पति की हत्या के जुर्म में महिला और उसके दो दोस्तों को मिली उम्रकैद की सजा

दिल्ली की एक अदालत ने एक महिला को अपने पति की हत्या करने और उसके शव को जंगल में फेंकने के जुर्म में दो अन्य लोगों के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने पीड़ित की पत्नी प्रभा और उसके दोस्तों सचिन तथा सुनील को हत्या, आपराधिक साजिश रचने और सबूत मिटाने के अपराध का दोषी ठहराया तथा उन्हें जेल की सजा सुनाई.

पति की हत्या के जुर्म में महिला और उसके दो दोस्तों को मिली उम्रकैद की सजा
तनावपूर्ण संबंध के कारण राकेश की पत्नी अलग रह रही थी (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने एक महिला को अपने पति की हत्या करने और उसके शव को जंगल में फेंकने के जुर्म में दो अन्य लोगों के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने पीड़ित की पत्नी प्रभा और उसके दोस्तों सचिन तथा सुनील को हत्या, आपराधिक साजिश रचने और सबूत मिटाने के अपराध का दोषी ठहराया तथा उन्हें जेल की सजा सुनाई.

न्यायाधीश ने कहा, 'पीड़ित के जो शवाकंकाल, हड्डियां, कपड़े और मोटरसाइकिल बरामद किए गए और आरोपी प्रभा की कार इस बात के सबूत है कि सचिन और सुनील आरोपी के पति राकेश की हत्या में शामिल थे.' अदालत ने दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को निर्देश दिया है कि वह शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़ित के पिता को उचित मुआवजा देने पर फैसला करें.

यह मामला तब सामने आया जब राकेश के पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनका बेटा सात मई 2011 को दक्षिण दिल्ली के जैतपुर इलाके में अपनी पत्नी से मिलने अपने ससुराल गया था, लेकिन अगले दिन लौटा नहीं. तनावपूर्ण संबंध के कारण उसकी पत्नी अलग रह रही थी. इसके बाद पुलिस महिला के कॉल रिकॉर्ड खंगालने के क्रम में सचिन और सुनील तक पहुंची जो हत्या से पहले लगातार महिला के संपर्क में थे. 

इसके दो सप्ताह बाद एक जंगल से राकेश की हड्डियां बरामद की गई. अदालत ने कहा कि हत्या के कारण का पता नहीं चला है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के अनुसार इन तीनों ने ही उसकी हत्या की है. अदालत ने कहा कि इन्हें 23 मई 2011 को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान कई चीजें बरामद की गई, जिससे इनका जुर्म साबित हुआ.