दर्ज की गई हैं. घटना की जांच के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) क्राइम ब्रांच की SIT गठित की गई है, जोकि मामले की जांच कर रही है. घटना के बाद से तीस हजारी कोर्ट में भारी पुलिसफोर्स तैनात की गई है. दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस सीसीटीवी के जरिये पूरा घटनाक्रम जानने की कोशिश कर रही है. पुलिस मोबाइल फुटेज को भी इकठ्ठा कर रही है. वहीं, वकीलों की ओर से फैसला लिया गया है कि कल यानी सोमवार को वकील हड़ताल पर रहेंगे.

उधर, बार काउंसिल ऑफ दिल्‍ली (Bar Council of Delhi) ने घोषणा की है कि इस घटना में गंभीर घायल और आईसीयू में भर्ती दो वकीलों को उसकी तरफ से 2 लाख और अन्‍य घायल वकीलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे. बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने कहा कि पूरे मामले में ज्यूडिशियल इंक्वायरी का आदेश दिया जाए. पुलिस जांच किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी, भले ही किसी भी स्तर का पुलिस अधिकारी जांच करे.

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इससे पूर्व हिंसा भड़कने के बाद की स्थिति पर चर्चा करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल ने शनिवार रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार, शनिवार रात हुई बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट के कुछ न्यायाधीश भी मौजूद थे. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर न्यायाधीश पटेल से मुलाकात की. मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक रविवार को न्यायमूर्ति पटेल से मुलाकात करेंगे. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सीने में गोली लगने से घायल हुए अधिवक्ता विजय वर्मा से सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल में मुलाकात की.

घटना पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "वकीलों पर हमला चिंता का विषय है. मुझे लगता है कि वकीलों पर हमला लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है. उचित जांच होनी चाहिए. तथ्य और सच्चाई सामने आनी चाहिए लेकिन यह दुखद घटना है."

वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता केटीएस तुलसी ने कहा, "पुलिस और वकीलों को आपस में नहीं लड़ना चाहिए,  क्योंकि वे दोनों ही अदालत की दो भुजाएं हैं. पुलिस द्वारा वकीलों पर हमले की ऐसी घटनाएं दुखद हैं."

दरअसल, तीस हजारी कोर्ट परिसर में शनिवार को पार्किंग को लेकर शुरू हुए मामूली विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें वकील वर्मा को गोली लग गई. पुलिस ने आरोप लगाया कि वकीलों ने उन पर हमला कर दिया और पुलिस के कुछ वाहनों में आग लगा दी.

पुलिस ने कहा, "एक अतिरिक्त डीसीपी और दो एसएचओ समेत 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए. आग में 12 निजी मोटरसाइकिलें, पुलिस की एक क्यूआरटी जिप्सी और आठ जेल वैन क्षतिग्रस्त हो गईं."

(इनपुट - नीरज गौड़, राकेश सिंह से भी)