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DNA ANALYSIS: देश में तेजी से बढ़ रहा कोरोना, बीते 24 घंटे में सामने आए सबसे ज्यादा मामले

पिछले हर दिन वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हर दिन नया रिकॉर्ड बन रहा है.  

DNA ANALYSIS: देश में तेजी से बढ़ रहा कोरोना, बीते 24 घंटे में सामने आए सबसे ज्यादा मामले

नई दिल्ली: भारत उन कुछ देशों में शामिल है, जहां लॉकडाउन में रियायतें तब दी जा रही हैं, जब कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. आपको पता ही होगा कि रेलवे ने करीब 200 ट्रेनों के लिए अपने काउंटर से बुकिंग शुरू कर दी है, आपको ये भी पता होगा कि सोमवार से घरेलू उड़ानों के एयरलाइंस ने भी बुकिंग करना शुरू कर दिया है, लेकिन आपको ये भी पता होना चाहिए कि पिछले हर दिन वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हर दिन नया रिकॉर्ड बन रहा है.

पिछले 24 घंटे में भारत में 6 हजार 88 नए मामले आए हैं. ये एक दिन में अब तक के सबसे ज्यादा मामले हैं. अब भारत में कुल मामले एक लाख 18 हजार के पार हो गए हैं और 35 सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र में भी एक दिन में सबसे ज्यादा नए मामले आने का रिकॉर्ड बना है. पिछले 24 घंटे में अकेले महाराष्ट्र में ही 2 हजार 940 नए मरीज मिले हैं और 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. महाराष्ट्र का कुल आंकड़ा 44 हजार 582 पर पहुंच गया है और वहां 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मुंबई के स्लम एरिया धारावी में ही पिछले 24 घंटे में 53 नए मामले मिले हैं, धारावी में अब तक 14 सौ 78 मामले मिल चुके हैं और 57 लोगों की मौत हो चुकी है. 

पिछले कई दिनों से हर दिन लगातार कभी 5 हजार से ज्यादा मामले, तो कभी 6 हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं. ये हाल तब है जब कई जानकार ये मान रहे हैं कि अभी संक्रमण का पीक नहीं आया है, यानी वो वक्त नहीं आया, जब संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा होंगे.

एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया पहले ही कह चुके हैं कि जुलाई में ये महामारी अपने चरम पर होगी. दिल्ली सरकार की कोरोना टीम के प्रमुख डॉक्टर एसके सरीन भी मान रहे हैं कि जुलाई-अगस्त में ही सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले आएंगे. जब जानकार इस तरह के बड़े खतरे को देख रहे हैं तो फिर सवाल यही है कि क्या लॉकडाउन 31 मई के बाद भी चलेगा और क्या लॉकडाउन में उतनी रियायतें मिलती रहेंगी, जितनी इस वक्त हमें मिल रही हैं.

वैसे केंद्र सरकार का यही मानना है कि लॉकडाउन की वजह से बहुत सी जानों को बचाया गया. सरकार की तरफ से आज यही कहा गया कि लॉकडाउन की वजह से संक्रमण के 29 लाख मामलों को रोका गया और 78 हजार लोगों की जान बचाई गई. यानी अगर लॉकडाउन ना होता तो इतने 29 लाख केस और होते और 78 हजार लोगों की जानें और जातीं.