ZEE जानकारी: चुनाव राजनीति की सबसे बड़ी प्रयोगशाला बनी दिल्ली, 2 हफ्तों में बदले सारे समीकरण

वोटिंग से 60 घंटे पहले देश की राजधानी दिल्ली राजनीति की नई प्रयोगशाला ज़रूर बन गई है.

ZEE जानकारी: चुनाव राजनीति की सबसे बड़ी प्रयोगशाला बनी दिल्ली, 2 हफ्तों में बदले सारे समीकरण

अब से करीब 60 घंटों के बाद दिल्ली की जनता ये तय कर देगी कि अरविंद केजरीवाल एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर इस बार बीजेपी बाज़ी मार लेगी? पिछले 2 हफ्तों में दिल्ली के राजनीतिक समीकरण बहुत तेज़ी से बदले हैं. 15 दिन पहले तक हर कोई कह रहा था कि आएगा तो केजरीवाल ही. लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि पिछली बार 70 में से सिर्फ 3 सीट जीतने वाली बीजेपी आम आदमी पार्टी को कांटे की टक्कर दे रही है.

जबकि 67 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी अब किसी तरह से बहुमत हासिल करने में जुटी है. 11 तारीख को क्या नतीजे आएंगे. इस पर अभी तो कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन वोटिंग से 60 घंटे पहले देश की राजधानी दिल्ली राजनीति की नई प्रयोगशाला ज़रूर बन गई है.

शाहीन बाग़ दिल्ली चुनाव का एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है, नेता हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं, कहीं जय श्री राम के नारे लगाए जा रहे हैं तो कहीं गोली चलाने वालों को एक दूसरे की पार्टी का कार्यकर्ता बताया जा रहा है. क्या इन सबसे दिल्ली की जनता Confuse हो गई है?.

शिक्षा के मुद्दे पर शुरू हुआ चुनाव प्रचार शाहीन बाग़ पर आकर अटक गया है, बिजली की जगह सिर्फ बिरयानी की बातें हो रही हैं, हेल्थ यानी स्वास्थ्य के मुद्दे पर हनुमान चालीसा भारी पड़ रही है. इस ध्रुवीकरण ने दिल्ली के मतदाताओं को भी बांट दिया है. कुछ लोग टुकड़े टुकड़े गैंग के खिलाफ वोट करना चाहते हैं तो कुछ लोगों के लिए अरविंद केजरीवाल का कामकाज ही सबसे बड़ी कसौटी है.

लेकिन आज हमने देश के बड़े बड़े राजनेताओं से ही ये जानने की कोशिश की है कि आखिर देश की राजधानी दिल्ली Twenty Twenty के भारत में ध्रुवीकरण की राजधानी कैसे बन गई है?. Zee News के कार्यक्रम इंडिया का DNA में आज हमने देश के बड़े बड़े राजनेताओं से दिल्ली चुनाव पर बात की. इस दौरान देश के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी हमारे मेहमान बने. उन्होंने दिल्ली चुनाव के मुद्दे पर क्या कहा, ये आपको सुनना चाहिए.

दिल्ली के चुनावों में गद्दार, गोली और गज़वा-ए-हिंद की भी एंट्री हो चुकी है और ऐसा लग रहा है कि ये चुनाव Twenty Twenty के क्रिकेट मैच में बदल गया है. जिसके Super Over में हर राजनेता सिर्फ चौके और छक्के जड़ना चाहता है. इस दौरान बीजेपी के सांसद अनुराग ठाकुर पर देश के गद्दारों को गोली मारो जैसे नारे लगाने का आरोप लगा. 

विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि अनुराग ठाकुर के इस बयान के बाद से ही पहले जामिया और फिर शाहीन बाग़ जैसे इलाकों में गोलियां चलीं. चुनाव आयोग ने अनुराग ठाकुर के चुनाव प्रचार पर 72 घंटों की रोक भी लगा दी थी. लेकिन इस प्रतिबंध के बावजूद उनके बयान Social Media पर Trend करते रहे. 

आज हमने ज़ी न्यूज़ के कार्यक्रम में अनुराग ठाकुर से भी बात की और उनसे पूछा कि उनकी सरकार अब तक शाहीन बाग़ को खाली क्यों नहीं करा पाई? इस सवाल के जवाब में अनुराग ठाकुर ने दिल्ली चुनाव के नतीजों की भविष्यवाणी कर दी और कहा कि 11 फरवरी से शाहीन बाग़ भी खाली होने लगेगा. 

हम एक बात लगातार कह रहे हैं कि चुनाव के दौरान दिल्ली का पर्यावरण बहुत Toxic यानी जहरीला हो गया है. दिल्ली में विकास के बदले हिंदू-मुसलमान, पाकिस्तान और विभाजन जैसे मुद्दे Trend कर रहे हैं. गोली मारने वाले बयान पर देश में राजनीति होती है और ऐसे बयानों का विरोध होना भी चाहिए.

लेकिन अब देश के बड़े बड़े नेता ही प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में एक रैली के दौरान कहा है कि 6 महीने बाद देश के प्रधानमंत्री घर से बाहर नहीं निकल पाएंगे और अगर वो बाहर निकले तो देश का युवा उन्हें डंडों से पीटेगा. राहुल गांधी कैसे देश के प्रधानमंत्री को खुले आम Mob Lynching की धमकी दे रहे हैं.