7वीं क्लास तक पढ़ाई और कमाई का खेल करोड़ों का; DRI ने पकड़ लिया तो खुला मामला

राजस्व खुफिया निदेशालय ने बांग्लादेश भारत के बीच बड़ा इंपोर्ट घोटाला पकड़ा है.

7वीं क्लास तक पढ़ाई और कमाई का खेल करोड़ों का; DRI ने पकड़ लिया तो खुला मामला
इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर के लैंड कस्टम डिपो पर DRI के अफसरों ने पकड़ लिया गया.

नई दिल्ली: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बांग्लादेश भारत के बीच बड़ा इंपोर्ट घोटाला पकड़ा है. घोटालेबाज पिछले 2 महीने से सफेद सरसों (तोरिया) के तेल को कैनोला तेल बताकर बांग्लादेश से ला रहे थे. कैनोला तेल जब बाकी देशों से इंपोर्ट होता है तो 35% कस्टम ड्यूटी लगती है, जबकि बांग्लादेश से इंपोर्ट होने में साफ्टा एग्रीमेंट के तहत ड्यूटी फ्री इंपोर्ट होता है.

इसी नियम का फायदा उठाकर इस खेल के खिलाड़ियों ने पिछले 2 महीने में 15 हज़ार मीट्रिक टन कैनोला तेल को तोरिया का तेल बताया और कहा कि यह बांग्लादेश की फसलों से तैयार हुआ है. जबकि कैनोला तेल कनाडा से लाया जा रहा था. इस खेप को इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर के लैंड कस्टम डिपो पर DRI के अफसरों ने पकड़ लिया गया.

अफसरों को शक कैसे हुआ?
दरअसल, किसी भी देश से पूरे साल में 500-1500 मीट्रिक टन ही सफेद सरसों (राई) का कच्चा तेल आता है, जबकि इन खिलाड़ियों ने 15 हज़ार मीट्रिक टन अकेले दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 में इंपोर्ट किया. इसके अलावा यह माल बांग्लादेश से आता ही नहीं है. दूसरे देश जैसे कनाडा यूएस ऑस्ट्रेलिया से आता है.

कंपनी में ड्राइवर
इस पूरे इंपोर्ट के खेल में बेंगानी कमोडिटीज़, वीके ऑयल, गैनेट ट्रैडर्स फर्म का नाम सामने आ रहा है. गैनेट में काम कर रहे सुरेश हलधर सिर्फ 7वीं और पवन शॉ 10वीं तक पढ़े हैं. गैनेट के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे. जबकि हकीकत यह है कि यह कंपनी में ड्राइवर है और सौविक एक्सपोर्ट के मालिक प्रदीप्तो मजूमदार के कंट्रोल में काम कर रहे थे. और तो और जांच में पता लगा कि कंपनी का रोजाना कामकाज देखने वाले सर्वे सर्वा व्यक्ति अनपढ़ हैं.

वहीं, इन इंपोर्टर्स के पास बांग्लादेश के किसी भी एक्सपोर्टर के साथ ऐसा कोई कॉन्ट्रैक्ट ही नहीं था, जिससे पता लगे कि ये बांग्लादेश से भेजा गया है और सही क्वालिटी का प्रोडक्ट है. शुरुआती जांच में अब तक 25 करोड़ की ड्यूटी चोरी पकड़ में आई है.

मॉडिफाइड बीज
कैनोला ऑयल सरसों की ही एक विशेष प्रजाति के जेनिटिक मॉडिफाइड बीज से निकला तेल होता है. इस प्रजाति में Erucic Acid 2% से भी कम होता है, जबकि बाकी सरसों या तोरिया में ये 30-60% तक होता है, जबकि तोरिया प्राकृतिक तौर पर उगती है. कैनोला को दिल का ख्याल रखने वाला तेल बता कर ऊंचे दामों में बेचा जाता है.