close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

कहां हैं ऑपरेशन ब्लू स्टार के वक्त जब्त की गई सिख इतिहास से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं, HC में याचिका दाखिल

ऑपरेशन ब्लू स्टार (operation blue star) के वक्त जब्त की गई सिख इतिहास (Sikh History) से जुड़ी दुर्लभ सामग्री की जानकारी सार्वजानिक करने की मांग को लेकर एक याचिका पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab Haryana High Court) में दाखिल हुई है

कहां हैं ऑपरेशन ब्लू स्टार के वक्त जब्त की गई सिख इतिहास से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं, HC में याचिका दाखिल
जब्त किया सामान समय-समय पर सेना, सीबीआई (CBI) व अन्य सरकारी अदायरों से वापस मिलते रहे

चंडीगढ़: ऑपरेशन ब्लू स्टार (operation blue star) के वक्त जब्त की गई सिख इतिहास (Sikh History) से जुड़ी दुर्लभ सामग्री की जानकारी सार्वजानिक करने की मांग को लेकर एक याचिका पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab Haryana High Court) में दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता सतिंदर सिंह की वकील गुरशरण कौर मान ने बताया कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान गोल्डन टेंपल (Golden Temple) अमृतसर (Amritsar) में हुई कार्रवाई के दौरान सेना व सीबीआई ने रेफरेंस सिख लाइब्रेरी, तोशाखाना, सेंट्रल सिख म्यूजियम और गुरु रामदास लाइब्रेरी से सिख इतिहास से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं जब्त की थीं. जिसमें सैंकड़ों पुस्तकें, सिख इतिहास को दर्शाती पेंटिंग्स, श्री गुरु ग्रन्थ साहिब (Sri Guru Granth Sahib) के दुर्लभ अंश व सिख इतिहास से संबंधित अन्य आर्टिकल्स शामिल हैं.

जब्त किया सामान समय-समय पर सेना, सीबीआई (CBI) व अन्य सरकारी अदायरों से वापस मिलते रहे. जिनका जिक्र कई कोर्ट केसों में और राज्यसभा में उठे सवालों के जवाब में सामने आया. जब्त किया गया सामान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को लौटाया गया. लेकिन, एसजीपीसी (SGPC) ने उक्त वापस मिली ऐतिहासिक वस्तुओं का रिकॉर्ड नहीं रखा. न ही वापस उन्हें म्यूजियम या लाइब्रेरियों में पहुंचाया गया. उक्त सारी ऐतिहासिक सामग्री कहां गई इसकी जानकारी सार्वजानिक करने की मांग को लेकर याचिका (petition) पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab Haryana High Court) में दाखिल हुई है. 

लुधियाना (Ludhiana) के सतिंदर सिंह ने वकील जी के मान के माध्यम से पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए एसजीपीसी सहित सेना, सीबीआई, केंद्र सरकार व पंजाब सरकार को पार्टी बनाते हुए मांग की है कि सिख इतिहास से जुड़ी दुर्लभ व बेशकीमती वस्तुएं कहां गईं उसकी जानकारी सार्वजानिक किया जाए. याचिका में बताया गया है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब सिख इतिहास से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं देश और विदेश में करोड़ों में बेची गईं. एसजीपीसी से कई बार सिख इतिहास को दर्शाती उक्त दुर्लभ वस्तुओं संबंधी जानकारी मांगी गई लेकिन उनकी ओर से कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई.

उक्त मामले में एसजीपीसी (SGPC) की ओर से न तो कोई एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई गई और न ही अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एसजीपीसी ने जब्त किए सामान की रिकवरी के लिए कोर्ट में याचिका (petition) दाखिल की गई जोकि लापरवाही का सबूत है. याचिका में बताया गया है कि जनरल कुलदीप सिंह बराड़ की पुस्तक में लिखा गया है कि 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय सेना ने रेफरेंस सिख लाइब्रेरी, तोशाखाना, सेंट्रल सिख लाइब्रेरी व गुरु रामदास लाइब्रेरी में भी सर्च किया और सिख इतिहास से जुड़ी कई पुस्तकें, पेंटिंग्स, श्री गुरुग्रंथ साहिब के दुर्लभ अंश, गुरु द्वारा लिखे हुक्मनामे, हथियार व अन्य कई वस्तुएं जब्त कर ली थीं. यही नहीं ऑपरेशन के दौरान दो लाइब्रेरियों को जला भी दिया गया था.

देखें लाइव टीवी

सेना के एक अन्य जवान डॉक्टर त्रिलोचन सिंह ने भी उक्त बातों का जिक्र किया है. 13 अक्टूबर 1989, 20 जून 1990 और 28 दिसंबर 1990 को कोर्ट के आदेशों पर जब्त की गई दुर्लभ वस्तुएं एसजीपीसी को लौटाई गईं. फरवरी 2004 में केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर के सेक्रेटरी ने एक मामले में कोर्ट को एफिडेविट देते हुए बताया था कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय सेना द्वारा जब्त की गई सिख इतिहास से जुड़ी सामग्री एसजीपीसी व पंजाब सरकार को लौटा दी गई हैं जो कि सेंट्रल सिख लाइब्रेरी व तोशाखाना से संबंधित थीं. केंद्रीय मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने भी राज्यसभा में उठे सवाल का जवाब देते हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान जब्त किये गए ऐतिहासिक व सिख परंपरा से जुड़े सामग्री वापस किये जाने की बात सदन में कही थी. 

याचिका में सबूतों सहित बताया गया है कि अमृतसर के ट्रेजरी ऑफिसर कैलाश शर्मा ने कोर्ट को बताया था कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय जब्त किये गए सोने के जेवरात व अन्य सामग्री, चांदी के आभूषण व अन्य सामान, स्टोन व पर्ल्स, और जब्त किये गए अन्य सामान के 187 बैग एसजीपीसी को लौटा दिए गए हैं. इसी मामले में कोर्ट को बताया गया कि 5 जुलाई 1987 को भी जब्त किये गए सामान को चंडीगढ़ में स्थित सांस्कृतिक विभाग के अधिकारी मोहन सिंह को लौटाया गया. जिसमें सिख इतिहास को दर्शाती 98 पेंटिंग्स, 14 दुर्लभ तस्वीरें और 4 हथियार शामिल थे.

याचिकाकर्ता के मुताबिक चूंकि एसजीपीसी ही सिख इतिहास से जुड़ी वस्तुओं को संभाल कर रखने व उनकी सुरक्षा की जिम्मेदार है इसलिए वह बताए कि उक्त सामान व सिख इतिहास से जुड़े दुर्लभ व बेशकीमती वस्तुएं कहां हैं. क्योंकि उक्त सामग्री सिखों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ी हुई हैं. इसलिए उनका पूरा ब्योरा याचिकाकर्ता ने मांगा है. याचिका सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस की अगुवाई वाले बैच के पास आई थी लेकिन चीफ जस्टिस के नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में होने के कारण मामले कि सुनवाई 7 नवंबर के लिए स्थगित कर दी गई है.