close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

13 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरु, 9 दिन के व्रत का सही खान-पान

शारदीय नवरात्र, 13 अक्टूबर से शुरु हो रहे हैं। शरद ऋतु में, बीमारियां होने की संभावना ज़्यादा रहती है। इस मौसम में साफ-सफाई और खान-पान को लेकर, बहुत सावधान रहना चाहिये। नवरात्र के 9 दिन के व्रत भी, सेहत के लिये, किसी वरदान से कम नहीं। इन 9 दिनों में, शरीर के सारे विषैले तत्व, बाहर निकल जाते हैं। वैसे भी शरद ऋतु को रोगों की माता कहा गया है। इसे लेकर संस्कृत में कहावत भी है कि रोगाणाम् शारदी माता: यानि शरद ऋतु रोगों की माता है। लेकिन कई बार, नवरात्र व्रत में, उल्टा-सीधा खाने से, सेहत खराब हो जाती है। न्यूट्रीशियन और डायट एक्सपर्ट दीपा शर्मा के मुताबिक' वर्षा और शीत ऋतुओं के संधिकाल होने की वजह से, इस समय पित्त बढ़ता है। पाचन तंत्र कमज़ोर होता है। व्रत से न सिर्फ, पित्त का प्रकोप कम होता है, बल्कि पाचन तंत्र भी सुरक्षित रहता है। अगर आप 9 दिन का व्रत रख रहे हैं, तो इसके लिये आपको इन बातों का ध्यान ज़रूर रखना चाहिये। 

13 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरु, 9 दिन के व्रत का सही खान-पान
फाइल फोटो

दिल्ली: शारदीय नवरात्र, 13 अक्टूबर से शुरु हो रहे हैं। शरद ऋतु में, बीमारियां होने की संभावना ज़्यादा रहती है। इस मौसम में साफ-सफाई और खान-पान को लेकर, बहुत सावधान रहना चाहिये। नवरात्र के 9 दिन के व्रत भी, सेहत के लिये, किसी वरदान से कम नहीं। इन 9 दिनों में, शरीर के सारे विषैले तत्व, बाहर निकल जाते हैं। वैसे भी शरद ऋतु को रोगों की माता कहा गया है। इसे लेकर संस्कृत में कहावत भी है कि रोगाणाम् शारदी माता: यानि शरद ऋतु रोगों की माता है। लेकिन कई बार, नवरात्र व्रत में, उल्टा-सीधा खाने से, सेहत खराब हो जाती है। न्यूट्रीशियन और डायट एक्सपर्ट दीपा शर्मा के मुताबिक''वर्षा और शीत ऋतुओं के संधिकाल होने की वजह से, इस समय पित्त बढ़ता है। पाचन तंत्र कमज़ोर होता है। व्रत से न सिर्फ, पित्त का प्रकोप कम होता है, बल्कि पाचन तंत्र भी सुरक्षित रहता है।'' अगर आप 9 दिन का व्रत रख रहे हैं, तो इसके लिये आपको इन बातों का ध्यान ज़रूर रखना चाहिये। 
-नवरात्र व्रत का कैसा हो आहार?
-हाई फाइबर और लो फैट वाली चीज़ खायें।
-मॉर्डरेट प्रोटीन, हाई कार्बोहाइड्रेट से युक्त होना चाहिये।
-त्वचा की खुश्की दूर करने के लिये लिक्विड डायट बढ़ायें।
-सामान्य दूध की जगह स्किम्ड दूध पीना चाहिये।
-9 दिन के व्रत में कितनी कैलोरी ज़रूरी?
-नवरात्र के 9 दिन के व्रत में 1800-2200 कैलोरी ज़रूरी है।
-क्या न करें नवरात्र व्रत में?
-सिर्फ नीबू-पानी पीकर व्रत न रखें। कुट्टू या सिंघारे के आटे की पूड़ी न खायें।
-बिना कुछ खाये, सिर्फ दूध पीकर व्रत रखने से पेट कमज़ोर होगा।
-थकान, लो ब्लड प्रेशर और चिड़चिड़ापन होने की आशंका।
-गैस्ट्राइटिस, एसिडिटी और सीने में जलन की शिकायत।
-व्रत में खट्टे फल जैसे संतरा, नीबू, मौसम्मी न खायें।
-व्रत में दोपहर और रात का फलाहार 
-व्रत के लंच और डिनर में संतुलित आहार लेना चाहिये।
-कुटू या सिंघारे के आटे की चपाती खाना चाहिये।
-साबूदाने की खीर या खिचड़ी और घिया खा सकते हैं।
-सीताफल, आलू की रसेदार सब्जी खाना अच्छा रहेगा।
-दिन में 3 बार फल या फ्रूट सलाद खाना चाहिये।
-4-6 बार सूखे मेवों के साथ जूस, मिल्क शेक पीना अच्छा रहेगा।
-नारियल पानी को अपने डायट में अवश्य शामिल करें।
-नवरात्र व्रत में कम से कम 8 लीटर पानी पियें।
-एक ही तरह के फल के बजाय मिक्स फ्रूट लेना अच्छा रहेगा।
-ताज़े फल खायें और कड़वे स्वाद वाले फल न खायें।
-शरद ऋतु में सेहत
सेहत के लिहाज से, शारदीय नवरात्र व्रत, बहुत ख़ास हैं। इस समय एसीडिटी के साथ साथ, भूख भी कम लगती है। पाचन तन्त्र के साथ साथ, हृदय और स्नायु तंत्र में भी, कई तरह की समस्या हो सकती है। इसलिये शरद ऋतु में शरीर का डिटॉक्सीफिकेशन जरूरी है। त्वचा भी खुश्क रहती है। व्रत इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। तो अगर आपको भी नवरात्र व्रत से, अपने भाग्य के साथ, सेहत भी चमकाना है, तो 9 दिन के व्रत में खान-पान का ध्यान ज़रुर रखें। अगर आप नवरात्र व्रत में 9 दिन के डायट प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी चाहते हैं तो इसके लिये ज़ी न्यूज़ पर मंथन में 9 अक्टूबर को सुबह 6:27 AM पर ज़रुर देखें-नवरात्र का डायट प्लान, साथ ही डायबिटीज से पीड़ित लोग और गर्भवती महिलाओं को, कैसा रखना है नवरात्र व्रत का खान-पान, इस पर भी मिलेगी विशेष जानकारी।