Delhi Blast Update: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन पर हुए ब्लास्ट को लेकर एनआईए जांच में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक एफआईआर दर्ज की है. स्पेशल सेल की तरफ से यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है. अब इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारियां हो सकती हैं. स्पेशल सेल को दिल्ली ब्लास्ट में डॉक्टर मॉड्यूल की तरफ से जासूसी रणनीति इस्तेमाल करने का अंदेशा लगाया जा रहा है.
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Doctor module: पुलिस के अनुसार ब्लास्ट के समय संभवत उमर नबी गाड़ी चला रहा था और उसने ही सैन्य लेवल के विस्फोटकों का इस्तेमाल किया था. सूत्रों के अनुसार लाल किला मेट्रो स्टेशन के नए वीडियो में नजर आया की धमाके की वजह से कंपन आ गई थी. उमर से जुड़ी एक नई सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसकी पुलिस अधिकारी जांच कर रहे हैं. उमर का ये वीडियो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे का बताया जा रहा है, जिसमें वो ढाबे के पास रुका लेकिन उसने कुछ नहीं खाया और गाड़ी में ही सो गया. पुलिस के अनुसार उमर ने विस्फोट वाले दिन वजीरपुर में छोटी सी दुकान पर रुक कर चाय भी पी थी लेकिन उसने किसी से बात नहीं की.
नूंह से गिरफ्तार
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े मामले में हरियाणा के नूंह से दो डॉक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. क्योंकि, इनमें से एक ने चीन से डॉक्टरी की पढ़ाई के बाद हाल ही में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इंटर्नशिप पूरी की है. पुलिस ने उसकी तरफ से संदिग्ध आतंकवादियों से कथित तौर पर बातचीत करने को लेकर हिरासत में लेने की जानकारी उसके परिवार को दे दी गई है. दरअसल, दिल्ली ब्लास्ट के बाद नूंह जांच एजेंसियों की नजर में आया है. हाल ही में नूंह से 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था, जिसमें तीन डॉक्टर, एक खाद विक्रेता और एक इमाम को गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों का कहना है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल के लिए अमोनियम नाइट्रेट नूंह से खरीदा गया था. इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में उमर और उसके साथ मुज्जमिल की लोकेशन कई बार नूंह में पाई गई थी.
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जासूसी फार्मूला
इस जांच में डॉक्टर मॉड्यूल की तरफ से ईमेल भेजे बिना ही एक कंबाइन अकाउंट में ड्राफ्ट कर लेने की जानकारी भी जांच में सामने आई है. इस कड़ी में जो भी ईमेल लॉग इन करता वो इस ड्राफ्ट को पढ़कर डिलीट कर देता ताकि किसी तरह का डिजिटल सबूत न बचे, ये तरीका अक्सर जासूसी में इस्तेमाल किया जाता है. इतना ही नहीं डॉक्टर मॉड्यूल में थ्रीमा ऐप के इस्तेमाल का भी जिक्र किया गया है, जो बिना फोन नंबर और आईडी के काम करता है. इस ऐप का इस्तेमाल संभवत लोकेशन शेयर करने के लिए निजी सर्वर के इस्तेमाल की जानकारी भी जांच में पता चली है.