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BJP का केजरीवाल सरकार पर करारा हमला, DTC की खस्ता हालत पर उठाए कई सवाल

विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2015 में जब आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी, तब डीटीसी की 5000 से भी अधिक बसें सड़कों पर चल रही थीं परंतु अब डीटीसी के अंतर्गत मात्र 3781 बसें ही चल रही हैं.

BJP का केजरीवाल सरकार पर करारा हमला, DTC की खस्ता हालत पर उठाए कई सवाल
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता (Vijendra Gupta) ने शुक्रवार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) के कार्यकाल में डीटीसी (DTC) की बसों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत कमी आई है, 25 प्रतिशत रूट परिचालन बंद हुए हैं तथा यात्रियों की संख्या में 20 प्रतिशत से भी अधिक की गिरावट आई है.

विजेन्द्र गुप्ता (Vijendra Gupta) ने पत्रकार वार्ता में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी कि सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत दिल्ली सरकार (Delhi Government) द्वारा दी गई नवीनतम सूचना के अनुसार आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) सरकार के कार्यकाल में डीटीसी (DTC) की बसों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत कमी आई है. 25 प्रतिशत रूट परिचालन बंद हुए हैं तथा यात्रियों की संख्या में 20 प्रतिशत से भी अधिक की गिरावट आई है. इतना ही नहीं अनेक महत्वपूर्ण रूटों से बसों को हटाया गया है. इसके साथ ही ब्रेक डाउन की घटनाएं भी बढ़ी हैं तथा बसों का कोई टाइम टेबल (Time Table) निर्धारित न होने के कारण आम आदमी (common man) की दिक्कतें व परेशानियां दिन प्रति दिन बढ़ी हैं. पत्रकार वार्ता में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सरदार आर.पी. सिंह, विधायक श्री जगदीश प्रधान, पूर्व विधायक श्री अनिल वाजपेयी, कर्नल देविन्दर सहरावत, दिल्ली भाजपा के मीडिया सह-प्रभारी श्री नीलकांत बख्शी, प्रमुख श्री अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे.

इस दौरान विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2015 में जब आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी, तब डीटीसी की 5000 से भी अधिक बसें सड़कों पर चल रही थीं परंतु अब डीटीसी के अंतर्गत मात्र 3781 बसें ही चल रही हैं. दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश तथा आम आदमी पार्टी के 2015 के चुनावी वायदे के मुकाबले एक तिहाई बसें ही सड़कों पर हैं. इससे सरकार की विफलता का अंदाजा भलीभांति लगाया जा सकता है.

नेता विपक्ष ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि गत 5 वर्षों में जहां दिल्ली निवासियों की सार्वजनिक परिवहन के लिए आवश्यकताएं लगातार बढ़ती गईं वहीं दूसरी ओर डीटीसी की सेवाओं में निरंतर गिरावट आती गई. इस दौरान, दिल्ली की आबादी में 20 लाख की वृद्धि हुई, रिहायशी क्षेत्रों का 15 प्रतिशत विस्तार हुआ और जनसंख्या के घनत्व में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि हुई. परंतु डीटीसी की बसों, रूटों तथा यात्रियों की संख्या में चिंताजनक गिरावट आई.

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है. परंतु जब डीटीसी की सेवाएं मर रहीं हों तब प्रदूषण स्तर का चिंतनीय होना स्वाभाविक है. सुनियोजित सार्वजनिक यातायात व्यवस्था प्रदूषण नियंत्रण की गारंटी है. डीटीसी की सेवाओं में गिरावट का असर निश्चित रूप से प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा. डीटीसी की सेवाओं में गिरावट महिलाओं की सुरक्षा से भी जुड़ी है. मुख्यमंत्री महिलाओं के लिये डीटीसी यात्रा फ्री करने जा रहे हैं. जब बसें ही उपलब्ध नहीं होंगी तब महिलाएं किस प्रकार सुरक्षित रहेंगी. महिला सुरक्षा के लिए बेहतर डीटीसी सेवाएं उपलब्ध होना आवश्यक है.

