DNA ANALYSIS: 3 महीने में 356 हाथियों की 'मर्डर मिस्ट्री'

वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि हाथियों की मौत के पीछे कोरोना वायरस की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.

DNA ANALYSIS: 3 महीने में 356 हाथियों की 'मर्डर मिस्ट्री'

नई दिल्ली: अफ्रीका के देश बोत्सवाना में 356 हाथियों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है. ये हाथी बोत्सवाना के मशहूर ओकावांगो डेल्टा में मारे गए हैं. अफ्रीका में सबसे ज्यादा हाथी यहीं पाए जाते हैं. यहां करीब एक लाख तीस हजार हाथी रहते हैं.

वैज्ञानिकों के मुताबिक हाथियों के शवों को देखकर लगता है कि कुछ ने एक झटके में दम तोड़ा है क्योंकि हाथियों का मुंह जमीन की तरफ है, जबकि कुछ की मौत धीरे-धीरे हुई. वैज्ञानिकों को लगता है कि ऐसा किसी जहर की वजह से हुआ है. या फिर किसी बैक्टीरिया या वायरस के कारण पहले हाथियों की मानसिक स्थिति बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई.

हालांकि वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि हाथियों की मौत के पीछे कोरोना वायरस की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.

लेकिन अधिकारी हाथियों के शिकार की संभावना से इनकार करते हैं क्योंकि उनके दांत नहीं निकाले गए हैं. मारे गए हाथियों के नमूनों को जांच के लिए दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और कनाडा भेजा गया है. जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है. जिसके बाद ही हाथियों की मौत की असली वजह का पता चलेगा.

वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड यानी WWF के मुताबिक दुनिया में सिर्फ साढ़े चार लाख हाथी बचे हैं. जिसमें से करीब चार लाख हाथी, 37 अफ्रीकी देशों में और चालीस से पचास हजार हाथी एशियाई देशों में रहते हैं. इसके बावजूद दुनियाभर में हर वर्ष हजारों हाथियों को उनके दांतों के लिए मार दिया जाता है. क्योंकि एक हाथी दांत की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये है. WWF के अनुसार हाथी दांत के लिए हर दिन औसतन सौ अफ्रीकी हाथियों की हत्या कर दी जाती है.