DNA ANALYSIS: 'लोकल के लिए वोकल' का संदेश दे रहीं लद्दाख की कुंजेस आंगमो

29 वर्ष की कुंजेस आंगमो पिछले 4 वर्षों से Made In India की राह पर चल रही हैं.

DNA ANALYSIS: 'लोकल के लिए वोकल' का संदेश दे रहीं लद्दाख की कुंजेस आंगमो

नई दिल्ली: मंगलवार को Zee News ने Made In China के जवाब में Made In India मुहिम की शुरुआत की थी और पूरी दुनिया को बताया था कि हम कैसे चीन को जवाब दे सकते हैं. लेकिन बहुत सारे लोग इस मुहिम का मजाक बनाते हुए ये कह रहे हैं कि भारत Made In India के जरिए Made In China को जवाब नहीं दे सकता. क्योंकि भारत की स्थिति अभी उतनी मजबूत नहीं है. लेकिन ऐसे सवाल उठाने वाले लोगों को आज हम लद्दाख लेकर चलना चाहते हैं. जहां 29 वर्ष की एक महिला पिछले 4 वर्षों से Made In India की राह पर चल रही हैं.

इस महिला ने लद्दाख के स्थानीय प्रोडक्ट्स को इंटरनेशनल ब्रांड्स में बदल दिया है. इनका नाम है- कुंजेस आंगमो. कुंजेस आंगमो ने इस मुश्किल काम को कैसे अंजाम दिया और कैसे उन्होंने पूरी दुनिया को ये बताया कि Made In India सिर्फ एक सपना नहीं बल्कि सत्य है. ये जानने के लिए आपको आज ये कहानी देखनी चाहिए.

कुंजेस आंगमो की कहानी

दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद जब कुंजेस आंगमो ने चार साल पहले तय किया कि वो वापस लद्दाख लौटेंगी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए काम शुरु करेंगी, तब वो सिर्फ 25 वर्ष की थीं. पिछले चार वर्षों में वो वोकल फॉर लोकल की ब्रांड एंबेसडर बन चुकी हैं. 

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 25 लाख रुपये का लोन लेकर लद्दाख की महिलाओं के साथ कुंजेस आंगमो ने पश्मीना शॉल और वूलन पर काम करने की शुरुआत की. आज 100 से ज्यादा महिलाएं उनके इस मेड इन इंडिया स्टार्टअप से जुड़ चुकी हैं. और यूरोप से भी उनके उत्पादों की डिमांड आने लगी है.

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मंगलवार को हमने Zee News पर Made In India मुहिम की शुरुआत की थी और एक नंबर जारी करते हुए आपसे इस नंबर पर मिस्ड कॉल देने की अपील की थी. हमारी इस अपील को देश भर से जबरदस्त समर्थन मिला है और 24 घंटे के भीतर इस नंबर पर 25 लाख से ज्यादा मिस्ड कॉल आ चुकी हैं.

यानी हमें इस नंबर पर हर घंटे एक लाख से ज्यादा और हर मिनट 5 हजार कॉल्स आ रही हैं. ये अपने आप में दुनिया का सबसे बड़ा ओपीनियन पोल है , क्योंकि किसी देश में एक साथ इतने लोगों ने कभी अपनी राय इस तरीके से नहीं रखी है. लेकिन फिर भी हम कहेंगे कि ये रिस्पॉन्स कम है क्योंकि आपके पास इससे भी ज्यादा शक्ति है और अभी आप इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे. ये चीन जैसे विशाल देश को सबसे कड़ा जवाब होगा इसलिए आपके पास आलस दिखाने की कोई गुंजाइश नहीं है. हम आपको सीमा पर बंदूक उठाकर चीन से लड़ने के लिए नहीं कह रहे. हम आपसे सिर्फ मोबाइल फोन उठाने की अपील कर रहे हैं और अगर आपने इस मुहिम में हमारा साथ नहीं छोड़ा तो हमारी ये मुहिम चीन के खिलाफ क्रांति का सबसे बड़ा मंच बन जाएगी और जब भारत के 137 करोड़ लोग एक साथ आकर इस मंच से अपनी आवाज उठाएंगे तो इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देगी. इसलिए अगर अब तक आपने इस नंबर पर मिस्ड कॉल नहीं दी है तो आप इसमें देर ना करें और भारत की आवाज पूरी दुनिया तक पहुंचाने में हमारी मदद करें.

