DNA ANALYSIS: चीन के चक्कर में पड़े नेपाल की 'नक्शेबाजी' का विश्लेषण

नेपाल की 1400 किलोमीटर लंबी सीमा चीन के साथ लगती है. लेकिन सांस्कृतिक रूप से हमेशा भारत के करीब रहा नेपाल अब चीन की चाल में फंस गया है.

DNA ANALYSIS: चीन के चक्कर में पड़े नेपाल की 'नक्शेबाजी' का विश्लेषण

नई दिल्ली: चीन के बाद अब हम चीन के नए दोस्त नेपाल की बात करेंगे. नेपाल के साथ भारत की सीमा करीब 1700 किलोमीटर लंबी है और इसके 98 फीसदी हिस्से पर दोनों देशों के बीच कोई विवाद नहीं है. लेकिन नेपाल ने चीन के इशारे पर एक छोटे से सीमा विवाद को बहुत बड़े झगड़े का रूप दे दिया है.

कुछ दिनों पहले नेपाल ने उत्तराखंड के कुछ इलाकों को अपने देश का हिस्सा बताया था. इनमें उत्तराखंड का लिपुलेख, कालापानी और लिंपिया धुरा शामिल है. नेपाल ने एक नया नक्शा जारी करके इन इलाकों पर अपना दावा किया था. अब नेपाल की संसद के दोनों सदनों ने इस नक्शे को मान्यता दे दी है और अब नेपाल के संविधान में संशोधन के जरिए इस नक्शे को कानूनी मान्यता भी मिल गई है.

भारत ने नेपाल के इस कदम पर निराशा जाहिर की है. लेकिन सवाल ये है कि नेपाल आखिर ऐसा कर क्यों रहा है और नेपाल का इरादा क्या है. नेपाल की मंशा समझने के लिए आपको चीन की मंशा समझनी होगी. नेपाल की 1400 किलोमीटर लंबी सीमा चीन के साथ लगती है. लेकिन सांस्कृतिक रूप से हमेशा भारत के करीब रहा नेपाल अब चीन की चाल में फंस गया है.

दरअसल, इस वक्त नेपाल में एक कम्यूनिस्ट सरकार है और चीन में भी कम्यूनिस्ट सरकार है. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का उन्हीं की पार्टी में विरोध हो रहा था और चीन ने ही इसमें दखलअंदाजी करके उनकी कुर्सी बचाई थी. अब केपी शर्मा ओली चीन का कर्ज उतार रहे हैं.

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चीन की शह पर नेपाल ने उत्तराखंड में भारत-नेपाल सीमा पर सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं. खबर ये भी है कि नेपाल ने सीमा के पास ही अपनी सीमा पुलिस और सेना के लिए अस्थाई टेंट भी लगाए हैं. यानी पहले भारत को सीमा पर सिर्फ पाकिस्तान और चीन से चुनौती मिल रही थी और अब नेपाल भी भारत को चुनौती दे रहा है.

हालांकि नेपाल जानता है कि वो सैन्य शक्ति के मामले में भारत के आगे कहीं नहीं टिकता लेकिन उसे चीन का समर्थन हासिल है और वो इसी का फायदा उठाकर भारत के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है. चीन, नेपाल को भारत के साथ युद्ध की स्थिति में एक बफर जोन के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है. यानी ऐसा इलाका जहां वो भारत की सीमा के बहुत करीब अपनी सेनाओं को तैनात कर सकता है. इसलिए अब भारत और चीन की सीमा के साथ-साथ भारत और नेपाल की सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है.

ताजा हालात पर ज़ी न्यूज़ की टीम ने उत्तराखंड में भारत और नेपाल की सीमा के पास से एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है. ये ग्राउंड रिपोर्ट देखकर आप ये समझ जाएंगे कि चीन, नेपाल को नया पाकिस्तान क्यों बनाना चाहता है.

आप भी देखें ये ग्राउंड रिपोर्ट...

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