नेता विपक्ष ने कहा कि सरकार ने कुछ दिन पहले अनेक महत्वपूर्ण रूटों से बसों को अचानक हटा दिया है. इसके कारण जनता को भारी परेशानी हो रही है. उन्होंने सरकार से मांग की कि इन रूटों को पुनः चालू किया जाए नहीं तो भाजपा शीघ्र ही संबंधित रूटों पर प्रदर्शन कर सरकार को पुनः रूट चालू करने के लिए मजबूर करेगी. हाल ही में मायापुरी डिपो, हरिनगर डिपो-।, रोहिणी डिपो, एसबीपीएल तथा एसबीडी डिपो से अनेक रूटों को प्रभावित करती हुई 80 बसों को हटा लिया है. एक बस औसतन लगभग 8 ट्रिप प्रतिदिन करती है. इस प्रकार लगभग 640 ट्रिप कम हो गए.

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विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि गत 6 महीनों में 150 बसें महत्वपूर्ण रूटों से हटाईं गई हैं. 1200 ट्रिपों में कमी आई है. इसके कारण इन रूटों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिन रूटों से बसों को हटाया गया है उनमें सम्मिलित हैं मंगोलपुरी वाई ब्लाक से कमला मार्केट पर रूट संख्या 901, रोहिणी सेक्टर 22 से शिवाजी स्टेडियम पर रूट नं. 957, अवंतिका से आनंद विहार पर रूट नं. 971, पंजाबी बाग से आनंद विहार तक का रूट नं. 85, आजादपुर से बवाना से पुरानी दिल्ली स्टेशन जाने वाला रूट नं. 116, आजादपुर से नरेला जाने वाला रूट नं. 120, शालीमार बाग से निजामुद्दीन स्टेशन जाने वाला रूट नं. 166, कुतुबगढ़ से आजादपुर जाने वाला रूट नं. 106 तथा नजफगढ़ से आजादपुर जाने वाला रूट नं. 978. उन्होंने सरकार से जवाब मांगा है कि वह यह बताए कि इन रूटों से बसों को क्यों हटाया गया और हटाए जाने के बाद कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की.

विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि जनता महसूस करती है कि आम आदमी पार्टी सरकार गत साढ़े चार साल के दौरान जनता को कुशल बस सेवा उपलब्ध कराने में पूरी तरह नाकाम सिद्ध हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार की असफलता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि डीटीसी में यात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की बजाय 20 करोड़ की गिरावट आई है. नेता विपक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की विफलता का आलम यह है कि न तो उसने 2015 के चुनावी वायदे को पूरा किया है और न ही दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बसों की संख्या में वृद्धि की है. आम आदमी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में दिल्ली को कम से कम 5000 नई बसें देने का वायदा किया था. उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार दिल्ली में परिवहन व्यवस्था के लिए 11000 बसों का होना जरूरी है परंतु इस समय दिल्ली परिवहन के बेड़े में 3781 (2506 नान एसी तथा 1275 एसी) लो-फ्लोर सीएनजी बसें हैं. सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दी गई जानकारी से स्पष्ट है कि सरकार ने 1098 बसों को डीटीसी के बेड़े से हटा दिया है. ये बसें सेवा योग्य नहीं रह गई थीं और बार-बार ब्रेक डाउन होने के कारण सड़कों पर खड़ी हो जाती थीं. इनके अतिरिक्त 24 लो-फ्लोर बसें बेड़े से हटाने की कार्यवाही चल रही है.

नेता विपक्ष ने बताया कि बसों की संख्या में ही नहीं अपितु बसों के रूट परिचालन में भी भारी 25 प्रतिशत की कमी आई है. सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार फरवरी, 2015 में कुल 574 रूट परिचालन में थे. अब इनकी संख्या घटकर 442 हो गई है. इस प्रकार सरकार द्वारा 132 रूटों से डीटीसी की सेवाएं हटा ली गईं. विजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की संख्या बढ़ने के बजाय 20 प्रतिशत से भी अधिक घटी है. वर्ष 2015-16 के दौरान 129.94 करोड़ यात्रियों ने डीटीसी बसों की सेवाओं का लाभ उठाया. वर्ष 2018-19 में यह संख्या घटकर 110 करोड़ रह गई. इससे पता चलता है कि डीटीसी की सेवाओं की लोकप्रियता का ग्राफ कितनी तेजी से घट रहा है.