#Delhifire: रुला गया 'रविवार', आग तो बुझ गई लेकिन अपनों की तलाश में भटक रहे परिजन

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को 22 साल का सबसे बड़ा अग्निकांड हो गया. पुरानी दिल्ली में फिल्मिस्तान के पास अनाज मंडी के एक घर में लगी भीषण आग ने 43 जिंदगियां छीन ली

#Delhifire: रुला गया 'रविवार', आग तो बुझ गई लेकिन अपनों की तलाश में भटक रहे परिजन
आग तो बुझ गई है लेकिन अपनों की तलाश में परिजन अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं.

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को 22 साल का सबसे बड़ा अग्निकांड (Delhi fire) हो गया. पुरानी दिल्ली में फिल्मिस्तान के पास अनाज मंडी (Anaj Mandi) के एक घर में लगी भीषण आग ने 43 जिंदगियां छीन ली. आग फैलते-फैलते पड़ोस के दो मकानों तक फैल गई. इन सभी मकानों में छोटी-छोटी फैक्ट्रियां चल रही थीं जिसमें काम करने वाले मजदूर और कारीगर इन्हीं मकानों में रहते भी थे. बिल्डिंग इतनी संकरी गलियों में बनाए गए थे कि हादसे के बाद वहां फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम को पहुंचने में भी मुश्कलों का सामना करना पड़ रहा था.

बिल्डिंग मालिक रेहान और उसका मैनेजर फुरकान को गिरफ्तार किया जा चुका है. पीड़ित परिवारों को 12-12 लाख मुआवजा देने का भी ऐलान किया जा चुका है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. कहा-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. दिल्ली के अनाज मंडी हादसे की जांच क्राइम ब्रांच करेगी.हादसे में फैक्ट्री मालिक रिहान के ख़िलाफ़ पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है.

दिल्ली में अनाज मंडी हादसे में प्रशासन की बड़ी लापरवाही भी सामने आई. इमारत से बचाए गए लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए शुरुआत में एंबुलेस तक नहीं थी. हालात ये थे कि फायरकर्मियों ने इमारत से लोगों को रेस्क्यू करने के बाद ऑटो से अस्पताल भेजा. वहीं दूसरी लापरवाही ये रही कि कल भी घटना स्थल से 200 मीटर दूर फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी लेकिन बावजूद इसके कोई सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए थे. दिल्ली की ये आग तो बुझ गई लेकिन आग का शिकार हुए लोगों के परिवार वाले अब भी अपनों को ढूंढ रहे हैं. 

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राख में जिंदगी की तलाश
आग तो बुझ गई है लेकिन अपनों की तलाश में परिजन अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं. अब तक 28 मृतकों की शिनाख्त हुई है. ऐसे दर्जन लोग हैं जिनके अपने गायब हैं. अब उनकी तलाश में वो अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं. जहां पर हादसे में मारे गए लोगों के शव रखे गए हैं, वहां भी लोग अपनों की तलाश के लिए पहुंच रहे हैं. दिल्ली के जिन चार अस्पतालों में अग्निकांड के घायलों और शवों को लाया जा रहा है. वहां लोग बदहवास हालत में अपनों की खबर लेने पहुंच रहे हैं. हर कोई मोबाइल में फोटो लिए अपनों की तलाश में जुटा है लेकिन पता नहीं चल पा रहा है.