नेशनल हेराल्ड हाउस खाली होगा या नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच आज सुनाएगी फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी अपना-अपना लिखित जवाब तीन दिनों के भीतर कोर्ट में दाखिल करने का समय दिया था.

नेशनल हेराल्ड हाउस खाली होगा या नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच आज सुनाएगी फैसला
एजेएल ने हेराल्ड हाउस खाली करने के पिछले साल 21 दिसंबर के सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच के सामने चुनौती दी थी.

नई दिल्ली : हेराल्ड हाउस खाली करने के मामले सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ एसोसिएट जनरल लिमिटेड (एजेएल) की अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच आज फैसला सुनाएगी. 19 फरवरी 2019 को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशक एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की दलील सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 

तीन दिन के लिखित जवाब देने के लिए दिया था समय
इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी अपना-अपना लिखित जवाब तीन दिनों के भीतर कोर्ट में दाखिल करने का समय दिया था. एजेएल ने हेराल्ड हाउस खाली करने के पिछले साल 21 दिसंबर के सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच के सामने चुनौती दी थी. 

क्या-क्या हुआ था पिछली सुनवाई में...
कई दिन की सुनवाई के बाद दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट को अपने आदेश में अभी यह तय करना होगा कि सिंगल बेंच के फैसले को लागू रखते हुए वह हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश सुनाएं या फिर सिंगल बेंच के फैसले पर स्टे लगाते हुए हेराल्ड हाउस को खाली कराने से मना कर दे. एजेएल ने कोर्ट में अपने बचाव में कहा था कि हेराल्ड हाउस को खाली कराने का फैसला पूरी तरह से राजनीतिक है और केंद्र सरकार ने मनमानी से लीज को रद्द करने का फैसला लिया है. 

क्या है पूरा मामला 
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल, सोनिया गांधी और अन्य पर आरोप लगाया था कि उन्होंने साजिश के तहत महज 50 लाख रुपये का भुगतान कर धोखाधड़ी की. जिसके जरिये यंगइंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वह रकम वसूलने का अधिकार हासिल कर लिया, जिसे एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को कांग्रेस को देना था.इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नाडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया कंपनी आरोपीहैं.फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर हैं. इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज हो चुके हैं.