नागरिकता कानून पर प्रदर्शन में ZEE NEWS की टीम पर हमला, कैमरा भी तोड़ा

ZEE NEWS संवाददाताओं के साथ बदसलूकी उस वक्‍त हुई जब वे प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे.

नागरिकता कानून पर प्रदर्शन में ZEE NEWS की टीम पर हमला, कैमरा भी तोड़ा

नई दिल्‍ली: सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सुखदेव विहार में ZEE NEWS की टीम पर हमला बोला. टीम के साथ धक्‍का-मुक्‍की की. ZEE NEWS के संवाददाता जितेंद्र शर्मा और नीरज गौड़ के साथ मारपीट की. CAA विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मारपीट की. ZEE NEWS संवाददाताओं के साथ बदसलूकी उस वक्‍त हुई जब वे प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने ZEE NEWS का कैमरा भी तोड़ा. कैमरामेन कमर खान और विनायक की पिटाई की.

इसी तरह के एक अन्‍य मामले में CAA के विरोध-प्रदर्शन के बीच एक युवक ने आज जामिया इलाके में गोली चला दी. दरअसल जामिया के छात्रों ने दिल्ली में मार्च का आयोजन किया था. जामिया के छात्रों का मार्च राजघाट तक जा रहा था, पुलिस ने इस मार्च को अनुमति नहीं दी थी. होली फैमली अस्पताल के पास पुलिस तैनात थी, पुलिस मार्च को रोकने के लिए बात कर रही थी, तभी भीड़ के बीच निकलकर सामने आए युवक ने पिस्‍तौल लहराते हुए गोली चला दी. गोली जामिया के छात्र शादाब को लगी.

शादाब को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के बारे में जो प्राथमिक सूचना निकल कर रही है उसके मुताबिक आरोपी नाबालिग है और उसकी उम्र 17 साल है. आरोपी के आधार कार्ड के मुताबिक उसका नाम गोपाल शर्मा है. वह गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के जेवर कस्‍बे के घोड़ीवाला का रहने वाला है. ये भी बताया जा रहा है कि इसके पिता की पान की दुकान है.  शादाब जामिया यूनिवर्सिटी में मास कम्यूनिकेशन का छात्र है. डीसीपी चिन्मॉय बिस्वाल का कहना है कि शादाब के बाएं हाथ में गोली लगी है और अभी खतरे से बाहर है. जिसने फायर किया उससे पूछताछ जारी है.

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राजघाट नहीं पहुंच सके जामिया के छात्र
जामिया इलाके में गोलीकांड के बाद राजघाट जाने वाले अधिकांश रास्ते गुरुवार दोपहर बाद बंद कर दिए गए. ऐसा इसलिए किया गया ताकि जामिया में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे जामिया विश्वविद्यालय के छात्र राजघाट पहुंचकर प्रदर्शन न कर सकें. हालांकि इस दौरान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट आने वाले आगंतुकों पर कोई प्रतिबंध नहीं था. गौरतलब है कि गुरुवार 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्‍यतिथि है. बीते 15 दिसंबर से जामिया विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्र 30 जनवरी को राजघाट तक एक मार्च निकालना चाहते थे. नागरिकता संशोधन कानून की खिलाफत कर रहे इन छात्रों ने राजघाट तक सामूहिक पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया था. हालांकि पहले गोली चलने की घटना और फिर पुलिस के चाक-चौबंद बंदोबस्त के चलते जामिया के प्रदर्शनकारी छात्र राजघाट या उसके आसपास तक भी नहीं पहुंच सके.

यमुना पर बने सबसे पुराने पुल में से एक लोहा पुल के एक हिस्से को पुलिस ने गुरुवार दोपहर के बाद बंद कर दिया. लोहा पुल का यह हिस्सा रिंग रोड की ओर शांतिवन और फिर वहां से महात्मा गांधी की समाधि राजघाट तक पहुंचने का एक अहम मार्ग है. पूर्वी दिल्ली के ही गीता कॉलोनी से राजघाट की ओर जाने वाले वाले यमुना पुल को भी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर पैदल यात्रियों व वाहनों दोनों के लिए पूरी तरह से बंद रखा. गीता कॉलोनी से राजघाट जाने वाले फ्लाईओवर पर बकायदा अर्ध सैनिक बल तैनात किए गए थे.

वहीं आईटीओ के शहीदी पार्क पर भी अर्धसैनिक बालों का जमावड़ा था. पुलिसकर्मी भारी तादाद में शहीदी पार्क व दिल्ली पुलिस मुख्यालय के पीछे रिंग रोड पर राजघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर मौजूद रहे. पुलिस के जबरदस्त पहरे के बावजूद जो सामान्य नागरिक महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि सुमन चढ़ाने राजघाट पहुंचे उन्हें पुलिस या सुरक्षा बलों की रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ा.

बड़ी संख्या में स्कूली छात्र एवं अन्य सामान्य लोग अपने परिजनों के साथ गुरुवार को महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंचे. राजघाट पहुंचने वालों में विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में थे. इन सभी लोगों ने बिना किसी रोक-टोक राजघाट पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. वहीं इससे पहले गुरुवार सुबह देश के कई बड़े नेता वह विशिष्ट व्यक्ति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे थे. महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजघाट में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया था.