DNA ANALYSIS: Elon Musk की तैयारी, इंसानी दिमाग में लगाया जाएगा चिप
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DNA ANALYSIS: Elon Musk की तैयारी, इंसानी दिमाग में लगाया जाएगा चिप

एलन मस्क की इस कंपनी का नाम है Neura-Link और जिस चिप के सहारे ये चमत्कार किया जाएगा उसका नाम है N 1 सेंसर. एलन मस्क का दावा है कि इस साल के अंत तक इस चिप का ह्यूमन ट्रायल शुरू किया जा सकता है.

DNA ANALYSIS: Elon Musk की तैयारी, इंसानी दिमाग में लगाया जाएगा चिप

नई दिल्ली: 22 जुलाई को वर्ल्ड ब्रेन डे (World Brain Day) यानी विश्व मस्तिष्क दिवस था. इसलिए आज हम आपके मन और मस्तिष्क को सुकून देने वाली एक खबर के बारे में बताएंगे. मस्तिष्क किसी के भी शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है. क्योंकि सारी शारीरिक गतिविधियां इसी से नियंत्रित होती हैं और इसी मस्तिष्क के अंदर मन का वास होता है. मन को देखा नहीं जा सकता. लेकिन उसके प्रभावों को महसूस किया जा सकता है. आपकी खुशी, आपके दुख, आपके तनाव और आपके डर को मन ही भावनाओं में बदलता और इन्हीं भावनाओं से आपके पूरे व्यक्तित्व का निर्माण होता है. 

लेकिन शरीर को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क और मन को पूरी तरह से नियंत्रित करने का कोई उपाय फिलहाल वैज्ञानिकों के पास नहीं है. लेकिन अब धीरे-धीरे दुनिया के वैज्ञानिक इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और ऐसी टेक्नोलॉजीस का निर्माण हो रहा है जो आपके दिमाग को एक उपकरण की तरह नियंत्रित कर सकती हैं. 

अमेरिका के मशहूर उद्योगपति एलन मस्क ने दावा किया है कि उनकी कंपनी एक ऐसी चिप बनाने के बहुत करीब है जिसे इंसानों के दिमाग में प्रत्यारोपित किया जा सकता है और इसके जरिए ना सिर्फ मस्तिष्क के खराब हो चुके हिस्सों को फिर से सक्रिय किया जा सकता है, बल्कि आने वाले समय में दिमाग में ये चिप लगाकर आप संगीत भी सुन सकेंगे. यानी संगीत सुनने के लिए आपको किसी बाहरी डिवाइस की मदद लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप जब चाहेंगे आपका मनपसंद संगीत आपके कानों में बजने लगेगा.

एलन मस्क की इस कंपनी का नाम है Neura-Link और जिस चिप के सहारे ये चमत्कार किया जाएगा उसका नाम है N 1 सेंसर. एलन मस्क का दावा है कि इस साल के अंत तक इस चिप का ह्यूमन ट्रायल शुरू किया जा सकता है.

कैसे काम करेगी ये चिप?
इसलिए अब आप ये समझिए कि ये चिप काम कैसे करेगी? हमारे शरीर में बहुत सारे ऐसे रिसेप्टर्स होते हैं जो आसपास से जानकारियां इकट्ठा करके उन्हें हमारे दिमाग तक पहुंचाते हैं और दिमाग इन जानकारियों को प्रोसेस करके निर्णय लेता है.

उदाहरण के लिए जो लोग सुनने में सक्षम नहीं होते, उनके कान में आधुनिक हियरिंग डिवाइस लगाए जाते हैं. ये डिवाइस आवाज को कान के अंदरूनी हिस्से तक पहुंचाते हैं जिसे Cochlea कहा जाता है. Cochlea एक नस के जरिए मस्तिष्क के ऑडिटरी कॉर्टेक्स से जुड़ा होता है. हियरिंग डिवाइस से गुजरते हुए ध्वनियां. मस्तिष्क के इसी हिस्से तक पहुंचती हैं और फिर इसे प्रोसेस करके दिमाग आवाजों का अर्थ समझता है.

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इसी तरह जिन लोगों के शरीर के कुछ अंग मस्तिष्क में आई परेशानियों की वजह से काम करना बंद कर देते हैं या जिन्हें पैरालिसिस यानी लकवा की समस्या हो जाती है उनका इलाज भी कई डॉक्टर दिमाग में विशेष प्रकार के डिवाइस लगाकर करते हैं. इसके लिए दिमाग के ऊपरी हिस्से को ड्रिल किया जाता है और फिर इलेक्ट्रोड्स के मोटे धागों को मस्तिष्क तक पहुंचाया जाता है. इन इलेक्ट्रोड्स के संपर्क में आने पर दिमाग के वो हिस्से फिर से सक्रिय हो जाते हैं जिन्होंने काम करना बंद कर दिया था. फिर दिमाग में मौजूद न्यूरॉन्स प्रतिक्रिया करने लगते हैं और बाहर लगे कंप्यूटर को संदेश भेजते हैं. इसके बाद कंप्यूटर इन संदेशों का विश्लेषण करता है और मरीज आंखों के इशारों से कंप्यूटर को कमांड देने में सक्षम हो जाता है. इसके जरिए उन रोबोट्स को भी कमांड्स दी जा सकती हैं जो लकवा जैसे रोगों से परेशान मरीज को खाने या पीने की चीजें देने और उनके छोटे-मोटे काम करने में सक्षम होते हैं. लेकिन ऐसे डिवाइस बहुत भारी होते हैं और पावर हासिल करने के लिए बाहरी उपकरणों पर निर्भर होते हैं.

लेकिन एलन मस्क की कंपनी Neura Link जो चिप बना रही है उसमें लगे इलेक्ट्रोड्स इंसान के बालों से भी पतले हैं और इन्हें दिमाग में लगाने के लिए ऐसे रोबोट का भी निर्माण कर लिया गया है जो मस्तिष्क को ज्यादा चोट पहुंचाए बगैर इन इलेक्ट्रोड्स को मस्तिष्क में पहुंचा सकता है. दावा है कि N 1 सेंसर नाम की इस चिप में 96 धागे होंगे और इनमें 3 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रोड्स मौजूद होंगे. सबसे अच्छी बात ये है कि इस चिप को चार्ज करने के लिए किसी बाहरी उपकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी. यानी ये पूरी तरह से वायरलेस होगी. और ये चिप मस्तिष्क से हासिल होने वाले हाई वॉल्युम डेटा और सिग्नल्स को पढ़ने में सक्षम होगी. कहा जा रहा है कि इस चिप के साथ ही कान के पीछे एक ऐसी कॉइल लगाई जाएगी जो चिप को चार्ज करने और डेटा को एक ऐसे कंप्यूटर पर ट्रांसफर करने में सक्षम होगी जिसे हाथ पर पहना जा सकता है. यानी इस तरह के चिप लगाकर इंसान एक Cyborg में बदल जाएगा जिसका मतलब होता है एक ऐसा इंसान जिसके कई अंगों की जगह कंप्यूटर ले लेते हैं.

वर्ल्ड ब्रेन डे का उद्धेश्य
ये खबर ऐसे दिन आई जब पूरी दुनिया में वर्ल्ड ब्रेन डे की चर्चा हो रही है. इस दिन को मनाए जाने की शुरुआत वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी ने वर्ष 2014 में की थी. इस बार के वर्ल्ड ब्रेन डे का उद्धेश्य Parkinson's नाम की बीमारी को जड़ से मिटाना है. इस बीमारी के शिकार व्यक्ति के मस्तिष्क में नर्व सेल्स नष्ट होने लगती हैं और इससे प्रभावित व्यक्ति धीरे-धीरे अपने शरीर पर नियंत्रण खो देता है. लेकिन एलन मस्क को उम्मीद है कि उनकी Neura Link चिप इस समस्या का समाधान करने में भी सक्षम होगी.

मस्तिष्क से जुड़े तथ्य
आज हम आपको मस्तिष्क से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य बताना चाहते हैं जिन्हें जानकर आप समझ जाएंगे कि क्यों इंसानी दिमाग आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी पहेली बना हुआ है. मस्तिष्क की कोशिकाओ को न्यूरॉन्स कहा जाता है और इनकी संख्या 8 हजार 600 करोड़ से ज्यादा होती है.

जितने भी जीव जंतुओं के पास रीढ़ की हड्डी है उन सबकी तुलना में इंसान के मस्तिष्क का आकार शरीर के अनुपात में सबसे बड़ा है.

औसतन एक इंसान के दिमाग का वजन डेढ़ किलो के आसपास होता है. पैदा होने के एक साल के अंदर ही इंसान के मस्तिष्क का आकार तीन गुना बढ़ जाता है और ये 18 वर्ष की उम्र तक बड़ा होता रहता है.

अक्सर ये माना जाता है कि इंसान अपने मस्तिष्क की क्षमता का 10 प्रतिशत भी इस्तेमाल नहीं करते हैं. लेकिन वैज्ञानिक इस तथ्य से सहमत नहीं हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक इंसान अपने मस्तिष्क की क्षमता का इससे कहीं ज्यादा इस्तेमाल करता है और 10 प्रतिशत मस्तिष्क का इस्तेमाल तो आप सोते समय ही कर लेते हैं.

और सबसे मजेदार तथ्य ये है कि अगर किसी इंसान के मस्तिष्क को सीधे काट दिया जाएगा तो मस्तिष्क को दर्द का एहसास नहीं होगा, क्योंकि मस्तिष्क में दर्द का एहसास दिलाने वाले रिसेप्टर्स ही नहीं होते. लेकिन हमारे शरीर में जब भी कहीं दर्द होता है तो शरीर ये सिग्नल दिमाग तक पहुंचाता है और हमें दर्द महसूस होने लगता है.

लेकिन अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए किसी कंप्यूटर का इंतजार मत कीजिए. आप जब चाहें अपने मन के मालिक बन सकते हैं. बस इसके लिए आपको चीजों को सही दृष्टि से देखना आना चाहिए.

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