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ZEE जानकारी: पुलिस के प्रदर्शन के बीच किरण बेदी का नाम कैसे आया?

21 जनवरी 1988 को वकीलों की भीड़ को काबू में करने के लिए किरण बेदी ने लाठी चार्ज का आदेश दे दिया . इस लाठीचार्ज में करीब 18 वकील घायल भी हो गए थे .

ZEE जानकारी: पुलिस के प्रदर्शन के बीच किरण बेदी का नाम कैसे आया?

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे पुलिस वाले एक नारा और लगा रहे थे . वो कह रहे थे ..कि पुलिस कमिश्नर कैसा हो किरण बेदी जैसा हो . लेकिन इस धरने प्रदर्शन के बीच किरण बेदी का नाम कैसे आया..आज आपको ये भी समझना चाहिए . वर्ष 1988 में किरण बेदी उत्तरी दिल्ली की डीसीपी हुआ करती थीं . तब जनवरी महीने में दिल्ली पुलिस ने चोरी के आरोप में एक वकील को तीस हज़ारी कोर्ट में पेश किया था. अदालत में पेशी के वक्त आरोपी वकील को हथकड़ियां पहनाई गई थीं . वकील को हथकड़ी पहनाए जाने के विरोध में तब दिल्ली के वकील हड़ताल पर चले गए थे . इसी दौरान दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच कई बार हिंसक झड़प हुई .

21 जनवरी 1988 को वकीलों की भीड़ को काबू में करने के लिए किरण बेदी ने लाठी चार्ज का आदेश दे दिया . इस लाठीचार्ज में करीब 18 वकील घायल भी हो गए थे . तब देश भर के वकीलों ने दिल्ली पुलिस और किरण बेदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए . लेकिन किरण बेदी दबाव में नहीं आईं और अपने साथियों का साथ खड़ी रहीं . किरण बेदी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए...दिल्ली के वकीलों ने करीब 75 दिनों तक हड़ताल की थी .

इसके बाद इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई और जांच पूरी होने के बाद किरण बेदी को उनके पद से हटा दिया गया और उनका ट्रांसफर भी कर दिया गया था . लेकिन इसके बावजूद किरण बेदी ने हार नहीं मानी और वो इस मामले में अपना पक्ष मजबूती के साथ रखती रहीं .

तब इस मामले की रिपोर्टिंग कई विदेशी अखबारों द्वारा भी की गई थी . हाथ में फाइलें लिए...किरण बेदी की जो तस्वीर आप देख रहे हैं वो उस वक्त की है जब उनका ट्रांसफर Narcotics Control Bureau में कर दिया गया था . इसी लिए आज दिल्ली में धरना देने वाले पुलिसकर्मियों का कहना था कि उन्हें किरण बेदी जैसे Boss की ज़रूरत है. जो हर वक्त उनके साथ खड़ा रहे . आज हमारी टीम ने पुलिस वालों के इस प्रदर्शन को लेकर Ground Reporting की . इस दौरान हमने कई पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों से भी बात की . इन लोगों की बातें सुनकर आपको ये समझ आ जाएगा कि आम नागरिकों की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी खुद किस हालात में काम कर रहे हैं.