DNA ANALYSIS: 172 देशों के 4 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से प्रभावित, 19 हजार की मौत

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के 4 लाख से भी ज़्यादा मामले आ चुके हैं. दुनिया के 172 देश इस वायरस की चपेट में हैं. 

DNA  ANALYSIS: 172 देशों के 4 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से प्रभावित, 19 हजार की मौत

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के 4 लाख से भी ज़्यादा मामले आ चुके हैं. दुनिया के 172 देश इस वायरस की चपेट में हैं. 19 हज़ार से भी ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं. अमेरिका की अर्थव्यस्था भारत के मुकाबले 8 गुना बड़ी है. लेकिन Corona Virus के सामने अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी घुटने टेक रहा है. अमेरिका दुनिया में इस Virus का नया केंद्र बनता जा रहा है. अमेरिका में इस Virus के 50 हज़ार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और अकेले New York में ही 25 हज़ार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं. अमेरिका में इस Virus से 700 से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है. न्यू यॉर्क में इस महामारी से 210 लोगों की मौत हो चुकी है.

अमेरिका ने अब इस महामारी से निपटने के लिए अपने सभी 50 राज्यों में सेना उतार दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ये युद्ध जैसे हालात हैं और इनसे युद्ध स्तर पर ही निपटा जा सकता है. इटली में इस Virus से होने वाली मौतों का सिलसिला अब भी नहीं रुक रहा. इटली में अब तक 6 हज़ार 830 लोगों की मौत हो गई है. कल इटली में एक ही दिन में 743 लोगों की मौत हो गई थी. लेकिन अच्छी बात ये है कि इटली में संक्रमण की रफ्तार कुछ कम हुई है. और इस रविवार से इसमें और गिरावट आ सकती है. फ्रांस चीन, इटली, स्पेन और इरान के बाद ऐसा पांचवा देश बन गया है. जहां इस Virus से 1 हज़ार से ज्यादा मौते हुई हैं. फ्रांस में 15 दिनों के लिए लगाया गया Lock Down 6 हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है. सिर्फ मंगलवार को ही फ्रांस में इस महामारी से 240 लोगों की मौत हो गई थी.

स्पेन में 40 हज़ार से ज्य़ादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और वहां 2 हज़ार 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. लेकिन दुख की बात ये है कि स्पेन के कई Retirement homes में बड़ी संख्या में बुजुर्गों की मौत हो रही है और ज्यादातर Retirement homes में इनकी देखभाल करने वाले इन्हें छोड़कर जा चुके हैं. स्पेन की सेना को लगातार ऐसे बुजुर्गों की लाशें मिल रही हैं, जिन्हें उनके अपनों ने ही अकेले छोड़ दिया था. यानी एक तरफ तो ये Virus दुनिया को एकजुटता दिखाने का संदेश दे रहा है. दूसरी तरफ इसने बड़े बडे संभ्रात देशों का असली चेहरा भी दुनिया को दिखा दिया है.

ब्रिटेन में भी हालात अच्छे नहीं हैं. ब्रिटेन में 8 हज़ार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस चार्ल्स भी Corona Virus से संक्रमित हो गए हैं. प्रिंस चार्ल्स ब्रिटेन की महारानी के सबसे बड़े पुत्र हैं और उनकी उम्र 71 साल है. ज़ाहिर है ये VIrus ना तो राजा महाराजाओं से डरता है और ना ही गरीबों पर रहम करता है. इस Virus के आगे राजा और रंक बराबर हैं. इसलिए आपको स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए.

कोरोना वायरस का दुनिया भर में Export करने वाला चीन अब चैन-सुकून से है. कोराना वायरस की फैक्ट्री चीन का Hubei प्रांत था. वहां दो महीने के Lockdown के बाद अब लोग काम पर लौटने लगे हैं. सरकार ने Lockdown वाले प्रतिबंधों को हटाना शुरू कर दिया है. दो महीने से चीन ने Hubei में किसी के आने जाने पर रोक लगा रखी थी. अब जो रास्ते बंद किए गए थे, वो खोल दिए गए हैं. expressway खोल दिए गए हैं. चीन में कोरोना वायरस के 47 नए मामले आए हैं. लेकिन ये सभी चीन के बाहर से आए लोगों के मामले हैं. Hubei के wuhan शहर में पिछले एक हफ्ते में एक भी मामला नहीं आया है.

यहां से फैले कोरोना वायरस से अब पूरी दुनिया में त्रासदी आ चुकी है लेकिन हैरानी की बात ये है कि संयुक्त राष्ट्र में अब तक इस संकट पर कोई चर्चा हो नहीं सकी है. यही कहा जा रहा है कि चीन की वजह से संयुक्त राष्ट्र में कोरोना वायरस पर चर्चा नहीं हो पाई. चीन के पास United Nations Security Council की Presidency है. यही वजह है कि वो बहस में रुकावट बन रहा है. दुनिया भर के लोग उम्मीद कर रहे है कि गर्मी बढ़ने के साथ साथ Corona Virus का प्रकोप कम हो जाएं. लेकिन क्या वाकई तापमान बढ़ने के साथ साथ इस वायरस के संक्रमण में कमी आएगी?

चीन के कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा संभव है. चीन की एक UNIVERSITY के शोध में पता चला है कि गर्मी और उमस इस Virus के संक्रमण की रफ्तार को कम कर सकती है. ये शोध चीन के 100 शहरों पर किया गया है. स्टडी में पाया गया कि जैसे जैसे तापमान बढ़ता है इस Virus के संक्रमण की दर में कमी आती है. लेकिन ये कमी बहुत ज्यादा नहीं है. रिसर्च के मुताबिक 1 डिग्री तापमान बढ़ने पर इस वायरस के संक्रमण में 0.0383 प्रतिशत की कमी आ सकती है और 1 प्रतिशत Humidity बढ़ने पर वायरस के संक्रमण में 0.0224 की कमी आती है.

तापमान में बढ़ने पर Virus के फैलने की दर में कमी आ सकती है..लेकिन ये पूरी तरह रुकेगा नहीं. गर्मी से आम तौर पर ज्यादातर Virus मारे जाते हैं. जिन देशों में ये महामारी बहुत तेज़ी से फैली वहां शुरुआत में तापमान कम था. जैसे दक्षिण कोरिया, जापान और ईरान और सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड जैसे गर्म और उमस भरे देशों में ये Virus उतनी तेज़ी से नहीं फैला. 

अमेरिका की UNIVERSITY OF MARYLAND SCHOOL OF MEDICINE में भी इस संदर्भ में एक स्टडी की गई है. इस रिसर्च में पाया गया कि Virus उन देशों में सबसे ज्यादा तेज़ी से फैला जहां तापमान 5 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच था. इनमें चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, ईरान, इटली, फ्रांस और अमेरिका के कुछ हिस्से शामिल थे . इस स्टडी में कहा गया है कि ये Virus एक मौसमी बीमारी बन जाएगा..जिससे हर साल लोग संक्रमित होंगे.

लेकिन दोनों की ही रिसर्च से साफ है कि गर्मी से इस Virus की रफ्तार कम हो सकती है. लेकिन ये पूरी तरह से रुकेगा नहीं. इसलिए भारतीयों को लापरवाह होने की ज़रूरत नहीं है.