DNA ANALYSIS: भारत को बनाना होगा आत्मनिर्भर, पीएम मोदी के 'मंगल संदेश' का पढ़ें विश्लेषण
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DNA ANALYSIS: भारत को बनाना होगा आत्मनिर्भर, पीएम मोदी के 'मंगल संदेश' का पढ़ें विश्लेषण

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने करीब 33 मिनट के संबोधन में 26 बार आत्मनिर्भर शब्द का इस्तेमाल किया.

DNA ANALYSIS: भारत को बनाना होगा आत्मनिर्भर, पीएम मोदी के 'मंगल संदेश' का पढ़ें विश्लेषण

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम एक संबोधन दिया जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस के बाद आगे का रोड मैप क्या होगा, इसके बारे में देश को बताया. लेकिन हम प्रधानमंत्री के भाषण का विश्लेषण करें उससे पहले आप इस भाषण की तीन सबसे बड़ी बातों को समझ लीजिए. 

सबसे बड़ी बात ये है कि संकट की इस घड़ी का भारत को फायदा उठाना होगा और आत्मनिर्भर बनना होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने करीब 33 मिनट के संबोधन में 26 बार आत्मनिर्भर शब्द का इस्तेमाल किया.

दूसरी बात ये है कि अब आगे का रास्ता लोकल में छिपा है, भारत को स्वदेशी के दम पर आत्मनिर्भर बनना होगा और लोकल को प्रति वोकल होना होगा. यानी जितना हो सके हमें भारत में बने प्रोडक्ट्स और सेवाओं का इस्तेमाल करना होगा.

और तीसरी महत्वपूर्ण बात ये है कि अब आपका जीवन सिर्फ कोरोना वायरस के आसपास नहीं घूमेगा. ये वायरस लंबे समय तक हमारे साथ रहने वाला है. लेकिन इसके बावजूद अब भारत के लोगों को आगे का रास्ता तय करना होगा. यानी आपको अपना जीवन बचाना भी है और आगे बढ़ना भी है. 

पीएम मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया है. इसके अलावा उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में कई ऐलान किए हैं. 

बहुत सारे लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि इस 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का फायदा देश के आम लोगों तक पहुंचेगा कैसे.

इसका फायदा मुख्य तौर पर तीन वर्गों को मिलेगा. पहला वर्ग उन श्रमिकों और गरीबों का है जो इस कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इसके पहले भी सरकार ने इस वर्ग के लिए कुछ राहत पैकेज की घोषणा की थी. इसके तहत गरीबों और श्रमिकों को जनधन खातों, आधार कार्ड और मोबाइल फोन के जरिए ये राहत पहुंचाई जा सकती है. इसे JAM भी कहा जाता है. 

दूसरा वर्ग, मध्यम वर्ग है. इस वर्ग को टैक्स और EMI में राहत दी जा सकती है. संभव है कि सरकार लोन पर ब्याज चुकाने की सीमा कुछ आगे बढ़ा दे और आपको अगले 6 से 12 महीनों के लिए ब्याज चुकाने से राहत मिल जाए. 

उद्योगपतियों को भी राहत पैकेज के जरिए कुछ राहत दी जा सकती है. ताकि कोरोना के बाद उद्योग धंधों को आगे बढ़ने में आसानी हो सके. 

देखें DNA-

इसके पहले सरकार गरीबों और श्रमिकों के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान कर चुकी है. इसके बाद RBI ने लोगों को कई तरह की राहत दी थी. लेकिन अब इसे और आगे बढ़ाया जाएगा. और इससे ज्यादा लोगों तक मदद पहुंच पाएगी. 

20 लाख करोड़ रुपए के इस आर्थिक पैकेज के बारे में विस्तार से तो वित्त मंत्री आने वाले दिनों में बताएंगी लेकिन इसके बारे में जो बड़ी बातें, जानकार बता रहे हैं, उसके मुताबिक उद्योगों को टैक्स में रियायत दी जा सकती है.

कारोबारियों को जीएसटी में छूट दी जा सकती है. आम लोगों के लिए आयकर में छूट मिल सकती है. जो लोग बैंक से लोन लेने के लिए जाएंगे, उन लोगों को बैंक से क्रेडिट गारंटी मिल सकती है. यानी आप लोन लेने जाएंगे तो आपको कोई गारंटी नहीं देनी पड़ेगी. हो सकता है कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों की सैलरी देने के लिए सरकार से अप्रत्यक्ष तौर पर कोई राहत मिले.

हो सकता है कि कर्मचारियों की भविष्य निधि में भी सरकार से कोई सहयोग मिले. इस आर्थिक पैकेज में किसानों के लिए सिंचाई और खाद-बीज पर कोई बड़ी राहत मिल सकती है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करना है इसलिए हो सकता है कि किसानों के उत्पाद बेचने का जो जरिया है, उसमें भी आर्थिक पैकेज की बड़ी रकम लगाई जाए.

इसके अलावा कोरोना के इस संकटकाल में जो नए उद्योग भारत में लगेंगे, उन्हें भी कई तरह की रियायतें दी जा सकती हैं. क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इसी बात पर जोर दिया है कि हमें आपदा को अवसर में बदलना है. आर्थिक पैकेज के बारे में ये भी कहा जा रहा है कि कमजोर तबके के लोगों यानी गरीब मजदूरों को सीधे सहायता दी जाए. 

आज प्रधानमंत्री ने लोकल पर भी जोर दिया और लोकल के लिए वोकल होने की बात भी कही. इस बात का क्या अर्थ है और ये मिशन कैसे भारत को दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बना सकता है ये हम आपको बताएंगे. 

कुल मिलाकर अब लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लोन पर बल देना होगा. आने वाले समय में भारत का भविष्य पांच स्तंभों पर टिका होगा. ये पांच स्तंभ हैं अर्थव्यवस्था , इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड और सप्लाई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अर्थव्यवस्था के मामले में बड़ी छलांग लगानी होगी. 

लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है. अब तक लॉकडाउन के 49 दिन हो चुके हैं. 17 मई को लॉकडाउन का तीसरा चरण खत्म हो रहा है और अब लॉकडाउन-4 की बात चल रही है. प्रधानमंत्री ने आज साफ कह दिया कि कोरोना लंबे वक्त तक हमारे जीवन का हिस्सा बना रहेगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम अपने लक्ष्यों को खुद से दूर होने देंगे. 

प्रधानमंत्री मोदी ने आज 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है. ये पाकिस्तान की कुल GDP का करीब 83 प्रतिशत है. पाकिस्तान की कुल GDP सिर्फ 24 लाख करोड़ रुपए है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये राहत पैकेज कितना बड़ा है. 

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने आज एक और महत्वपूर्ण बात कही है और वो ये है कि लॉकडाउन के बाद का भारत कर्तव्य, कर्मठता और कौशल के दम पर आगे बढ़ेगा. यानी भारत के लोगों को कर्तव्यों का पालन करना होगा, कर्मठता को अपनाना होगा और अपने कौशल को निखारना होगा. भविष्य की कुंजी यही है और इसी के दम पर भारत को आगे बढ़ना होगा. 

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