DNA ANALYSIS: पुलवामा में आतंकी हमले की साजिश नाकाम, जानें इनसाइड स्टोरी

आप पिछले वर्ष फरवरी महीने में हुए पुलवामा हमले को भूले नहीं होंगे. उस आतंकवादी हमले में CRPF के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे. जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कई कैंपों को तबाह कर दिया था.

DNA ANALYSIS: पुलवामा में आतंकी हमले की साजिश नाकाम, जानें इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली: आप पिछले वर्ष फरवरी महीने में हुए पुलवामा हमले को भूले नहीं होंगे. उस आतंकवादी हमले में CRPF के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे. जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कई कैंपों को तबाह कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान और उसके आतंकवादी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे. आज कश्मीर में सुरक्षाबलों ने पुलवामा जैसे एक और आतंकवादी हमले की साजिश को विफल कर दिया है. 

एक सफेद कार को सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह कंट्रोल ब्लास्ट करके उड़ा दिया. ये वही कार है जिसमें विस्फोटक भरकर, आतंकवादी, पुलवामा जैसे हमले को दोहराना चाहते थे. कार में चालीस से पचास किलो विस्फोटक रखा हुआ था. अगर आतंकवादी अपने इरादों में सफल हो जाते तो कितना नुकसान हो सकता था, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. Bomb Squad ने जब कार को ब्लास्ट किया तो उसका मलबा 50 मीटर ऊपर तक उड़ा. इस दौरान आसपास के इलाके को खाली करवा दिया गया था. 

दरअसल सुरक्षाबलों के पास पिछले एक हफ्ते से ये इनपुट था कि जैश ए मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी, पुलवामा जैसे किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं. जिसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ-साथ सेना भी अलर्ट पर थी. बुधवार की रात को पुलवामा जिले के राजपोरा इलाके में हाइवे पर नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध गाड़ी को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन जब ये कार नहीं रुकी तो पुलिस ने फायरिंग की. लेकिन आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर कार को हाइवे पर ही छोड़कर भाग गया. 

जिसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने Bomb Disposal Squad को बुला लिया. सुबह जब ये Squad मौके पर पहुंची तो उसे कार के अंदर विस्फोटक मिले. इस बड़ी आतंकवादी साजिश को नाकाम करने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इससे जुड़े कई खुलासे किए हैं. 

देखें DNA- 

जैसे कि सफेद रंग की इस Santro Car का रजिस्ट्रेशन, Two Wheeler का था. इस कार को हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकवादी आदिल चला रहा था. इत्तेफाक की बात ये है कि जिस आतंकवादी ने पिछले वर्ष पुलवामा में गाड़ी में विस्फोटक भरकर CRPF के काफिले पर हमला किया था, उसका नाम भी आदिल था. जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक IED तैयार करने और उसे कार में Plant करने के पीछे पाकिस्तानी आतंकवादी और जैश के कमांडर, वलीद का हाथ हो सकता है. 

कश्मीर पुलिस के मुताबिक इस साजिश के पीछे मुख्य रुप से जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था जिसमें हिजबुल मुजाहिदीन भी उसे मदद कर रहा था. 

लेकिन सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. इस बड़ी कामयाबी पर Zee News ने कश्मीर पुलिस के IG विजय कुमार से खास बातचीत की है. 

इसमें कोई संदेह नहीं कि पुलवामा हमले जैसी साजिश नाकाम होने से आतंकवादियों के हौसले पस्त हो गए होंगे. लेकिन आतंकवादियों के हौसले पस्त करना एक बात है और आतंकवाद को जड़ से मिटाना अलग बात है. क्योंकि आतंकवाद तभी मिटेगा, जब आतंकवाद के Poster Boys मारे जाएंगे. कश्मीर में सुरक्षाबलों के टारगेट पर हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के Top Commanders हैं. इसी महीने सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू को एनकाउंटर में मारा था. हो सकता है कि आतंकवादियों ने इसी का बदला लेने के लिए एक बार फिर से पुलवामा जैसे हमले की साजिश रची.  

सूत्रों के मताबिक सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में सक्रिय 10 ऐसे बड़े आतंकवादियों की एक हिट लिस्ट तैयार की है, जिन्हें आने वाले दिनों में मारने का टारगेट है. इस लिस्ट में सबसे पहला नाम हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैफुल्लाह उर्फ गाजी हैदर का है, जिसे रियाज नायकू के मारे जाने के बाद घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन की जिम्मेदारी दी गई है. कश्मीर में सुरक्षाबलों की नीति ये है कि जब बड़े आतंकवादी मारे जाएंगे तभी आतंकवादी संगठनों में नई भर्तियां रुकेंगी.