10 नवंबर की शाम को दिल्ली के लाल किला के पास आतंकी हमले में कई लोगों की जान चली गई. इसमें पाकिस्तान में मौजूद अफीरा बीबी का कनेक्शन भी बताया जा रहा है.
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Who is Afeera Bibi: आप समझ सकते हैं कि अगर आतंकी अपने मिशन में पूरी तरह कामयाब हो जाते तो ये कितना बड़ा हमला होता. इस आतंकी साजिश को लेकर एक खुलासा ये भी हुआ है कि इसके पीछे पाकिस्तान में बैठी एक महिला है. कल हमने आपको बताया था कि पुलवामा की तर्ज पर दिल्ली में भी ब्लास्ट की साजिश थी. अब दिल्ली धमाके का पुलवामा से एक और कनेक्शन सामने आ रहा है. नई जानकारी ये है कि जिस आतंकवादी ने पुलवामा ब्लास्ट की साजिश रची थी, उसी की बीवी ने दिल्ली को दहलाने की साजिश में अहम भूमिका निभाई.
कौन है 'बुर्का वाली बीबी'?
इस महिला का नाम अफीरा बीबी है और इसे आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन सईद का हैंडलर बताया जा रहा है. पुलवामा की रहने वाली 28 साल की अफीरा बीबी पिछले 6 साल से पाकिस्तान के बहावलपुर में रह रही है. वही बहावलपुर जहां जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर है. रिश्ते में ये जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर की बहू है.
अफीरा बीबी का कनेक्शन
जैश के हेडक्वार्टर से ही अफीरा बीबी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शाहीन सईद को जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड जमात-उल-मोमिनात के साथ जोड़ा. अफीरा बीबी ने इसके बाद डॉक्टर शाहीन को भारत में जमात-उल-मोमिनात की ब्रिगेड तैयार करने का काम सौंपा. अफीरा बीबी कश्मीर से कैसे जैश के हेडक्वार्टर तक पहुंची, ये बताने से पहले आपको जानना चाहिए कि डॉक्टर शाहीन से उसकी मुलाक़ात कैसे और कहां हुई. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड बनाने के दौरान अफीरा बीबी एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया चैनल और मैसेजिंग ऐप के जरिए डॉक्टर शाहीन के संपर्क में आई.
आतंकी महिला विंग
ऑनलाइन प्रचार और भर्ती अभियान के दौरान पिछले महीने दोनों के बीच वर्चुअल संपर्क हुआ था. अफीरा के कहने पर ही शाहीन भारत में जैश की सबसे बड़ी महिला ब्रिगेड तैयार करने में जुटी थी. शाहीन का काम संगठन से महिलाओं को जोड़कर उन्हें कट्टरपंथी बनाना था. खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने यानी अक्टूबर में अफीरा को जैश-ए-मोहम्मद की शूरा यानी सलाहकार परिषद में शामिल किया गया. उसकी भर्ती ख़ास तौर पर जैश की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात के लिए की गई थी.
मसूद अजहर की बहन का रोल
अफीरा को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के साथ भर्ती, कट्टरपंथ और संचालन की गतिविधियों की देखरेख का काम सौंपा गया है. अब आपको अफीरा के आतंकवादी पति उमर फ़ारूक़ के बारे में भी जानना चाहिए.
मसूद अजहर की बहू
पाकिस्तान के बहावलपुर का रहने वाला उमर फारूक जैश के प्रमुख मसूद अजहर का भतीजा था. इस तरह अफीरा, मसूद अजहर की बहू हुई. 2016 और 2017 में उमर फारूक ने अफगानिस्तान में विस्फोटकों और गुरिल्ला वॉर की ट्रेनिंग ली थी. 2017 के अंत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए जैश ने उमर फारूक को जम्मू-कश्मीर भेजा था. इसी दौरान पुलवामा की रहने वाली अफीरा के साथ उमर फारूक की मुलाकात हुई और बाद में दोनों ने शादी कर ली.
पुलवामा का मास्टरमाइंड
पुलवामा हमले को अंजाम देने के पीछे उमर फारूक का ही दिमाग बताया जाता है. पुलवामा हमले के डेढ़ महीने बाद 29 मार्च 2019 को सुरक्षा बलों ने नौगाम के पास उमर फारूक को मार गिराया था. उमर के एनकाउंटर के कुछ हफ़्तों के बाद अफीरा बीबी अचानक कश्मीर घाटी से गायब हो गई. उसका कोई अता-पता नहीं चल रहा था. कुछ महीनों के बाद खुफिया एजेंसियों को पता चला कि वो पाकिस्तान चली गई है और उसका ठिकाना सीधे जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर बन गया है.
पाकिस्तान में बना आई-कार्ड
पाकिस्तान में अफीरा बीबी का नेशनल आईडेंटिटी कार्ड भी बन चुकी है. जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर में रहने के दौरान शुरुआत में उसकी गतिविधियों के बारे में कुछ खास जानकारी नहीं है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हवाई हमलों में मसूद अज़हर के परिवार के कई लोगों के मारे जाने के बाद जैश ने पिछले महीने महिला ब्रिगेड बनाया. इसमें अफीरी बीबी को अहम ज़िम्मेदारी सौंपी गई. अब वो पूरी तरह से आतंकवादी गतिविधियों में एक्टिव हो गई है. बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने के बाद अफीरा का काम अज़हर मसूद की बहन के साथ मिलकर जैश की महिला ब्रिगेड को आगे बढ़ाना है. दिल्ली ब्लास्ट उसी कड़ी का हिस्सा है जिसके लिए उसने डॉक्टर शाहीन सईद को अपना मोहरा बनाया.
(इनपुट- टीम डीएनए)