JNU को किसने बनाया राजनीति का 'अड्डा'? प्रदर्शन के चलते 4 मेट्रो स्टेशन बंद

छात्रावास शुल्क में बढ़ोतरी को पूरी तरह वापस लेने की मांग को लेकर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) के जुलूस निकाल रहे छात्रों ने रास्ता बदलकर संसद भवन तक जाने की कोशिश कर रहे हैं. इस वजह दिल्ली के कई इलाकों में हालात बिगड़ रहे हैं. एहतियातन तीन मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं.

JNU को किसने बनाया राजनीति का 'अड्डा'? प्रदर्शन के चलते 4 मेट्रो स्टेशन बंद
जेएनयू के छात्र विरोध प्रदर्शन रोकने को तैयार नहीं हो रहे हैं.

नई दिल्ली: छात्रावास शुल्क में बढ़ोतरी को पूरी तरह वापस लेने की मांग को लेकर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने सोमवार को संसद तक जुलूस निकालने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने बैरिकेड्स के माध्यम से बीच में ही रोक लिया. संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत भी सोमवार को हुई है. अब जुलूस निकाल रहे छात्रों ने रास्ता बदलकर संसद भवन तक जाने की कोशिश कर रहे हैं. इस वजह दिल्ली के कई इलाकों में हालात बिगड़ रहे हैं. एहतियातन तीन मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं.

बंद किए गए स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुक रही हैं और एंट्री और एग्जिट गेट भी बंद हैं. दिल्ली पुलिस की सलाह पर दिल्ली मेट्रो ने लोक कल्याण मार्ग स्टेशन को भी बंद कर दिया है. दरअसल, इसी रोड पर प्रधानमंत्री का आवास है. जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के विरोध में छात्रों के संसद मार्ग की तरफ कूच को देखते हुए मेट्रो की यलो लाइन के उद्योग भवन, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों को भी पुलिस ने ऐहतियातन बंद करवा दिया है.

दिल्ली पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए हैं और जेएनयू परिसर के आसपास सुरक्षाबलों की भारी संख्या में तैनाती की गई है. धारा 144 के जरिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इसके अनुसार चार से अधिक लोग एक स्थान पर इकट्ठा नहीं हो सकते हैं. हाथों में पोस्टर लिए और फीस के विरोध में नारे लगाते हुए सैकड़ों छात्र राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर उतरे. शिक्षा सचिव ने आंशिक फीस वृद्धि को वापस लेकर छात्रों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है, और छात्रों से बातचीत के लिए एक समिति गठित करने की सोमवार को घोषणा की है. लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं.

जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष एन. साई बालाजी ने कहा, 'संसद के उत्तरी गेट से एक किलोमीटर पहले ही दिल्ली पुलिस ने जेएनयू छात्रों के विरोध जुलूस को रोक दिया.' छात्रों ने कहा, 'दिल्ली पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेट्स को हटाने के लिए विद्यार्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. लेकिन भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ की टुकड़ियों की तैनाती के चलते शायद वे संसद तक नहीं पहुंच पाएं.'

JNU को कौन 'हाईजैक' कर रहा है?
जेएनयू में हो रहे लगातार आंदोलनों से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ये कौन करवा रहा है. 
1. टुकड़े-टुकड़े गैंग
2. वामपंथी लेखक
3. कांग्रेस और वामपंथी दल
4. वामपंथी छात्र संगठन
5. विदेशी फंडिंग से चलने वाले NGO

JNU राष्ट्र निर्माण के लिए या राष्ट्र को बदनाम करने के लिए?
11 नवंबर 2019: महिला प्रोफेसर से बदसलूकी, बंधक बनाने की कोशिश
14 नवंबर, 2019: संस्कृति के महानायक स्वामी विवेकानंद का अपमान 
फरवरी, 2016 : आतंकी अफ़ज़ल के समर्थन में देश विरोधी नारे लगाए
26 जनवरी, 2015 : नक्शे में कश्मीर को भारत से अलग देश दिखाया गया
अक्टूबर 2011 : महिषासुर दिवस मना, मां दुर्गा के ख़िलाफ़ अपशब्द कहे
2010 : दंतेवाड़ा में जवानों की शहादत पर उत्सव मनाया गया

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