close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ZEE Jankari: सब्ज़ियां हुई जहरीली, लिखा जा सकता है कि इन्‍हें खाने से कैंसर का खतरा

देश के ज़्यादातर इलाकों में जिस तरह से प्रदूषित पानी से सब्ज़ियां उगाई जा रही हैं उससे बचने के लिए सब्ज़ियों पर वैधानिक चेतावनी जारी कर देनी चाहिए. जिस तरह सिगरेट के पैकेट पर ये चेतावनी लिखी जाती है कि सिगरेट पीने से कैंसर होता है उसी तरह प्रदूषित पानी से पैदा होने वाली सब्ज़ियों पर लिखा जा सकता है कि सब्ज़ियां खाने से कैंसर हो सकता है.

ZEE Jankari: सब्ज़ियां हुई जहरीली, लिखा जा सकता है कि इन्‍हें खाने से कैंसर का खतरा

एक दौर था जब अच्छी सेहत के लिए डाक्टर ये कहा करते थे कि हरी सब्ज़ियां खूब खाओ...लेकिन अब बढ़ते प्रदूषण की वजह से ऐसा दौर आ गया है कि अब डॉक्टर कहेंगे कि हरी सब्ज़ियों से बचकर रहो. इनसे कैंसर हो सकता है. ये कोई मज़ाक या व्यंग्य की बात नहीं हैं. देश के ज़्यादातर इलाकों में जिस तरह से प्रदूषित पानी से सब्ज़ियां उगाई जा रही हैं उससे बचने के लिए सब्ज़ियों पर वैधानिक चेतावनी जारी कर देनी चाहिए. जिस तरह सिगरेट के पैकेट पर ये चेतावनी लिखी जाती है कि सिगरेट पीने से कैंसर होता है उसी तरह प्रदूषित पानी से पैदा होने वाली सब्ज़ियों पर लिखा जा सकता है कि सब्ज़ियां खाने से कैंसर हो सकता है.

आज मेरे हाथ में सब्ज़ियों का एक पैकेट हैं इस पर ये चेतावनी लिखी है कि सब्ज़ियों को खाना.. सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. ऐसा हमने इसलिए लिखा है क्योंकि ये सब्ज़ियां दिल्ली की यमुना नदी के इलाके से आई हैं.

National Environmental Engineering Research Institute यानी NEERI के मुताबिक यमुना के पानी से पैदा होने वाली सब्ज़ियों में Lead, Cadmium, Mercury और Arsenic जैसे ख़तरनाक Heavy Metals की मात्रा इतनी ज़्यादा है कि इससे kidney failure और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.

ऐसा नहीं है कि यमुना नदी के आसपास में पैदा होने वाली सब्ज़ियों को लेकर ये खुलासा पहली बार हुआ है. इससे पहले हम कई बार ज़हरीली सब्ज़ियों के खिलाफ़ बड़ी मुहिम चला चुके हैं, लेकिन आपकी सेहत को ध्यान में रखकर आज एक बार फिर इस गंभीर समस्या पर बात करना ज़रूरी हो गया है. हमारी कोशिश है कि जब तक देश की सरकारें और सिस्टम... प्रदूषित सब्ज़ियों का स्थाई इलाज नहीं ढूंढती हैं तब तक हमारी ये मुहिम जारी रहेगी.
करीब एक वर्ष पहले हमारी टीम ने यमुना के प्रदूषित पानी में पैदा हो रही सब्ज़ियों का लैब में टेस्ट करवाया था. इससे ये जानकारी सामने आई कि यमुना के किनारे उगाई गई सब्ज़ियों में Lead की मात्रा 280 गुना ज़्यादा है.

आमतौर पर सब्ज़ियों में Lead की मात्रा 0.1, PPM यानी Parts per Million होनी चाहिए. यानी एकदम ना के बराबर. लेकिन हमने जिन सब्ज़ियों का Test करवाया, उनमें Lead की मात्रा 19.34 PPM से लेकर 28.06 PPM तक निकली.

हमारी जांच रिपोर्ट में सब्ज़ियों में 209 PPM से लेकर 318 PPM तक Arsenic की मात्रा पाई गई जबकि सब्ज़ियों में Arsenic..बिलकुल नहीं होना चाहिए. इसी तरह से सब्ज़ियों में 1.0 PPM से ज्यादा Mercury नहीं होना चाहिए, लेकिन इन सब्ज़ियों में 105 से लेकर 139 PPM तक Mercury पाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक इन Heavy Metals की वजह से लोगों को अलग अलग तरह के कैंसर हो सकते हैं. लोगों की किडनी, लिवर और फेफड़े खराब हो सकते हैं.

Bone Marrow Suppression हो सकता है. इस बीमारी में शरीर को Immunity यानी रोगों से लड़ने की क्षमता देने वाले Cells बनने कम हो जाते हैं. और इनकी संख्या कम होते ही आपको कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. इसके अलावा बच्चों में जन्म के साथ ही विकृतियां हो सकती हैं.

ये बात शायद सबको पता होगी कि यमुना किनारे उगाई जाने वाली सब्ज़ियां खाने लायक नहीं हैं. लेकिन हमारे सिस्टम ने अब तक ऐसी कोई तकनीक नहीं बनाई है ताकि ये पता चल सके आपके घर में ज़हरीली सब्ज़ियां पहुंच रही हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि सिस्टम को आपकी सेहत की कोई चिंता नहीं है.

हमारी पिछली रिपोर्ट को देखने के बाद Delhi Development Authority के कुछ अधिकारी..यमुना के इलाकों में जाकर किसानों को चेतावनी देकर वापस आ गये. ये एक तरह की सरकारी खानापूर्ति थी. हमारी टीम एक बार फिर यमुना के उस इलाके में पहुंची जहां आज भी ज़हरीली सब्ज़ियां..बिना किसी डर के पैदा की जा रही हैं. आज हमने इस गंभीर विषय एक रिपोर्ट तैयार की है. इसे देखकर आप हरी सब्ज़ियां खाने से पहले हज़ार बार सोचेंगे. ये कहानी सिर्फ दिल्ली और आसपास के शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के हर शहर का यही हाल है. क्योंकि देश की कोई भी नदी अब प्रदूषण से मुक्त नहीं है.

इस रिपोर्ट को देखने के बाद आप में से बहुत लोग ये सोच रहे होंगे कि आज से सब्ज़ियां खाना ही छोड़ दिया जाए. लेकिन ये समस्या का स्थाई इलाज नहीं है. इस समस्या का हल नदियों को साफ रखने में ही छिपा हुआ है. क्योंकि हमारे देश में नदियों को एक गंदा नाला बनाकर छोड़ दिया गया है. इन नदियों में तमाम गंदगियों के अलावा फैक्ट्रियों से निकलने वाले ज़हरीले Chemicals, बिना किसी Treatment के छोड़ दिए जाते हैं. ये बहुत शर्म की बात है कि आज़ादी के 71 वर्षों के बाद भी हमने ऐसा सिस्टम तैयार नहीं किया है, जिससे नदियों को स्वच्छ बनाया जा सके. जिससे भारत के लोगों को स्वच्छ जल और शुद्ध भोजन का अधिकार मिल सके.

ज़हरीली सब्ज़ियों से आपके परिवार को बचाने के लिए हमारी ये मुहिम जारी रहेगी. आज आपने दिल्ली से हमारी ये रिपोर्ट देखी. आने वाले दिनों में हम देश के कई इलाकों में जाकर आपकी इस समस्या के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि देश की सरकारों और सिस्टम को...लापरवाही की नींद से जगाया जा सके.