क्या आप जानते हैं कि दुनिया के करीब 90 देश ऐसे हैं जिनकी आबादी 25 लाख भी नहीं है. जबकि हमें इससे ज्यादा मिस्ड कॉल आ चुकी हैं. यानी अगर हमें मिस्ड कॉल देने वाले लोग इन देशों के नागरिक होते तो ये लोग वहां पूर्ण बहुमत से सरकार बनवा देते. पिछले साल सऊदी अरब जाकर हज करने वाले लोगों की संख्या 24 लाख थी. जबकि हमें मिस्ड कॉल देने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो चुकी है. अगर ये लाखों लोग एक साथ सड़क पर आ जाएं और चीन के खिलाफ अपनी आवाज उठा दें तो तो ये दुनिया का सबसे बड़ा गैर धार्मिक जमावड़ा होगा.

स्वदेशी हमारे DNA में है और हमारे संस्कारों में है. लेकिन विदेशों पर निर्भरता बढ़ाकर हमने इन संस्कारों को धीरे-धीरे पीछे धकेल दिया. लेकिन Zee News अब इस स्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है. और इसी का नतीजा ये है कि जब कोई पूछता है कि क्या चल रहा है तो लोग कहते हैं मेड इन इंडिया चल रहा है.

एक दिन में ही हमें मिस्ड कॉल देने वालों की संख्या 25 लाख से ज्यादा हो चुकी है. यानी अगर आपने थोड़ी मेहनत और की तो जल्द ही हम एक करोड़ के आंकड़े तक पहुंच जाएंगे. लेकिन हमारा मकसद ये है कि इस मुहिम में कुछ लाख या कुछ करोड़ लोग नहीं बल्कि पूरा भारत एक साथ आगे आए. भारत की शक्ति भारत की संख्या में ही छिपी है और एक लोकतांत्रिक देश में संख्या की शक्ति क्या होती है इसे आपको अमेरिका के एक उदाहरण से समझना चाहिए.

1963 में अमेरिका में अश्वेतों के खिलाफ होने वाले भेदभाव के विरोध में एक बड़ा आंदोलन चल रहा था. जिसका नेतृत्व महान क्रांतिकारी मार्टिन लूथर किंग जूनियर कर रहे थे. 28 अगस्त 1963 को मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नेतृत्व में 2 लाख लोगों ने अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक मार्च निकाला था. इसी मार्च के दौरान मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने अपना विश्व प्रसिद्ध भाषण I Have A Dream दिया था. कहा जाता है कि इस मार्च और किंग के भाषण ने अमेरिका के इतिहास को बदलकर रख दिया और आने वाले कुछ वर्षों में अमेरिका में अश्वेतों को बराबरी का दर्जा मिल गया. इसी तरह से आज से करीब 90 वर्ष पहले महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह की शुरुआत की थी तब उनके साथ सिर्फ 60 हजार लोग थे और ये भारत की आजादी की लड़ाई में एक बहुत बड़ा पड़ाव था. जबकि आज Zee News द्वारा शुरू की गई Made In india डिजिटल क्रांति के साथ 25 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. और अब इन लोगों की आवाज को दबाना ना तो टुकड़े-टुकड़े गैंग के लिए संभव है और ना ही उस सबूत गैंग के लिए संभव है जो चीन के खिलाफ भारत की रणनीतियों पर सवाल उठाता है और सबूत मांगकर पूछता है कि ऐप्स को बैन कर देने या मिस्ड कॉल की मुहिम शुरू करने से क्या होगा?

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