दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड का अफसर 25 हज़ार की रिश्वत लेते हुए कैमरे में हुआ कैद

ये वीडियो दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के दरियागंज स्थित कार्यलय के बाहर ही बनाया गया है. वीडियो सामने आने के बाद से ही वक़्फ़ बोर्ड में हंगामा मचा हुआ है.

दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड का अफसर 25 हज़ार की रिश्वत लेते हुए कैमरे में हुआ कैद

नई दिल्ली: विवादों की वजह से कई बार सुर्खियों में रहे दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के एक अफसर रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद होने के बाद चर्चाओं में हैं. रिश्वत लेने का आरोप अब्बास नाम के एक अफसर पर लगा है जो गैरकानूनी निर्माण कराने के एवज में 25 हज़ार रुपये लेते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे हैं. ये वीडियो दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के दरियागंज स्थित कार्यलय के बाहर का है.

वीडियो में नज़र आ रहा है कि एक शख्स बाइक पर बैठा है और वो इसके हाथ में रुपयों की गड्डी हैं. बाइक पर बैठा युवक किसी का इंतजार कर रहा है, तभी वक़्फ़ बोर्ड कार्यालय की तरफ से एक शख्स आता है और बाइक सवार आदमी से बात करता है. थोड़ी बातचीत के बाद बाइक पर बैठा शख्स वक़्फ़ बोर्ड के कार्यलय से आए शख्स को 25 हज़ार रुपये देता है, पैसे लेने वाले शख्स का नाम वीडियो में अब्बास सुनाई देता है. पैसे लेने के बाद अब्बास पूछता है पूरे 25 हैं ना, बाइक पर बैठा युवक इस बात जवाब देता है हां पूरे 25 हैं. वीडियो के आखिर में बाइक पर बैठा युवक पैसे लेने वाले से कहता है कि अब तो कोई दिक़्क़त नहीं, जिसके बाद वक़्फ़ बोर्ड का अफसर कहता है अब आराम से बैठ जाओ सब हो जाएगा.

ये वीडियो दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के दरियागंज स्थित कार्यलय के बाहर ही बनाया गया है. वीडियो सामने आने के बाद से ही वक़्फ़ बोर्ड में हंगामा मचा हुआ है. वीडियो बनाने वाले और पैसे देने वाले युवक का संबंध पुरानी दिल्ली से है, जो एक काम के एवज में बोर्ड के अफसर को 25 हज़ार रुपये देता है. बताया जा रहा है कि ये अफसर लंबे वक्त से काम के बदले पैसे मांग रहा था. हालांकि वक़्फ़ बोर्ड से जुड़े लोगों का कहना है कि इस अफसर को 2012 में भी रिश्वत लेने के जुर्म में बोर्ड से निकाल दिया गया था, लेकिन बाद में माफी मांगने के बाद इसको रखा गया.

इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के चयरमैन अमानतुल्ला खान ने कहा है कि अफसर के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही है. हम 23 मई के बाद इसे टर्मिनेट कर देंगे.

दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड की कार्यशैली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. जमीन की बन्दरबाँट से लेकर रिश्वरखोरी के इल्ज़ाम लगते रहे हैं. दिल्ली में कागजों में दर्ज 500 से ज्यादा कब्रिस्तान है, जबकि मौके पर वो अब 100 से भी कम रह गए हैं. ये तमाम ऐसे उदाहरण हैं जो दिखाते हैं कि बोर्ड के कर्मचारियों का रवैया कितना लापरवाही भरा रहता है.