कड़ाके की ठंड में रैन बसेरों का सहारा, रजाई-गद्दे और हीटर से मुसाफिरों को राहत

रैन बसेरों में गद्दे, रजाई, तकिए के साथ-साथ हीटर, बिजली, पानी और शौचालय वैन का इंतजाम किया गया.

कड़ाके की ठंड में रैन बसेरों का सहारा, रजाई-गद्दे और हीटर से मुसाफिरों को राहत
रैन बसेरा में मिल रही सुविधाओं से संतुष्ट मुसाफिर.

चंडीगढ़: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. चंडीगढ़ में भी दिन और रात का तापमान 10 डिग्री से कम रिकॉर्ड किया जा रहा है. मुसाफिरों को सर्दी से राहत देने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर में दस स्थानों पर नाइट शेल्टर लगाए हैं. रैन बसेरों का ज़ी मीडिया की टीम ने रिएलिटी चेक किया, जिसमें हमनें यही पाया कि चंडीगढ़ के रैन बसेरों में हर तरह की सुविधा दी जा रही है और प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं से लोग संतुष्ट भी नज़र आए.   

नाइट शेल्टर सेक्टर 12 में पीजीआई के सामने, सेक्टर 32 और सेक्टर 16 के सरकारी अस्पतालों के बाहर, सेक्टर-19, सेक्टर-43 आइएसबीटी, सेक्टर-29 के साई मंदिर, सेक्टर-9, सेक्टर 20 मंदिर के सामने, सेक्टर 22 और सेक्टर 34 में लगाए गए हैं. चंडीगढ़ की अलग-अलग दस जगहों पर लगाए नाईट शेल्टर पूरी तरह से वाटर प्रूफ हैं. सभी रैन बसेरों में गद्दे, चादर, रजाई, तकिया, हीटर, बिजली और पानी की सुविधा है यहां तक कि फर्स्ट एड बॉक्स तक भी सभी बसेरों में रखे गए हैं. साथ ही मोबाइल शौचालय वैन भी खड़ी की गई हैं.  शेल्टर साढ़े तीन माह यानी 31 मार्च तक लगे रहेंगे.

सुविधाओं से संतुष्ट दिखे
पीजीआई के आसपास सबसे ज्य़ादा नाइट शेल्टर की जरूरत पड़ती है, क्योंकि मरीजों के तीमारदार भी हर साल रात गुज़ारने के लिए रैन बसेरा का सहारा लेते हैं. पीजीआई के सामने दो अलग-अलग रैन बसेरा बने हैं जिसमें महिला और पुरुषों के रुकने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है. जब ज़ी मीडिया की टीम ने रिएलटी चेक किया तो पीजीआई के नाइट शेल्टर में ही सबसे ज्याद़ा मुसाफिर नज़र आए. लोगों से बात की तो वे रैन बसेरा में मिल रही सुविधाओं से संतुष्ट दिखे.

रैन बसेरे लगा दिए जाते हैं
चंडीगढ़ के मेयर राजेश कुमार ने कहा, चंडीगढ़ में हर वर्ष दिसम्बर 15 तक रैन बसेरे लगा दिए जाते हैं. कड़ाके की ठंड पड़ने से पहले ही कंपनी को शेल्टर लगाने का काम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए जाते हैं. हालांकि इस बार नगर निगम ने देरी से टेंडर अलॉट किया है. नगर निगम ने यह शेल्टर लगाने के लिए 1 करोड़ 21 लाख रुपये का टेंडर अलॉट किया था और 16 दिसंबर से चंडीगढ़ में रैन बसेरा लगाने शूरू कर दिए थे. मेयर राजेश कुमार दृारा जो सुविधाएं देने का दावा किया गया वो सारी सुविधाएं हमें नाइट शेल्टर में दिखी.

मेयर राजेश कुमार ने कहा कि रैन बसेरा सिर्फ चंडीगढ़ शहर में ही लगाए गए हैं, जबकि गांव में नहीं लगाए गए क्योकिं गांवों में इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती उन्होनें कहा अगर जरुरत पड़ी तो शहर के कम्युनिटी सेंटर भी रात के समय खोल दिए जायेंगे.

बता दें चंडीगढ़ में रैन बसेरे नगर निगम, समाज कल्याण विभाग और रेड क्रॉस की ओर से लगाए जाते हैं. जिनमें लोग निशुल्क रह सकते हैं. सरकारी आंकड़ों को देखें तो करीब दो या तीन हजार से ज्यादा ऐसे लोग या परिवार हैं जो चंडीगढ़ में ओपन एरिया में ही सोते हैं. ऐसे में यह रैन बसेरे बेसहारा लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं.