DNA ANALYSIS: भारत ने ठाना है, कोरोना वायरस को दूसरे चरण में हराना है

रात 12 बजे से पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन हो गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये 21 दिन का लॉकडाउन एक तरह का कर्फ्यू ही है. क्योंकि 21 दिन नहीं संभले तो हम 21 साल पीछे चले जाएंगे. 

DNA ANALYSIS: भारत ने ठाना है, कोरोना वायरस को दूसरे चरण में हराना है

हमारे देश में देशभक्त तो सब बनते हैं सब ये भी कहते हैं कि मैं देश के लिए कुछ भी कर सकता हूं. लेकिन आज आपको ये बड़ी बड़ी बातें छोड़कर देश के लिए सच में कुछ करना होगा और आपको अगले 21 दिनों तक अपने घर में रहना होगा. इससे पहले देश भक्ति की भावना सिर्फ आर्मी से जुड़ी होती थी...आर्मी दूसरे देशों से लड़ती है, दुश्मनों से लड़ती है. लेकिन ये युद्ध का नया रूप है. जिसे आपको घर पर ही रहकर लड़ना है. इसके लिए आपको हथियार नहीं चाहिए. सिर्फ संकल्प चाहिए. ये युद्ध आपको उस Virus से लड़ना है. जो देश तोड़ रहा है और इसमें सबसे बड़ा हथियार हैं डॉक्टर्स, पैरामेडिक्स स्टाफ, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी और देश की पुलिस. इसलिए आज आपको देश के इन रक्षकों का सम्मान करना भी सीखना होगा.

लेकिन इस लॉकडाउन से आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है. क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के बाद Tweet करके कहा है कि सारी ज़रूरी सेवाएं सुचारू रूप से चालू रहेंगी. यानी आपको दवाओं और राशन के लिए परेशान नहीं होना होगा. इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि भारत के किसी प्रधानमंत्री को हफ्ते में दो बार एक बीमारी को लेकर देश को संबोधित करना पड़ा है. कोराना वायरस से बना संकटकाल ऐसा ही है कि प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर सबको बार-बार समझाना पड़ा है कि खतरा कितना बड़ा और चुनौती कितनी बड़ी है. आज प्रधानमंत्री के संबोधन की 10 बड़ी बातें आपको सबसे पहले बता देते हैं.

रात 12 बजे से पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन हो गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये 21 दिन का लॉकडाउन एक तरह का कर्फ्यू ही है. क्योंकि 21 दिन नहीं संभले तो हम 21 साल पीछे चले जाएंगे. प्रधानमंत्री ने कोरोना का मतलब भी समझाया और बताया कि कोरोना का मतलब है Co यानी कोई Ro यानी रोड Na यानी ना. यानी कोई रोड पर ना निकले. प्रधानमंत्री ने कहा कि 21 दिन के लिए भूल जाइए कि घर से बाहर निकलना क्या होता है. क्योंकि कोरोना से बचने का एक ही रास्ता है कि हम घर से बाहर ना निकलें. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के कदम तय करेंगे कि आगे का भविष्य क्या होगा. इसलिए घरों में रहकर दूसरों के बारे में सोचिए. उन लोगों के बारे में सोचिए जो आपके लिए खुद को खतरे में डाल रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कोरोना से लड़ाई में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 15 हज़ार करोड़ रुपये का ऐलान भी किया.

हम आपको आगे ये भी बताएंगे कि इस एतिहासिक Lock Down का मतलब क्या है और इस दौरान आप क्या कर सकते हैं और क्या नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ जोड़कर आप सभी से निवेदन किया कि अगर देश को कोरोना वायरस से बचाना है तो तो आप देश में जहां कहीं भी हैं, वहीं पर रहिए. प्रधानमंत्री ने देश से तीन हफ्ते मांगे. ये 21 दिन का समय है. जो एक एक देशवासी के लिए और पूरे देश के लिए बहुत अहम समय है.

घर से ना निकलने की बात इसलिए बार बार कही जा रही है, क्योंकि कोरोना वायरस के फैलने की speed बहुत तेज़ है.

इस बात को इस तरह समझिये कि दुनियाभर में कोरोना के करीब 4 लाख मामले आ चुके हैं. 
पहले एक लाख 67 दिन में आए
दूसरे एक लाख 11 दिन में आए
और तीसरे एक लाख मामले सिर्फ चार दिन में हुए
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण की speed को देखें तो भारत में अबतक 500 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.
पहले 50 मामले 40 दिन में आए
फिर 100 तक पहुंचने में चार दिन लगे
150 तक पहुंचने में अगले 4 दिन और लगे
200 मामले सामने आने में दो दिन लगे
और उसके बाद से रोज लगभग 100 नए मामले सामने आ रहे हैं.

कोरोना वायरस की इसी रफ्तार के आगे इटली और अमेरिका जैसे देश कैसे पिछड़ गए. पीएम मोदी ने भी आज अपने संबोधन में इस बात का जिक्र किया है. अब भी अगर आप नहीं मानेंगे. खतरे को नहीं समझेंगे तो देश के लिए बहुत बड़ा संकट आ जाएगा. प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे देश 21 साल पीछे चला जाएगा. ये 21 दिन आप खुद को संभालिए. खुद पर संयम रखिए. लॉकडाउन की लक्ष्मणरेखा को मानिए. आने वाले 21 दिन बहुत अहम है. यही प्रधानमंत्री ने बताया. इसी पर प्रधानमंत्री पर ज़ोर दिया है.

घर पर बैठकर आप क्या करें, ये भी प्रधानमंत्री ने बताया है. आप घर पर बैठकर उन Corona Fighters के बारे में सोचिए. उनके लिए दुआएं करिए. जो आपके जीवन को बचाने के लिए अपने जीवन को दांव पर लगा रहे हैं. इनमें डॉक्टर, नर्स, दूसरे स्वास्थ्य कर्मचारी, केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी, नगर निगम के कर्मचारी, पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी. ये सब Corona Fighters हैं. जिनका ज़िक्र आज प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में फिर किया.

अपने घरों में रहकर Lockdown का पालन करते हुए कोरोना वायरस को हराने में जुटे आम लोग को राहत देने के लिए आज केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े ऐलान किये हैं. जिनमें से कुछ बड़े ऐलानों के बारे में आपको बता देते हैं. जिनका सीधा संबंध आप से है. वित्त वर्ष 2018-19 के लिये Income Tax Return भरने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है. Return देरी से भरने पर 12 प्रतिशत की बजाय 9 प्रतिशत चार्ज लिया जाएगा. आधार को PAN Card से Link करने की तारीख भी 30 जून कर दी गई है. savings bank accounts में Minimum Balance Charges से पूरी तरह छूट दी गई है. अगले तीन महीने तक किसी भी बैंक के ATM से पैसा निकालने पर कोई Charge नहीं लिया जाएगा. मार्च,अप्रैल और मई के GST Return भरने की अंतिम तारीख 30 जून तक बढ़ा दी गई है.

यह भी देखें:-

आम लोगों को राहत देने वाले ऐलान करने के दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात के भी संकेत दिये हैं कि जल्द ही कोरोना वायरस से प्रभावित Sectors के लिए भी राहत पैकेज की घोषणा की जा सकती है. दुनिया भर के कई डॉक्टरों का मानना है कि सूंघने की शक्ति खत्म होना और खाने पीने की चीज़ों स्वाद ना ले पाना भी Corona Virus के लक्षण हो सकते हैं .

ब्रिटेन के Ear, Nose and Throat यानी ENT डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर आप चीज़ों को Smell या Taste नहीं कर पा रहे हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. क्योकि ये Corona Virus के भी लक्षण हो सकते हैं.डॉक्टरों का मानना है कि हो सकता है कि आपको सूखी खांसी, गले में दर्द, बुखार, और बदन में दर्द जैसी परेशानिया ना हो. लेकिन स्वाद लेने और सूंघने की क्षमता में आई कमी भी Corona Virus के संक्रमण का इशारा कर सकती है. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि जिन लोगों में ये दोनों लक्षण दिखाई दे रहे हैं. वो भी खुद को कम से कम सात दिनों के लिए Isolate कर लें. ENT और आंखों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को भी सलाह दी जा रही है कि वो Corona Virus के संदिग्ध मरीज़ों की जांच करते हुए सावधानी बरतें.

Taste और Smell करने की क्षमता में कमी आना Anosmia कहलाता है. दक्षिण कोरिया में इस वायरस के 2 हज़ार मरीज़ों में से 30 प्रतिशत ऐसे थे. जिनमें Virus का कोई और लक्षण नहीं था लेकिन उन्हें Anosmia हो गया था. आपको याद रखना होगा कि Corona Virus का अभी कोई इलाज नहीं है. इस वैक्सीन या दवा तैयार होने में अभी कई महीनों का समय लग सकता है. इसलिए इन छोटे छोटे लक्षणों के प्रति सतर्क रहें. और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें.